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Vaishno Devi: कटड़ा में रोपवे के खिलाफ सड़कों पर उतरे घोड़ा-पिट्ठू वाले, मजदूर बोले- पहले मुआवजा, फिर परियोजना
Mon, 02 Feb 2026 12:32 PM IST
निकिता गुप्ता
अमर उजाला नेटवर्क, कटड़ा
अमर उजाला नेटवर्क, कटड़ा
Published by: निकिता गुप्ता
Updated Mon, 02 Feb 2026 12:32 PM IST
सार
कटड़ा में रोपवे परियोजना के विरोध में घोड़ा, पिट्ठू, पालकी वालों और दुकानदारों ने प्रदर्शन कर भवन मार्ग पर कार्यरत प्रत्येक मजदूर को 20 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की।
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ताराकोर्ट-सांझीछत रोपवे परियोजना के विरोध में प्रदर्शन करते घोड़ा, पिट्ठू, पालकी वाले और दुकानदार।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
धर्मनगरी में रोपवे के विरोध में रविवार को घोड़ा, पिट्ठू, पालकी वालों और दुकानदारों ने प्रदर्शन किया। सुबह शालीमार पार्क में प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए और यूनियन भूपेंद्र सिंह की अध्यक्षता में बैठक की। इसके बाद कटड़ा बस स्टैंड से श्रीधर चौक तक श्राइन बोर्ड के खिलाफ रैली निकाली गई। प्रदर्शनकारियों ने ताराकोट-सांझीछत रोप-वे का काम बंद करने, भवन मार्ग पर कार्य करने वाले हर मजदूर को 20-20 लाख रुपये की राशि देने की मांग की। मजदूर नेता भूपेंद्र सिंह जम्वाल ने आरोप लगाया कि श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड वादाखिलाफी कर रहा है।
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रोप-वे परियोजना का निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि यदि श्राइन बोर्ड रोप-वे परियोजना को लागू करना चाहता है तो इससे पहले भवन मार्ग पर कार्यरत हर मजदूर को 20-20 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। कटड़ा आ रही हाई पावर कमेटी रोप-वे परियोजना को लेकर लोगों से बातचीत करेगी।
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उन्होंने मांग की कि कमेटी मजदूरों के प्रतिनिधियों से भी सीधी वार्ता करे ताकि इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके। यदि बातचीत असफल होती है तो मजदूर वर्ग आगे की रणनीति पर विचार करेगा। मजदूरों ने कुछ समय के लिए कार्य बंद रखा जिससे मां वैष्णो देवी यात्रा के दौरान घोड़ा, पिट्ठू और पालकी सेवाएं लेने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ा। हालांकि दोपहर करीब दो बजे प्रदर्शन समाप्त होने के बाद मजदूर काम पर लौट आए। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा।
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