{"_id":"5c6ac86cbdec22121f03107f","slug":"hurriyat-leader-abbas-ansari-asks-government-to-withdraw-his-security-cover","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीर: हुर्रियत नेता अब्बास अंसारी बोले राज्य सरकार मेरे आवास से हटाए सुरक्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-कश्मीर: हुर्रियत नेता अब्बास अंसारी बोले राज्य सरकार मेरे आवास से हटाए सुरक्षा
Mon, 18 Feb 2019 08:29 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Mon, 18 Feb 2019 08:29 PM IST
विज्ञापन
हुर्रियत कांफ्रेंस के वरिष्ठ नेता मौलाना अब्बास अंसारी
- फोटो : फाइल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हुर्रियत कांफ्रेंस के वरिष्ठ नेता मौलाना अब्बास अंसारी ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर सरकार से कहा कि उनके आवास पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को हटा लिया जाए।
मीरवाइज उमर फारूक सहित छह अलगाववादी नेताओं से सुरक्षा कवर वापस लाने के बाद अंसारी का यह बयान आया है। पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले के बाद यह निर्णय लिया गया था। इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे।
पुलिस के सुरक्षा प्रकोष्ठ को लिखे पत्र में अंसारी ने कहा कि उनके आवास पर तैनात कर्मियों को तत्काल हटाया जाए। अंसारी नीत इत्तेहादुल मुसलीमीन के एक प्रवक्ता ने कहा कि सुरक्षा मुहैया कराने का भी फैसला सरकार का था और इसे हटाने का निर्णय भी उन्हीं का है।
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘यह हमारे लिए कोई मुद्दा नहीं है। हुर्रियत नेताओं के आवासों पर पुलिसकर्मियों के होने या नहीं होने से कोई फर्क नहीं पड़ता।’’ उन्होंने दावा किया कि हुर्रियत नेताओं ने कभी सुरक्षा नहीं मांगी थी। राज्य सरकार ने ही सुरक्षा देने पर जोर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
मीरवाइज उमर फारूक सहित छह अलगाववादी नेताओं से सुरक्षा कवर वापस लाने के बाद अंसारी का यह बयान आया है। पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले के बाद यह निर्णय लिया गया था। इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे।
पुलिस के सुरक्षा प्रकोष्ठ को लिखे पत्र में अंसारी ने कहा कि उनके आवास पर तैनात कर्मियों को तत्काल हटाया जाए। अंसारी नीत इत्तेहादुल मुसलीमीन के एक प्रवक्ता ने कहा कि सुरक्षा मुहैया कराने का भी फैसला सरकार का था और इसे हटाने का निर्णय भी उन्हीं का है।
विज्ञापन
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘यह हमारे लिए कोई मुद्दा नहीं है। हुर्रियत नेताओं के आवासों पर पुलिसकर्मियों के होने या नहीं होने से कोई फर्क नहीं पड़ता।’’ उन्होंने दावा किया कि हुर्रियत नेताओं ने कभी सुरक्षा नहीं मांगी थी। राज्य सरकार ने ही सुरक्षा देने पर जोर दिया।
विज्ञापन