{"_id":"6593143badce88c8e60ebd09","slug":"invitation-for-ayodhya-samba-news-c-290-1-pgl1001-197-2024-01-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: परगवाल में श्रीराम भक्त दयाराम को मिला पहला अक्षत निमंत्रण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: परगवाल में श्रीराम भक्त दयाराम को मिला पहला अक्षत निमंत्रण
विज्ञापन
अयोध्या में श्रीराम मंदिर बनने तक चारपाई पर न सोने का लिया था प्रण
संवाद न्यूज एजेंसी
परगवाल। अक्षत निमंत्रण महा अभियान की शुरुआत सोमवार को परगवाल की पंचायत सरवाल के गांव गवाढ से की गई। इसमें पहला निमंत्रण श्रीराम भक्त दिवंगत दयाराम के परिजनों को मिला। दयाराम ने प्रण लिया था कि जब तक अयोध्या में श्रीराम मंदिर नहीं बनता, तब तक वह चारपाई पर नहीं सोयेंगे।
दयाराम के पुत्र रमेश कुमार ने बताया कि उनके पिता ने मंदिर आंदोलन के दौरान संकल्प लिया था कि जब तक अयोध्या में श्रीराम का मंदिर निर्माण नहीं हो जाता, वह चारपाई पर नहीं बैठेंगे। मंदिर निर्माण तक वह जमीन पर ही सोयेंगे और खाना दाएं नहीं बल्कि बाएं हाथ से खाएंगे। परिजनों का कहना था कि आज वह नहीं हैं। उनकी मृत्यु 16 मार्च 2017 को हुई थी। लेकिन, उन्होंने राम मंदिर बनने का जो सपना देखा था, वह अब पूरा हो रहा है। इसे लेकर वह काफी खुश हैं।
वहीं, आरएसएस स्वयंसेवकों ने कहा कि दयाराम का समस्त जीवन प्रभु श्रीराम के कार्य के लिए समर्पित था। आज ऐसी पवित्र आत्मा नहीं रही। हम आज जो राम मंदिर बनते देख रहे हैं, उसमें ऐसे महान लोगों का ही योगदान रहा है। इसलिए हमारी खंड व मंडल टोली ने निर्णय लिया था कि हम सब खंड परगवाल में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी के निमंत्रण अभियान का शुभारंभ दयाराम के परिवार को निमंत्रण देकर करेंगे। इस दौरान पीर चौरंगी नाथ मंदिर के संत रामनाथ को भी अक्षय निमंत्रण दिया गया। गौरतलब है कि 1 जनवरी से 15 जनवरी तक स्वयंसेवक घर-घर दस्तक देकर अक्षत निमंत्रण पहुंचाएंगे, और इस महोत्सव का हिस्सा बनने का आमंत्रण देंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
परगवाल। अक्षत निमंत्रण महा अभियान की शुरुआत सोमवार को परगवाल की पंचायत सरवाल के गांव गवाढ से की गई। इसमें पहला निमंत्रण श्रीराम भक्त दिवंगत दयाराम के परिजनों को मिला। दयाराम ने प्रण लिया था कि जब तक अयोध्या में श्रीराम मंदिर नहीं बनता, तब तक वह चारपाई पर नहीं सोयेंगे।
दयाराम के पुत्र रमेश कुमार ने बताया कि उनके पिता ने मंदिर आंदोलन के दौरान संकल्प लिया था कि जब तक अयोध्या में श्रीराम का मंदिर निर्माण नहीं हो जाता, वह चारपाई पर नहीं बैठेंगे। मंदिर निर्माण तक वह जमीन पर ही सोयेंगे और खाना दाएं नहीं बल्कि बाएं हाथ से खाएंगे। परिजनों का कहना था कि आज वह नहीं हैं। उनकी मृत्यु 16 मार्च 2017 को हुई थी। लेकिन, उन्होंने राम मंदिर बनने का जो सपना देखा था, वह अब पूरा हो रहा है। इसे लेकर वह काफी खुश हैं।
विज्ञापन
वहीं, आरएसएस स्वयंसेवकों ने कहा कि दयाराम का समस्त जीवन प्रभु श्रीराम के कार्य के लिए समर्पित था। आज ऐसी पवित्र आत्मा नहीं रही। हम आज जो राम मंदिर बनते देख रहे हैं, उसमें ऐसे महान लोगों का ही योगदान रहा है। इसलिए हमारी खंड व मंडल टोली ने निर्णय लिया था कि हम सब खंड परगवाल में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी के निमंत्रण अभियान का शुभारंभ दयाराम के परिवार को निमंत्रण देकर करेंगे। इस दौरान पीर चौरंगी नाथ मंदिर के संत रामनाथ को भी अक्षय निमंत्रण दिया गया। गौरतलब है कि 1 जनवरी से 15 जनवरी तक स्वयंसेवक घर-घर दस्तक देकर अक्षत निमंत्रण पहुंचाएंगे, और इस महोत्सव का हिस्सा बनने का आमंत्रण देंगे।
विज्ञापन