J&K News: उत्तर भारत का पहला राजकीय होम्योपैथिक कॉलेज कठुआ में खुला, पहले बैच में 63 छात्रों के लिए एडमिशन
उत्तर भारत के पहले राजकीय होम्योपैथिक कॉलेज कठुआ में इसी सत्र से कक्षाएं शुरू होंगी, जिसमें बीएचएमएस के 63 विद्यार्थियों के पहले बैच को नेशनल कमीशन फॉर होम्योपैथी ने मंजूरी दी है।
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उत्तर भारत के पहले होम्योपैथिक कॉलेज में एक माह में कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय, नेशनल कमीशन फॉर होम्योपैथी ने राजकीय होम्योपैथिक कॉलेज और अस्पताल में इसी सत्र से 63 सीट के साथ अंडर ग्रजुऐट, बीएचएमएस कोर्स के लिए कक्षाएं शुरू करने की अनुमति दे दी है। राजबाग के रख होशियारी में होम्योपैथिक कॉलेज की इमारत तैयार होने तक फिलहाल कक्षाएं जीएमसी कठुआ में चलेंगी। होम्योपैथिक कॉलेज की 30 बेड की आईपीडी शहर के बीचों बीच महात्मा गांधी अस्पताल में चलेगी।
जानकारी के अनुसार, 11 अक्टूबर को ही प्रदेश सरकार ने कॉलेज के प्रधानाचार्य का अतिरिक्त प्रभार जीएमसी कठुआ के प्रधानाचार्य को सौंपा था। इसके साथ आठ फैकल्टी सदस्यों की नियुक्ति की थी। राजकीय होम्योपैथिक कॉलेज कठुआ के प्रभारी प्रधानाचार्य डॉ. सुरेंद्र कुमार अत्री ने बताया कि दो सप्ताह पूर्व ही उन्हें इस कॉलेज का प्रभार सौंपा गया है।
63 विद्यार्थियों के पहले बैच के साथ कक्षाएं इसी सत्र से शुरू करने की अनुमति मिली है। इसके बाद जम्मू-कश्मीर बोर्ड और प्रोफेशन एंट्रेंस एग्जामिनेशन को नीट के तहत काउंसलिंग को शेड्यूल में शामिल करने के लिए लिख दिया गया है। एक महीने के भीतर जीएमसी में होम्योपैथी का पहला बैच शुरू हो जाएगा।
57 कनाल भूमि पर बनेगा कॉलेज, 52.68 करोड़ की डीपीआर मंजूरी के लिए भेजी
जम्मू-कश्मीर होम्योपैथिक कॉलेज और सहायक अस्पताल का निर्माण कठुआ जिले के राजबाग से सटे रख होशियारी में किया जा रहा है। फिलहाल इसके लिए 57 कनाल जमीन पर चहारदीवारी का काम पूरा कर लिया गया है। 52.68 करोड़ की डीपीआर मंजूरी के लिए भेज दी गई है। अस्पताल में अकादमिक ब्लॉक, अस्पताल ब्लॉक और दो हॉस्टल होंगे। आयुष निदेशक डॉ. मोहन सिंह ने बताया कि परियोजना को तीन चरणों में पूरा किया जाना है। पहले चरण में 46 पदों को वित्तीय मंजूरी मिली है। तीन साल में यह होम्योपैथी कॉलेज और सहायक अस्पताल पूरी तरह से सक्रिय हो जाएगा। इसमें 120 पदों की जरूरत है।
शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों में नहीं भटकेंगे प्रदेश के भावी डॉक्टरनोडल अधिकारी डॉ. बीआर डब्ब का कहना है कि मौजूदा समय में हर साल 200 से अधिक विद्यार्थी होम्योपैथी की शिक्षा लेने के लिए पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली के निजी मेडिकल कॉलेजों में जा रहे हैं। यहां सरकारी मेडिकल कॉलेज बनने से विद्यार्थियों को अपने प्रदेश में ही होम्योपैथी की शिक्षा मिल सकेगी।
होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में पहले बैच को शीघ्र शुरू करने के लिए आयुष मंत्रालय से स्वीकृति प्रदान करवाने के लिए केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह का आभार। यह उत्तर भारत का पहला होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल होगा। मैं व्यक्तिगत रूप से जसरोटा निर्वाचन क्षेत्र और जिला कठुआ के सभी नागरिकों को बधाई देता हूं।
राजीव जसरोटिया, विधायक जसरोटा
कठुआ और जम्मू-कश्मीर के लिए यह एक बड़ी खुशखबरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष मंत्रालय के माध्यम से होम्योपैथिक कॉलेज में पहला बैच शुरू करने की मंजूरी दे दी है। यह कॉलेज क्षेत्र के लिए चिकित्सा शिक्षा का नया मार्ग खोलेगा। यह समग्र स्वास्थ्य सेवा के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।