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Jammu News: आठ महीने से छह ठेकेदारों ने आठ जगहों पर नहीं बिछाई पानी की पाइपलाइन
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जल शक्ति विभाग में ठेकेदारों की मनमानी ने अफसरों को परेशान कर दिया है। जल जीवन मिशन के तहत एक कंपनी को आठ जगहों पर पाइपलाइन बिछाने के साथ कनेक्शन देने का काम आवंटित किया गया, लेकिन आठ महीने बीतने के बाद भी छह ठेकेदारों ने काम शुरू नहीं किया। इससे करीब 10 हजार लोगों को साफ पानी के लिए कम से कम एक साल और इंतजार करना पड़ेगा। लोगों की नाराजगी को देखते कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की तैयारी शुरू हो चुकी है।
जल जीवन मिशन योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पाइपलाइन के जरिए घर-घर पेयजल पहुंचाया जाना है। इसके लिए जल शक्ति विभाग ने कंपनियों को पाइपलाइन बिछाने का काम सौंपा। एक फर्म को ग्रामीण क्षेत्रों में अलग-अलग आठ जगहों पर जिम्मेदारी सौंपी। जब अधिकारी दौरे पर गए तो किसी भी स्थान पर काम चलता नहीं मिला। इस पर कंपनी के ठेकेदारों को बुलाया गया, मगर वे नहीं आए। लगभग आठ महीने से लापरवाही का सिलसिला चलता रहा। विभागीय जानकार बताते हैं - पूरी प्रक्रिया नए सिरे से शुरू करने और फिर इसे अमलीजामा पहनाने में कम से कम एक साल का समय लग जाएगा। इस कारण लगभग 10 हजार आबादी को साफ पानी के लिए एक और साल का इंतजार करना पड़ सकता है। वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया है। इसके बाद भी ठेकेदारों ने काम शुरू नहीं किया। अब कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। फर्म को ब्लैक लिस्ट किया जाना तय है।
राजनीति हावी, चहेते बने ठेकेदार
ठेकेदारी के कामकाज पर राजनीति भी भारी पड़ रही है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि ज्यादातर काम अनुभवहीन ठेकेदारों को दिया गया है। इसके चलते जहां पर काम चल रहे हैं, वहां ठेकेदार समय पर और बेहतर गति से काम नहीं कर पा रहे। वहीं, ठेकेदारों की मनमानी के सामने अफसर भी नतमस्तक हैं, क्योंकि लंबे समय से काम अधूरा छोड़ने के बाद भी केवल नोटिस की औपचारिकता की जा रही है। जल शक्ति विभाग सख्त रवैया अपनाने को तैयार नहीं है।
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संबंधित फर्म की ओर से कई महीने बीतने पर भी काम शुरू नहीं किया गया। जल्द फर्म के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए काली सूची में डाला जाएगा।
नरिंदर सिंह, कार्यकारी अभियंता जल शक्ति (पीएचई) यांत्रिकी
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जम्मू। जल शक्ति विभाग में ठेकेदारों की मनमानी ने अफसरों को परेशान कर दिया है। जल जीवन मिशन के तहत एक कंपनी को आठ जगहों पर पाइपलाइन बिछाने के साथ कनेक्शन देने का काम आवंटित किया गया, लेकिन आठ महीने बीतने के बाद भी छह ठेकेदारों ने काम शुरू नहीं किया। इससे करीब 10 हजार लोगों को साफ पानी के लिए कम से कम एक साल और इंतजार करना पड़ेगा। लोगों की नाराजगी को देखते कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की तैयारी शुरू हो चुकी है।
जल जीवन मिशन योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पाइपलाइन के जरिए घर-घर पेयजल पहुंचाया जाना है। इसके लिए जल शक्ति विभाग ने कंपनियों को पाइपलाइन बिछाने का काम सौंपा। एक फर्म को ग्रामीण क्षेत्रों में अलग-अलग आठ जगहों पर जिम्मेदारी सौंपी। जब अधिकारी दौरे पर गए तो किसी भी स्थान पर काम चलता नहीं मिला। इस पर कंपनी के ठेकेदारों को बुलाया गया, मगर वे नहीं आए। लगभग आठ महीने से लापरवाही का सिलसिला चलता रहा। विभागीय जानकार बताते हैं - पूरी प्रक्रिया नए सिरे से शुरू करने और फिर इसे अमलीजामा पहनाने में कम से कम एक साल का समय लग जाएगा। इस कारण लगभग 10 हजार आबादी को साफ पानी के लिए एक और साल का इंतजार करना पड़ सकता है। वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया है। इसके बाद भी ठेकेदारों ने काम शुरू नहीं किया। अब कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। फर्म को ब्लैक लिस्ट किया जाना तय है।
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राजनीति हावी, चहेते बने ठेकेदार
ठेकेदारी के कामकाज पर राजनीति भी भारी पड़ रही है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि ज्यादातर काम अनुभवहीन ठेकेदारों को दिया गया है। इसके चलते जहां पर काम चल रहे हैं, वहां ठेकेदार समय पर और बेहतर गति से काम नहीं कर पा रहे। वहीं, ठेकेदारों की मनमानी के सामने अफसर भी नतमस्तक हैं, क्योंकि लंबे समय से काम अधूरा छोड़ने के बाद भी केवल नोटिस की औपचारिकता की जा रही है। जल शक्ति विभाग सख्त रवैया अपनाने को तैयार नहीं है।
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संबंधित फर्म की ओर से कई महीने बीतने पर भी काम शुरू नहीं किया गया। जल्द फर्म के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए काली सूची में डाला जाएगा।
नरिंदर सिंह, कार्यकारी अभियंता जल शक्ति (पीएचई) यांत्रिकी