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शासन सूचकांक की कई श्रेणियों में जम्मू-कश्मीर अव्वल, अन्य में सुधार
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जम्मू। केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद जम्मू-कश्मीर के शासन मानकों में व्यापक सुधार आया है। विभिन्न एजेंसियों की ओर से राष्ट्र स्तरीय सर्वेक्षण में जम्मू-कश्मीर को कई श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ बताया गया है। पिछले एक वर्ष के दौरान नीति आयोग की ओर से 14 सूचकाकों पर जारी रैंकिंग में जम्मू शासित केंद्र शासित प्रदेशों की श्रेणी में दिल्ली के बाद दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदेश पाया गया है। वहीं, हिमालय क्षेत्र राज्यों में कारोबारी ढांचागत सुविधाओं व संबंधित प्रबंधन में जम्मू-कश्मीर सर्वश्रेष्ठ रहा है।
केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी लीड्स 2021 इंडेक्स ने जम्मू-कश्मीर को सूची में सबसे ऊपर रखा है। उत्तर-पूर्वी राज्यों और हिमालयी क्षेत्र में जम्मू-कश्मीर शीर्ष पर है, जिसके बाद सिक्किम और मेघालय हैं। सरकारी प्रवक्ता के अनुसार एक सर्वेक्षण रिपोर्ट में नीति आयोग द्वारा 39वां सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) शहरी सूचकांक-2021 किया गया है, जिसमें श्रीनगर शहर ने 61.50 अंक हासिल किए। एसडीजी ढांचे के 46 लक्ष्यों में 77 एसडीजी संकेतकों पर कुल 56 शहरी क्षेत्रों को भारत-जर्मन विकास सहयोग के तहत जीआईजेड और बीएमजेड के सहयोग से नीति आयोग द्वारा रैंक किया गया था। 14 रैंकिंग लक्ष्यों में गरीबी, शून्य भूख, अच्छा स्वास्थ्य और कल्याण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, लैंगिक समानता, स्वच्छ पानी और स्वच्छता, सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा, अच्छा काम और आर्थिक विकास, उद्योग, नवाचार और बुनियादी ढांचा, असमानताओं को कम करना, सतत शहर और समुदाय, जिम्मेदार उपभोग और उत्पादन, जलवायु, वृद्धिशील प्रदर्शन शामिल थे। केंद्र शासित प्रदेशों में दिल्ली के बाद जम्मू-कश्मीर ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है। जम्मू-कश्मीर 9.55 के स्कोर के साथ दूसरे नंबर पर है। आधार वर्ष 2018-19 से संदर्भ वर्ष 2019-20 तक वृद्धिशील प्रदर्शन में जम्मू-कश्मीर अधिकांश संकेतकों में सबसे बेहतर/पूरी तरह हासिल की गई श्रेणी में शुमार रहा है।
स्वास्थ्य सूचकांक में जम्मू-कश्मीर सबसे बेहतर
सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार स्वास्थ्य सूचकांक में स्वास्थ्य परिणाम, शासन व सूचना और प्रमुख इनपुट और प्रक्रियाओं में जम्मू-कश्मीर सबसे बेहतर रहा है। इसके अलावा राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-5) की अपनी नवीनतम रिपोर्ट में जम्मू और कश्मीर ने पिछले तीन वर्षों में प्रमुख मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में रिकॉर्ड सुधार किया है। जम्मू-कश्मीर ने नवजात मृत्यु दर में 22, शिशु मृत्यु दर में 16 और पांच साल से कम उम्र की मृत्यु दर में 19 अंकों की कमी दर्ज की है। जन्म के समय लिंगानुपात में सुधार दर्ज किया गया। प्रति हजार पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या 923 से बढ़कर 976 दर्ज की गई।
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खाद्य सुरक्षा में केंद्र शासित प्रदेशो में जम्मू-कश्मीर शीर्ष पर
खाद्य सुरक्षा के संबंध में पिछले साल सितंबर में जारी भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण द्वारा तैयार की गई एक रिपोर्ट में जम्मू-कश्मीर को देश के आठ केंद्र शासित प्रदेशों में शीर्ष पर रखा गया है। खाद्य सुरक्षा सूचकांक पांच महत्वपूर्ण मापदंडों में मानव संसाधन और संस्थागत डेटा, अनुपालन, खाद्य परीक्षण (बुनियादी ढांचे और निगरानी), प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण और उपभोक्ता सशक्तीकरण पर आधारित है। जम्मू-कश्मीर ने 67 अंकों के साथ केंद्र शासित प्रदेशों में शीर्ष स्थान हासिल किया है। नाट फार प्रॉफिट रिसर्च थिंक टैंप पब्लिक अफेयर्स सेंटर (पीएसी) ने अपनी रिपोर्ट में जम्मू-कश्मीर को देश का दूसरा सबसे अच्छा शासित केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया।। इसमें प्रदेश ने शासन सूचकांक-2021 के लिए समग्र रैंकिंग में सुधार दिखाया है।
