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कठुआ कांड में बरी विशाल बोला- क्राइम ब्रांच ने यातना देकर कहा बच्ची से दुष्कर्म और हत्या कबूल कर लो
Wed, 12 Jun 2019 01:27 AM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Wed, 12 Jun 2019 01:27 AM IST
सार
- विशाल बोला, कदम कदम पर दी गयी यातना
- पढ़ाई पूरी करने के लिए मेरठ जाएगा विशाल
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विशाल जंगोत्रा (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अदालत के फैसले के बाद बरी होकर लगभग एक साल बाद जेल से बाहर आए मामले के मुख्य आरोपी विशाल जंगोत्रा के अनुसार जम्मू-कश्मीर की क्राइम ब्रांच ने उससे दुष्कर्म और हत्या कबुलवाने के लिए टार्चर किया था। मारपीट के साथ-साथ उसे यातनाएं दी गयीं। बकौल विशाल उसने मेरठ में बीएससी एजी के पेपर दिये थे और गिरफ्तारी के समय उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के मीरांपुर में मौजूद था। घर पर क्राइम ब्रांच पहुंची और पीटना शुरू कर दिया।
मारपीट करते हुए मीरांपुर थाने ले गये और वहां से एक गाड़ी में डालकर कठुआ लाये। रास्ते में भी पीटा गया और कठुआ में भी रात भर रखकर यातनाएं दी गयी। क्राइम ब्रांच ने पूरे परिवार को बर्बाद करने की धमकी दी और कहा बच्ची से दुष्कर्म और हत्या कबूल कर लो। क्राइम ब्रांच ने यातना देकर कहा कि स्वीकार करो कि तुमने मेरठ में पेपर नहीं दिये, पेपर किसी और ने दिये थे।
विशाल को ही क्यों फंसाया गया, इसके पीछे विशाल का कहना है कि क्राइम ब्रांच पूरे परिवार को ही तबाह करना चाहती थी। मेरे भाई को भी फंसाने की साजिश थी। बरी होने के बाद विशाल अब अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए मेरठ लौटने की तैयारी कर रहा है।
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मारपीट करते हुए मीरांपुर थाने ले गये और वहां से एक गाड़ी में डालकर कठुआ लाये। रास्ते में भी पीटा गया और कठुआ में भी रात भर रखकर यातनाएं दी गयी। क्राइम ब्रांच ने पूरे परिवार को बर्बाद करने की धमकी दी और कहा बच्ची से दुष्कर्म और हत्या कबूल कर लो। क्राइम ब्रांच ने यातना देकर कहा कि स्वीकार करो कि तुमने मेरठ में पेपर नहीं दिये, पेपर किसी और ने दिये थे।
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विशाल को ही क्यों फंसाया गया, इसके पीछे विशाल का कहना है कि क्राइम ब्रांच पूरे परिवार को ही तबाह करना चाहती थी। मेरे भाई को भी फंसाने की साजिश थी। बरी होने के बाद विशाल अब अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए मेरठ लौटने की तैयारी कर रहा है।
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आगे पढ़ें कैसे सवालों में घेरे में पुलिस की चार्जशीट...
फैसला आने के बाद पुलिस की चार्जशीट पर सवाल खडे़ होने शुरू हो गया। जिस चार्जशीट के मुख्य आरोपी को ही साक्ष्य न मिलने पर बरी कर दिया गया, उसके पीछे क्राइम ब्रांच की मंशा पर अंगुली उठ रही है।
चार्जशीट के अनुसार, 15 जनवरी 2018 को हत्या के इरादे से दो बार बच्ची के सिर पर पत्थर से हमला किया गया जबकि पोस्टमार्टम में सिर पर चोट का निशान नहीं मिला। पुलिस की कहानी के अनुसार नाबालिग लड़के और विशाल ने मिलकर बच्ची से रेप किया उसकी हत्या के बाद लाश को ठिकाने लगाया।
नाबालिग लड़के ने लाश को जंगल में फेंका और इस दौरान विशाल पहरा दे रहा था। अब जब विशाल घटनास्थल पर ही मौजूद नहीं था तो असली हत्यारा कौन है और यदि कोई और शामिल था ही नहीं तो नाबालिग ने अकेले इन अपराध को अंजाम दिया।
बचाव पक्ष के अनुसार मीरापुर में विशाल की मकान मालकिन सुमन शर्मा से उर्दू में लिखे स्टेटमेंट पर साइन कराए जबकि मीरापुर में विशाल की मकान मालकिन को उर्दू नहीं आती थी। मकान मालकिन के बयान को गलत दर्ज करके क्राइम ब्रांच ने साइन कराए। मकान मालकिन ने पठानकोट में कोर्ट में आकर इस बात को स्वीकार भी किया।
चार्जशीट के अनुसार, 15 जनवरी 2018 को हत्या के इरादे से दो बार बच्ची के सिर पर पत्थर से हमला किया गया जबकि पोस्टमार्टम में सिर पर चोट का निशान नहीं मिला। पुलिस की कहानी के अनुसार नाबालिग लड़के और विशाल ने मिलकर बच्ची से रेप किया उसकी हत्या के बाद लाश को ठिकाने लगाया।
नाबालिग लड़के ने लाश को जंगल में फेंका और इस दौरान विशाल पहरा दे रहा था। अब जब विशाल घटनास्थल पर ही मौजूद नहीं था तो असली हत्यारा कौन है और यदि कोई और शामिल था ही नहीं तो नाबालिग ने अकेले इन अपराध को अंजाम दिया।
बचाव पक्ष के अनुसार मीरापुर में विशाल की मकान मालकिन सुमन शर्मा से उर्दू में लिखे स्टेटमेंट पर साइन कराए जबकि मीरापुर में विशाल की मकान मालकिन को उर्दू नहीं आती थी। मकान मालकिन के बयान को गलत दर्ज करके क्राइम ब्रांच ने साइन कराए। मकान मालकिन ने पठानकोट में कोर्ट में आकर इस बात को स्वीकार भी किया।