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अब बाढ़ आने से पहले चल जाएगा पता
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sun, 18 Jan 2015 05:00 PM IST
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रियासत में आई भीष्ण बाढ़ से सबक लेते हुए अब रियासत में बाढ़ पूर्वानुमान प्रणाली स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। केंद्रीय जल आयोग के साथ मिलकर रियासत की 25 जगहों पर बाढ़ पूर्वानुमान प्रणाली सयंत्र को लगाया जाएगा। बाढ़ पूर्वानुमान प्रणाली सयंत्र को 12वीं पंचवर्षीय योजना (2017 से पहले) के तहत लगाया जाएगा।
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बाढ़ पूर्वानुमान प्रणाली के न होने कारण ही बीते साल रियासत में भीष्ण बाढ़ के आने का पता नहीं चल सका था। जानकारों का कहना है कि अगर रियासत में ऐसा सिस्टम पहले से ही होता तो बाढ़ के आने से पहले ही इस बारे में पता लगाया जा सकता था। इससे रियासत को भारी तबाही से बचाया जा सकता था।
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बता दें कि बाढ़ में 283 लोगों की जान गई थी जबकि पचास हजार करोड़ से भी ज्यादा का नुकसान हुआ था। नए सिस्टम के तहत नदियों के जल स्तर को हर घंटे मापा जाएगा जबकि मौजूदा सिस्टम में करीब आठ घंटों के अंतराल पर नदियों के जल स्तर को मापा जाता है।
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बता दें कि एक संसदीय समिति ने रियासत में बाढ़ पूर्वानुमान प्रणाली सयंत्र स्थापित करने की सिफारिश की थी। केंद्रीय जल आयोग के पास चिनाब वैली में 11 हाइड्रोलॉजिकल आब्जर्वर है लेकिन इनकी मदद से बाढ़ का पूर्वानुमान नहीं हो पाता है।