{"_id":"5d238cf78ebc3e6cba54a900","slug":"influence-of-life-on-third-anniversary-of-burhan-wani-in-valley","type":"story","status":"publish","title_hn":"बुरहान वानी की तीसरी बरसी पर घाटी में बंद से जनजीवन प्रभावित, सड़कों पर छाया रहा सन्नाटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बुरहान वानी की तीसरी बरसी पर घाटी में बंद से जनजीवन प्रभावित, सड़कों पर छाया रहा सन्नाटा
Tue, 09 Jul 2019 12:05 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 09 Jul 2019 12:05 AM IST
विज्ञापन
burhan wani
- फोटो : फाइल फोटो
आतंक के पोस्टर ब्वॉय रहे बुरहान वानी की मौत की तीसरी बरसी पर सोमवार को कश्मीर घाटी में जनजीवन पूरी तरह ठप रहा। घाटी में दुकानों के शटर गिरे रहे, सड़कों पर यातायात बंद रहा और वाहन नहीं चले। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। खासतौर पर पुराने शहर में विशेष सतर्कता बरती गई। इंटरनेट सेवाएं दक्षिण कश्मीर में बंद रहीं। बनिहाल से बारामूला तक ट्रेन सेवा भी बंद रही। इस बंद का आह्वान अलगाववादियों ने किया था। हालांकि बंद के दौरान किसी बड़ी अप्रिय घटना का समाचार नहीं हैं। कुछ स्थानों पर छिटपुट घटनाएं हुईं।
विज्ञापन
अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर के नौहट्टा, खानयार, सफाक दल और करगंज इलाकों में विशेष पाबंदियां लगाई गई थी। बुरहान वानी दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के कोकरनाग इलाके में आठ जुलाई, 2016 को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था। अलगाववादियों (जेआरएल) ने सोमवार को पूरी तरह से बंद रखने और बुरहान के गांव त्राल और पास के पड़ोस के लोगों से अपने इलाके में श्रद्धांजलि देने की अपील की थी। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग, कुलगाम, शोपियां और पुलवामा में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं रविवार से ही पूरी तरह रोक दी गई थीं। अन्य इलाकों में सिर्फ 2जी सेवाएं चालू थीं।
विज्ञापन
सुरक्षा बलों की सख्ती काम आयी
सुरक्षाबलों ने बुरहान के पैतृक गांव त्राल को भी सील कर दिया था। कुछ इलाकों में लोगों ने घरों से बाहर निकलने की कोशिश जरूर की, लेकिन यह लोग सख्त पहरे के चलते बाहर नहीं निकल पाए। बताया जा रहा है कि पहली बार बंद के दौरान स्थानीय स्तर पर चलने वाले प्राइवेट वाहन भी नहीं चले।
विज्ञापन