आधी रात अपराध का बोलबालाः जम्मू में तवी नदी से हो रहा अवैध खनन, प्रशासन और पुलिस की मिलीभगत
सूर्यपुत्री तवी नदी का सीना छलनी किया जा रहा है। खनन माफियाओं की प्रशासन और पुलिस से मिलीभगत के चलते तवी नदी और खड्डों में खनन किया जा रहा है। बिना नंबर के टिपर और ट्रैक्टर ट्रालियां इसके लिए इस्तेमाल हो रही हैं। रात होते ही अवैध रूप से खनन का सिलसिला शुरू हो जाता है। हाईकोर्ट और ज्योलॉजी एंड माइनिंग विभाग की ओर से प्रतिबंध के बावजूद खनन हो रहा है।
जानकारी के अनुसार गोल गुजराल, फलां मंडाल, बेली चराना, भगवती नगर चौथे पुल, आरएस पुरा, अरनिया, मीरां साहिब इलाकों के अधीन आने वाली तवी नदी में रात के समय खनन किया जा रहा है। रात होते ही बड़े स्तर पर टिपर, डंपर तवी में पहुंच जाते हैं। फिर इसके बाद रेत, बजरी, क्रशर का माल निकाला जाता है।
यह हाल तब है जब हाईकोर्ट की ओर से तवी में खनन पर रोक है। खनन विभाग ने भी हाल ही में 50 से अधिक स्टोन क्रशर को नोटिस देकर इन्हें बंद करने को कहा था। नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल ने भी खनन को बंद किया है। कई महीनों से तवी में रायल्टी का टेंडर नहीं हुआ है। बावजूद इसके खनन किया जा रहा है।
नाकों के पास गुजरते हैं वाहन, कोई चेकिंग नहीं
अमर उजाला टीम ने तवी नदी के चौथे पुल से निकले एक टिपर का रात 11 बजे पीछा किया। यह टिपर भगवती नगर पुलिस नाका, बख्शी नगर पुलिस स्टेशन, महेशपुरा चौक पर खड़ी पीसीआर वैन, राजिंद्रा चौक से होकर फ्लाईओवर तक गया। जिसमें क्रशर का सामान था। टिपर बिना नंबर था। इसे कहीं पर किसी तरह की पूछताछ के लिए नहीं रोका गया।
इसी तरह अगली रात को रात 2 बजे मीरां साहिब से एक अन्य टिपर का पीछा किया गया। यह टिपर मीरां साहिब, कुल्लियां पुलिस नाके से होकर निकला। इसमें लदी गई सामग्री से पानी पूरी सड़क पर पड़ रहा था। यह सामग्री रात के समय ताजा लदी गई थी। इसे भी कहीं नहीं रोका गया। इस टिपर पर भी नंबर नहीं लगा था।
रात 9 बजे से सुबह तड़के तक अपराध का बोलबाला
परवीन कुमार, राम पाल, विशाल कुमार, यशपाल, सुरिंदर सिंह, कुलदीप कुमार का कहना है कि उन्होंने भी इस मामले को लेकर लिखित में ज्योलॉजी विभाग को शिकायत की है। पुलिस को भी इसकी जानकारी दी गई। लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस को बाकायदा इसके पुख्ता सबूत दिए गए। फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। रात 9 बजे से लेकर तड़के तक अवैध रूप से खनन किया जा रहा है।