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Jammu News: आतंकियों का दोष सभी कश्मीरियों पर मढ़ना ठीक नहीं
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कुछ चैनल के पत्रकारों पर भड़के लोग, बोले- इस्लाम नहीं सिखाता कत्ल करना
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। लाल चौक पर सोमवार को वीडियो बना रहे कुछ चैनलों के पत्रकारों पर स्थानीय लोग भड़क गए। उनकी भाषा को सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने वाला बताते हुए हंगामा किया। लोगों का कहना था कि आतंकियों का दोष सभी कश्मीरियों पर मढ़ना ठीक नहीं है। इस्लाम मासूमों का कत्ल करना नहीं सिखाता।
पहलगाम में आतंकी हमले के बाद से लगभग सभी राष्ट्रीय समाचार चैनलों के पत्रकार कश्मीर में हैं। लाल चौक पर हर रोज वीडियो बनाए जा रहे हैं। यहां के लोगों और दुकानदारों का कहना है कि कई समाचार पत्र और चैनल निष्पक्षता से रिपोर्टिंग कर रहे हैं। वहीं कुछ चैनलों के रिपोर्टरों की भाषा ठीक नहीं है। वे हमें ही आतंकी घोषित करने में लगे रहते हैं।
एक पत्रकार से चार दिन में तीन बार हो चुकी बहस
लोगों के अनुसार ऐसे ही एक पत्रकार से चार दिन में तीन बार बहस हो चुकी है। लोगों का कहना है चैनल की टीआरपी के लिए ये लोग सांप्रदायिकता को बढ़ावा देने में लगे हैं। इन्हीं की वजह से देश के अन्य हिस्सों में कश्मीरी भाइयों और छात्रों पर हमले के मामले बढ़ रहे हैं। इन्हीं की वजह से मुसलमान कारीगरों को काम से हटाया जाता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। लाल चौक पर सोमवार को वीडियो बना रहे कुछ चैनलों के पत्रकारों पर स्थानीय लोग भड़क गए। उनकी भाषा को सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने वाला बताते हुए हंगामा किया। लोगों का कहना था कि आतंकियों का दोष सभी कश्मीरियों पर मढ़ना ठीक नहीं है। इस्लाम मासूमों का कत्ल करना नहीं सिखाता।
पहलगाम में आतंकी हमले के बाद से लगभग सभी राष्ट्रीय समाचार चैनलों के पत्रकार कश्मीर में हैं। लाल चौक पर हर रोज वीडियो बनाए जा रहे हैं। यहां के लोगों और दुकानदारों का कहना है कि कई समाचार पत्र और चैनल निष्पक्षता से रिपोर्टिंग कर रहे हैं। वहीं कुछ चैनलों के रिपोर्टरों की भाषा ठीक नहीं है। वे हमें ही आतंकी घोषित करने में लगे रहते हैं।
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एक पत्रकार से चार दिन में तीन बार हो चुकी बहस
लोगों के अनुसार ऐसे ही एक पत्रकार से चार दिन में तीन बार बहस हो चुकी है। लोगों का कहना है चैनल की टीआरपी के लिए ये लोग सांप्रदायिकता को बढ़ावा देने में लगे हैं। इन्हीं की वजह से देश के अन्य हिस्सों में कश्मीरी भाइयों और छात्रों पर हमले के मामले बढ़ रहे हैं। इन्हीं की वजह से मुसलमान कारीगरों को काम से हटाया जाता है।
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