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केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी लीड्स 2021 इंडेक्स ने जम्मू-कश्मीर को सूची में सबसे ऊपर रखा है। उत्तर-पूर्वी राज्यों और हिमालयी क्षेत्र में जम्मू-कश्मीर शीर्ष पर है, जिसके बाद सिक्किम और मेघालय हैं। सरकारी प्रवक्ता के अनुसार एक सर्वेक्षण रिपोर्ट में नीति आयोग द्वारा 39वां सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) शहरी सूचकांक-2021 किया गया है, जिसमें श्रीनगर शहर ने 61.50 अंक हासिल किए। एसडीजी ढांचे के 46 लक्ष्यों में 77 एसडीजी संकेतकों पर कुल 56 शहरी क्षेत्रों को भारत-जर्मन विकास सहयोग के तहत जीआईजेड और बीएमजेड के सहयोग से नीति आयोग द्वारा रैंक किया गया था। 14 रैंकिंग लक्ष्यों में गरीबी, शून्य भूख, अच्छा स्वास्थ्य और कल्याण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, लैंगिक समानता, स्वच्छ पानी और स्वच्छता, सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा, अच्छा काम और आर्थिक विकास, उद्योग, नवाचार और बुनियादी ढांचा, असमानताओं को कम करना, सतत शहर और समुदाय, जिम्मेदार उपभोग और उत्पादन, जलवायु, वृद्धिशील प्रदर्शन शामिल थे। केंद्र शासित प्रदेशों में दिल्ली के बाद जम्मू-कश्मीर ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है। जम्मू-कश्मीर 9.55 के स्कोर के साथ दूसरे नंबर पर है। आधार वर्ष 2018-19 से संदर्भ वर्ष 2019-20 तक वृद्धिशील प्रदर्शन में जम्मू-कश्मीर अधिकांश संकेतकों में सबसे बेहतर/पूरी तरह हासिल की गई श्रेणी में शुमार रहा है।
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स्वास्थ्य सूचकांक में जम्मू-कश्मीर सबसे बेहतर
सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार स्वास्थ्य सूचकांक में स्वास्थ्य परिणाम, शासन व सूचना और प्रमुख इनपुट और प्रक्रियाओं में जम्मू-कश्मीर सबसे बेहतर रहा है। इसके अलावा राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-5) की अपनी नवीनतम रिपोर्ट में जम्मू और कश्मीर ने पिछले तीन वर्षों में प्रमुख मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में रिकॉर्ड सुधार किया है। जम्मू-कश्मीर ने नवजात मृत्यु दर में 22, शिशु मृत्यु दर में 16 और पांच साल से कम उम्र की मृत्यु दर में 19 अंकों की कमी दर्ज की है। जन्म के समय लिंगानुपात में सुधार दर्ज किया गया। प्रति हजार पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या 923 से बढ़कर 976 दर्ज की गई।
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खाद्य सुरक्षा में केंद्र शासित प्रदेशो में जम्मू-कश्मीर शीर्ष पर
खाद्य सुरक्षा के संबंध में पिछले साल सितंबर में जारी भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण द्वारा तैयार की गई एक रिपोर्ट में जम्मू-कश्मीर को देश के आठ केंद्र शासित प्रदेशों में शीर्ष पर रखा गया है। खाद्य सुरक्षा सूचकांक पांच महत्वपूर्ण मापदंडों में मानव संसाधन और संस्थागत डेटा, अनुपालन, खाद्य परीक्षण (बुनियादी ढांचे और निगरानी), प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण और उपभोक्ता सशक्तीकरण पर आधारित है। जम्मू-कश्मीर ने 67 अंकों के साथ केंद्र शासित प्रदेशों में शीर्ष स्थान हासिल किया है। नाट फार प्रॉफिट रिसर्च थिंक टैंप पब्लिक अफेयर्स सेंटर (पीएसी) ने अपनी रिपोर्ट में जम्मू-कश्मीर को देश का दूसरा सबसे अच्छा शासित केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया।। इसमें प्रदेश ने शासन सूचकांक-2021 के लिए समग्र रैंकिंग में सुधार दिखाया है।