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जम्मू-कश्मीर: आयकर विभाग का श्रीनगर के डिप्टी मेयर के दस ठिकानों पर छापा, कई दस्तावेज जप्त

Tue, 11 Jun 2019 03:09 PM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: Pranjal Dixit Updated Tue, 11 Jun 2019 03:09 PM IST
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Income-Tax Department raid ten locations of Deputy Mayor Srinagar, Sheikh Imran, in Srinagar
सांकेतिक तस्वीर
श्रीनगर नगर निगम के डिप्टी मेयर शेख इमरान के 10 ठिकानों पर मंगलवार को आयकर विभाग ने छापा मारा। इनमें श्रीनगर में आठ तथा बंगलूरू व दिल्ली में एक -एक ठिकाने शामिल हैं। इस दौरान कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए। विभाग ने बताया, कि श्रीनगर स्थित एक प्रमुख व्यापारिक समूह के आठ स्थानीय और बंगलूरू व दिल्ली में एक-एक ठिकानों पर तलाशी और जब्ती अभियान चलाया गया। यह समूह परिवहन, रेशम धागे के निर्माण, आतिथ्य, कश्मीर कला और शिल्प के खुदरा व्यापार में है। 
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बताया गया कि समूह का कोई भी सदस्य अपने आयकर रिटर्न दाखिल करने में नियमित नहीं है। वन टाइम सेटलमेंट के रूप में समूह को जम्मू-कश्मीर बैंक के साथ 170 करोड़ के अपने ऋण मिले हैं, जो 77 करोड़ रुपये की राशि के लिए पुनर्गठित हुए हैं। इसमें से केवल जम्मू और कश्मीर बैंक को 50.34 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। 
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27.66 करोड़ का शेष भुगतान किया जाना बाकी है। छापे के दौरान पता चला है कि जम्मू-कश्मीर बैंक से ऋण का वन टाइम सेटलमेंट जम्मू-कश्मीर बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी के सक्रिय सहयोग से किया गया, जो कई आउट ऑफ टर्न प्रोन्नति प्राप्त कर चुके थे। यह भी पता चला है कि उक्त ऋण से संबंधित 50.34 करोड़ रुपये का पुनर्भुगतान जम्मू-कश्मीर बैंक द्वारा एक सहयोगी को समान राशि का ऋण प्रदान करके किया गया है, जिसने पूरे लेन-देन में अपनी भूमिका को कबूल किया है। 
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छापे के दौरान 22 करोड़ की अघोषित संपत्ति की बिक्री, ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को 9.10 करोड़ रुपये में बेचने का समझौता का पता चला। लस्सीपोरा में कोल्ड स्टोरेज प्लांट की बिक्री पर 15-20 करोड़ रुपये का अघोषित लाभ का पता चला। इस परियोजना की लागत को 47 करोड़ तक बढ़ाया गया जबकि वास्तविक लागत 17 करोड़ रुपये था। इसके लिए सरकार से बढ़े हुए और फर्जी बिलों को बढ़ाकर अधिक सब्सिडी का दावा किया था। 

इस परियोजना के लिए ऋण जम्मू कश्मीर बैंक से लिया गया था। सोनमर्ग में अघोषित संपत्ति (2.68 करोड़), पहलगाम (3.55 करोड़) और बंगलूरू (1 करोड़) का पता चला। दिल्ली में साझेदारी की एक दुकान 1.82 करोड़ रुपये में खरीदी गई। छापे के दौरान पाए गए डिजिटल सबूतों को जब्त कर लिया गया है, जिसका विश्लेषण जारी है।

ग्रुप के 23 खाते एनपीए
सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई हाल ही में जेके बैंक में व्याप्त अनियमितताओं के उजागर होने तथा एंटी करप्शन ब्यूरो की छापेमारी के बाद हुई है। कहवा ग्रुप जिसके इमरान चेयरमैन हैं, वह डिफाल्टर कार्यवाही का सामना कर रहा है। जेके बैंक में उसके 23 खाते 120 करोड़ रुपये बकाया के कारण एनपीए घोषित हो चुके हैं।  सेंट्रल बोर्ड आफ डायरेक्ट टैक्सेस (सीबीडीटी) की प्रवक्ता सुरभि अहलुवालिया ने बताया कि ग्रुप का कोई भी सदस्य आयकर भरने में नियमित नहीं है। 


जांच में पूरा सहयोग: इमरान
डिप्टी मेयर शेख इमरान ने कहा कि मैं आयकर कानूनों में पारदर्शिता और पालन सुनिश्चित करने के लिए सभी जांचों का पूर्ण समर्थन करता हूं। मैं अपना पूरा सहयोग इनकम टैक्स विभाग को देता हूं। मैं एक कानून का पालन करने वाला व्यापारी हूं और यह सुनिश्चित करना जारी रखूंगा कि कानून बरकरार रहे।        
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