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Jammu News: दरबार के आसपास नहीं होटल, अब होम स्टे योजना से जुड़ेगा झिड़ी क्षेत्र
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। बाबा जित्तो दरबार के आसपास इलाके को होम स्टे योजना से जोड़ने की तैयारी है। इससे जहां लोगों की आय बढ़ेगी, वहीं स्वरोजगार से कारोबार में उछाल आएगा। इसके लिए प्रशासन की ओर से लोगों को जागरूक किया जाएगा। पर्यटन विभाग के माध्यम से पंजीकरण करवाया जाएगा। सूत्रों के अनुसार जहां पर कमरे, वॉशरूम सहित अन्य सुविधाएं अलग से घरों में है, वहां लोग पंजीकरण करवा लाभ ले सकते हैं। मेले के दौरान लोग दूरदराज इलाकों सहित अन्य राज्यों से आते हैं। ऐसे में रहने की व्यवस्था अधिकांश श्रद्धालु नहीं कर पाते। ऐसी स्थिति में श्रद्धालुओं को अपने साथ बिस्तर लाना पड़ता है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन इलाके को होम स्टे योजना से जोड़ने की तैयारी कर चुका है। मेले के दौरान या फिर साल भर बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों को ठहरा कर स्थानीय निवासी आय अर्जित कर सकेंगे। इलाके के आसपास रेस्ट हाउस और होटल नहीं है। इसलिए पर्यटन विभाग के माध्यम से पंजीकरण के बाद घरों की सूची मुहैया करवाई जाएगी। इस बारे में एसडीएम मढ़ मनू हंस ने बताया कि होम स्टे योजना से इलाके को जोड़ने की तैयारी है। पर्यटन विभाग के माध्यम से पंजीकरण करवाया जाएगा और लोग स्वरोजगार हासिल कर सकेंगे। वहीं, जरूरतमंदों को भी कमरों की सुविधा मिल सकेगी।
मंदिर के पास बनेंगी पांच नई इमारतें, 100 करोड़ का बनाया प्रस्ताव
प्लान पर काम पूरा, एक साथ बीस हजार से ज्यादा श्रद्धालु रह सकेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। झिड़ी मेले में श्रद्धालुओं को रात्रि ठहराव के लिए बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रशासन की ओर से पहल शुरू कर दी है। 100 करोड़ का प्लान तैयार किया गया है। इसमें पांच नई इमारतों का निर्माण किया जाना है। इसके अलावा पार्किंग सहित शेड सुविधा भी मिलेगी। प्रस्ताव सचिवालय भेजा जा रहा है। अभी तक बने प्रस्ताव में पांच इमारतों में हाल का निर्माण होना है। इसमें बीस हजार से ज्यादा श्रद्धालु रह सकेंगे।
मौजूदा समय में यात्रियों को तंबुओं में रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी बारिश के मौसम में आती है। जैसे ही बारिश होती है तो श्रद्धालु इधर-उधर भागने शुरू हो जाते हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से नजदीकी स्कूल, सराये और अन्य सरकारी भवनों मेंं ठहरने की व्यवस्था की है। मगर संख्या ज्यादा होने के कारण व्यवस्था नाकाफी है। प्लान बनने के बाद फंड की डिमांड की जाएगी। प्रशासन के अनुसार दरबार के आसपास 501 कनाल जमीन खाली है। इसका प्रयोग किया जाएगा। इस बारे में एसडीएम मढ़ मनू हंस ने बताया कि इमारतें तैयार करने के लिए मास्टर प्लान बनाया है। सरकारी भूमि पर निर्माण किया जाना है।
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जम्मू। बाबा जित्तो दरबार के आसपास इलाके को होम स्टे योजना से जोड़ने की तैयारी है। इससे जहां लोगों की आय बढ़ेगी, वहीं स्वरोजगार से कारोबार में उछाल आएगा। इसके लिए प्रशासन की ओर से लोगों को जागरूक किया जाएगा। पर्यटन विभाग के माध्यम से पंजीकरण करवाया जाएगा। सूत्रों के अनुसार जहां पर कमरे, वॉशरूम सहित अन्य सुविधाएं अलग से घरों में है, वहां लोग पंजीकरण करवा लाभ ले सकते हैं। मेले के दौरान लोग दूरदराज इलाकों सहित अन्य राज्यों से आते हैं। ऐसे में रहने की व्यवस्था अधिकांश श्रद्धालु नहीं कर पाते। ऐसी स्थिति में श्रद्धालुओं को अपने साथ बिस्तर लाना पड़ता है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन इलाके को होम स्टे योजना से जोड़ने की तैयारी कर चुका है। मेले के दौरान या फिर साल भर बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों को ठहरा कर स्थानीय निवासी आय अर्जित कर सकेंगे। इलाके के आसपास रेस्ट हाउस और होटल नहीं है। इसलिए पर्यटन विभाग के माध्यम से पंजीकरण के बाद घरों की सूची मुहैया करवाई जाएगी। इस बारे में एसडीएम मढ़ मनू हंस ने बताया कि होम स्टे योजना से इलाके को जोड़ने की तैयारी है। पर्यटन विभाग के माध्यम से पंजीकरण करवाया जाएगा और लोग स्वरोजगार हासिल कर सकेंगे। वहीं, जरूरतमंदों को भी कमरों की सुविधा मिल सकेगी।
मंदिर के पास बनेंगी पांच नई इमारतें, 100 करोड़ का बनाया प्रस्ताव
प्लान पर काम पूरा, एक साथ बीस हजार से ज्यादा श्रद्धालु रह सकेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। झिड़ी मेले में श्रद्धालुओं को रात्रि ठहराव के लिए बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रशासन की ओर से पहल शुरू कर दी है। 100 करोड़ का प्लान तैयार किया गया है। इसमें पांच नई इमारतों का निर्माण किया जाना है। इसके अलावा पार्किंग सहित शेड सुविधा भी मिलेगी। प्रस्ताव सचिवालय भेजा जा रहा है। अभी तक बने प्रस्ताव में पांच इमारतों में हाल का निर्माण होना है। इसमें बीस हजार से ज्यादा श्रद्धालु रह सकेंगे।
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मौजूदा समय में यात्रियों को तंबुओं में रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी बारिश के मौसम में आती है। जैसे ही बारिश होती है तो श्रद्धालु इधर-उधर भागने शुरू हो जाते हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से नजदीकी स्कूल, सराये और अन्य सरकारी भवनों मेंं ठहरने की व्यवस्था की है। मगर संख्या ज्यादा होने के कारण व्यवस्था नाकाफी है। प्लान बनने के बाद फंड की डिमांड की जाएगी। प्रशासन के अनुसार दरबार के आसपास 501 कनाल जमीन खाली है। इसका प्रयोग किया जाएगा। इस बारे में एसडीएम मढ़ मनू हंस ने बताया कि इमारतें तैयार करने के लिए मास्टर प्लान बनाया है। सरकारी भूमि पर निर्माण किया जाना है।
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