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आयकर विभाग के रडार पर करदाता

Tue, 10 Feb 2015 07:41 PM IST
Updated Tue, 10 Feb 2015 07:41 PM IST
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itd having close eye on taxpayers

गलत एडवांस रिटर्न

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फाइल करने वाले रियासत के बड़े करदाता इन दिनों आयकर विभाग के रडार पर हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष को समाप्त होने में मात्र डेढ़ माह बचा है। विभाग ने लक्ष्य हासिल करने के लिए अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इसी क्रम में विभाग की विशेषज्ञ टीमों ने उन एडवांस रिटर्न का गहन अध्ययन करने के बाद सूची तैयार की है, जिनकी रिटर्न पर विभाग को गोलमाल नजर आया है।

इस सूची में शामिल लोगों का रिकार्ड खंगाला जा रहा है। आने वाले दिनों में आयकर की टीमें रियासत में एक्शन में नजर आएंगी। यानी गोलमाल करने वाले आयकर दाताओं पर छापे या सर्वे होने तय हैं। आयकर विभाग के प्रमुख आयुक्त (जेएंडके) एके ठटाई ने स्वीकार किया कि विभाग ऐसे लोगों पर पैनी नजर रख रहा है, जिन्होंने विभाग से अपनी आय का सही विवरण छुपाने की कोशिश की है।

इसके लिए बाकायदा वैसे लोगों की सूची तैयार कर उन पर टीमें लगी हुईं है। प्रमुख आयुक्त ने कहा कि जिन लोगों ने सही रिटर्न भरी है, उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है, लेकिन गलत लोगों को किसी हाल में नहीं बख्शा जाएगा।

बेवजह परेशान करना मकसद नहीं: प्रमुख आयुक्त

itd having close eye on taxpayers

उल्लेखनीय है कि आयकर विभाग के जम्मू कश्मीर कार्यालय को वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए सेंट्रल बोर्ड आफ डायरेक्ट टैक्सेज की ओर से 1400 करोड़ का लक्ष्य दिया गया था। रियासत में बाढ़ आने के कारण प्रमुख आयुक्त ने आपदा की परिस्थितियों को देखते हुए लक्ष्य कम करने की अपील की थी। इसके बाद बोर्ड ने लक्ष्य घटाकर 1125 करोड़ कर दिया, लेकिन अभी तक बोर्ड लक्ष्य से काफी दूर है।

ऐसे में विभाग के पास टैक्स कलेक्शन के लिए सख्त कदम उठाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बच जाता। प्रमुख आयुक्त ने कहा कि उनका मकसद किसी को बेवजह परेशान नहीं करना है। उन्होंने कहा कि बाढ़ के बाद रियासत की परिस्थितियों से वह भी अच्छी तरह अवगत हैं।

ऐसे में लोगों को खुद सही आयकर रिटर्न भरनी चाहिए, ताकि उन्हें कोई कड़े कदम उठाने की जरूरत ही न पड़े। गौरतलब है कि पिछले वित्तीय वर्ष में जेएंडके के लिए 880 करोड़ का लक्ष्य दिया गया था, जबकि विभाग ने लगभग 1100 करोड़ रुपये एकत्रित किए थे।

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