जम्मू-कश्मीरः विद्यार्थियों और शिक्षकों को मानिसक तौर पर स्वस्थ रखने के लिए शुरू की गई ये पहल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
निदेशालय स्कूल शिक्षा विभाग ने आत्मनिर्भर भारत अभियान (मनोदर्पण) के तहत जिला और जोनल काउंसलिंग समन्वयकों की नियुक्ति कर दी है। ये समन्वयक जम्मू संभाग के विभिन्न जिलों में काउंसलिंग की विभिन्न गतिविधियों में साइकोलॉजिकल मदद उपलब्ध करवाएंगे।
साथ ही विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और आसपास रहने वाले लोगों को मानसिक और भावनात्मक रूप से स्वस्थ रखने में मदद करेंगे। ये समन्वयक निदेशालय स्कूल शिक्षा विभाग के काउंसलिंग सेल के साथ मिलकर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन करवाएंगे।
यह भी पढ़ेंः पानी पर तैरती सब्जी मंडी, किसी को भी दीवाना बना ले यह खूबसूरती, देखें तस्वीरें
जिला काउंसलिंग कोऑर्डिनेटर और जोनल काउंसलिंग कोऑर्डिनेटर उन्हीं को बनाया गया है जिनके पास साइकोलॉजी से संबंधित कोई जानकारी है, ताकि वह अच्छे से लोगों में जागरूकता लाएं और जरूरी जानकारी हर किसी तक पहुंचा सकें। साथ ही ज्यादा से ज्यादा लोगों की मानसिक तनाव से दूर रहने में मदद कर सकें।
इस सिलसिले में निदेशक स्कूल शिक्षा विभाग अनुराधा गुप्ता का कहना है कि कोविड-19 के चलते बच्चों, युवाओं आदि में कई नई तरह की मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। इस समय वह लोग जिनके पास साइकोलॉजी में किसी तरह की भी जानकारी है वह समाज में लोगों को जागरूक करके और उन्हें ज्यादा से ज्यादा स्वास्थ्य संबंधी टिप्स बताकर स्वस्थ रहने में काफी मददगार साबित हो सकते हैं।
‘आओ बात करें’ टेली काउंसलिंग हेल्पलाइन पहले से चल रही
गौरतलब है कि निदेशालय स्कूल शिक्षा विभाग (डीएसईजे) के काउंसलिंग सेल के हेड रोमेश कुमार शर्मा की अध्यक्षता में पहले से ही ‘आओ बात करें’ टेली काउंसलिंग हेल्पलाइन चलाई जा रही है। इससे हर तरीके से विद्यार्थियों की सहायता करने की कोशिश की जा रही है। साथ ही जो शिक्षक साइकोलॉजी में पोस्ट ग्रेजुएट हैं, उनकी साइकोलॉजिकल टास्क फोर्स का गठन भी किया गया है और उन्हें ऑनलाइन ट्रेनिंग भी दी गई है।