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J&K : बर्फ कम गिरने से बढ़ी आतंकी घटनाएं, मौसम की बेरुखी से सुरक्षा चुनौती, घुसपैठ के अधिकतर रास्ते खुले
Thu, 06 Feb 2025 01:10 PM IST
निकिता गुप्ता
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: निकिता गुप्ता
Updated Thu, 06 Feb 2025 01:10 PM IST
सार
पुंछ जिले में कम बर्फबारी के कारण आतंकियों की घुसपैठ बढ़ने की आशंका है, जिससे सुरक्षा खतरे में है।
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सुरक्षाबल
- फोटो : बासित जरगर
विस्तार
जिले में नियंत्रण रेखा पर आतंकी गतिविधियां फिर से जोर पकड़ने लगी हैं। अभी बर्फ न गिरने के कारण इनमें बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। बर्फबारी से पहले-पहले आतंकी ज्यादा से ज्यादा संख्या में घुसपैठ की फिराक में रहते हैं। पिछले तीन वर्षों से भारत-पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा पर चल रहे संघर्ष विराम के बीच आतंकी घटनाओं ने लोगों को चिंतित कर दिया है।
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जानकारी के अनुसार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकी संगठनों के नापाक मंसूबों को लेकर भारतीय सेना एवं अन्य सुरक्षाबल सीमावर्ती क्षेत्रों में बर्फ गिरने से पहले ज्यादा सतर्क रहते हैं। घुसपैठ संभावित क्षेत्र होने के चलते जिले में भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध हैं।
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इसके परिणाम स्वरूप पिछले साल दिसंबर में जिले के गुलपुर करमाड़ा सेक्टर में सुरक्षाबलों ने घुसपैठ की कोशिश को नाकाम बनाते हुए दो आतंकियों को मार गिरया था। इस बार जिले में उंचाई वाले क्षेत्र में काफी कम बर्फबारी हुई है। इसके चलते आतंकियों के लिए घुसपैठ करने के अधिकतर रास्ते खुले हैं और उन्हें समय भी ज्यादा मिल गया है। इसलिए आतंकियों की घुसपैठ के प्रयास तेज हो गए हैं। पहले आतंकी मार्च अंत और अप्रैल के शुरू में घुसपैठ के प्रयास करते थे, लेकिन मौसम की बेरुखी के कारण इनके प्रयास बढ़ गए हैं।
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