फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   IIT Jammu prepared drone detection system to identify air infiltration across border

हवाई घुसपैठ पर लगेगी रोक: सीमा पार से परिंदा भी आएगा तो IIT जम्मू का ड्रोन डिटेक्शन सिस्टम देगा अलार्म

Tue, 30 Jan 2024 11:59 AM IST
kumar गुलशन कुमार अजय मीनिया, जम्मू
अजय मीनिया, जम्मू Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Tue, 30 Jan 2024 11:59 AM IST
सार

आईआईटी में ड्रोन डिटेक्शन वाया एक्योस्टिक उपकरण तैयार किया गया है, जो ड्रोन समेत अन्य हवाई उपकरणों की आवाज से ही पता लगा लेगा कि कौन सा उपकरण है।

विज्ञापन
IIT Jammu prepared drone detection system to identify air infiltration across border
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

सरहद पर सीमा पार से होने वाली अब हवाई घुसपैठ आसान नहीं होगी। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जम्मू में एक ऐसी तकनीक विकसित की गई है, जिससे सीमा पार से आने वाले पक्षी तक का पता लग जाएगा। इलेक्टि्रकल इंजीनियरिंग विभाग ने आवाज से पहचान करने वाला ड्रोन डिटेक्शन तंत्र तैयार किया है। यह सीमा पार से ड्रोन, हवाई जहाज या फिर भी किसी भी तरह के उड़ने वाले उपकरण का पता लगा लेगा।

विज्ञापन


जानकारी के अनुसार आईआईटी में ड्रोन डिटेक्शन वाया एक्योस्टिक उपकरण तैयार किया गया है, जो ड्रोन समेत अन्य हवाई उपकरणों की आवाज से ही पता लगा लेगा कि कौन सा उपकरण है। उपकरण अपने आसपास 300 मीटर का क्षेत्र कवर करेगा। बिजली से 2 घंटे में चार्ज होने वाला उपकरण 17 घंटे तक काम करेगा। इसमें माइक्रोफोन, रिकार्डर, रेसपबरी, एलोग्रिथिम जैसे यंत्र लगाए गए हैं। इनकी मदद से अलग अलग आवाज का डाटा उपकरण में स्टोर किया गया है।
विज्ञापन


उपकरण के साथ ही एक एलईडी लगी है। जैसे ही ड्रोन की आवाज आएगी, या फिर हवाई जहाज की तो एलईडी पर अलार्म के साथ सिग्नल शो होगा। चार श्रेणियों में एलईडी पर 4 अलग अलग रंग का सिग्नल पता चलेगा। फिलहाल चार श्रेणियों में सिग्नल स्थापित किया गया है। एक ड्रोन आए तो अलग रंग का सिग्नल मिलेगा, एक से अधिक होंगे तो अलग सिग्नल होगा, हवाई जहाज होगा तो अलग सिग्नल आएगा और यदि कोई पक्षी होगा तो अलग सिग्नल होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

सेना की जरूरत को देखकर बनाया

आईआईटी जम्मू इलेक्टि्रकल इंजीनियरिंग विभाग के सहायक प्रोफेसर करन नथवानी ने बताया कि जम्मू में सीमा पार से ड्रोन के जरिए हेरोइन, हथियार की तस्करी हो रही है। अकसर इनके आने का पता नहीं चल पाता। इस जरूरत को देखते हुए हमने इसे तैयार किया है। एक उपकरण पर 25 से 30 हजार रुपये का खर्च आएगा। फिलहाल इसे हमने 4 श्रेणियों में रखा है। पहला ड्रोन, दूसरा एक से अधिक ड्रोन, तीसरा एयरक्राफ्ट और चौथा चारों तरफ से किसी तरह का शोर। फिलहाल इन चारों की ध्वनि से ही सिग्नल मिल जाएगा।

दो वर्ष में ड्रोन की 100 वारदातें

बता दें कि वर्ष 2022 और 2023 में जम्मू, सांबा, कठुआ, राजोरी और पुंछ जिले में एलओसी और बार्डर पार से 95 बार ड्रोन हथियार और ड्रग्स लेकर आया।

गलतफहमी से हुआ वायुसेना स्टेशन पर हमला

सूत्रों का कहना है कि वर्ष 2021 में जम्मू के वायुसेना स्टेशन पर ड्रोन हमला गलतफहमी से हुआ। ड्रोन के आने पर यह समझा गया कि किसी हवाई जहाज की आवाज है। इसीलिए ड्रोन हमला करके वापस भी चला गया और पता तक नहीं चला।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed