फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Home Ministry seeks report on situation from Jammu and Kashmir

गृह मंत्रालय ने महबूबा सरकार से मांगी कश्मीर की रिपोर्ट, ले सकता है बड़ा फैसला

Wed, 19 Apr 2017 10:52 AM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र, अमर उजाला/श्रीनगर
राघवेंद्र नारायण मिश्र, अमर उजाला/श्रीनगर Updated Wed, 19 Apr 2017 10:52 AM IST
विज्ञापन
Home Ministry seeks report on situation from Jammu and Kashmir
गृहमंत्री राजनाथ सिंह - फोटो : File Photo
कश्मीर में लगातार बिगड़ रहे हालात को केंद्र सरकार ने गंभीरता से लिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने रियासत सरकार से स्थिति पर रिपोर्ट मांगी है। सेना अध्यक्ष और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल की बैठक के बाद गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने घाटी के हालात की समीक्षा की। इसके बाद मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को आनन-फानन में कैबिनेट की बैठक बुलाई।
विज्ञापन


महबूबा ने आला अधिकारियों के साथ भी समीक्षा बैठकों का सिलसिला अब शुरू किया है। केंद्र रियासत की रिपोर्ट के बाद निर्णय लेगा। केंद्र की वर्तमान रणनीति में भारी बदलाव की संभावना व्यक्त की जा रही है। घाटी में सुनियोजित साजिश के तहत सेना और सुरक्षा बलों की छवि बिगाड़ने के प्रयास चल रहे हैं।
विज्ञापन


शासन से जुडे़ सूत्रों के मुताबिक इंटरनेट पर प्रतिबंध के बाद अफवाह फैलाने वाले वीडियो के वायरल होने का सिलसिला थोड़ा थमा है, लेकिन उपद्रवियों और अलगाववादियों का नेटवर्क अफवाहें फैला रहा है। मस्जिदों में आफलाइन वीडियो भी दिखाए जा रहे हैं। इस कारण सुरक्षा बलों पर पथराव की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। मौजूदा हालात में मुख्य धारा के सियासी दलों पीडीपी और नेशनल कांफ्रेंस के समक्ष भी वजूद का संकट पैदा हुआ है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


श्रीनगर उपचुनाव में महज सात फीसदी मतदान और मतदान के दौरान भारी उपद्रव के बाद सियासी दलों को भी स्थिति की गंभीरता का अहसास हुआ है। इन दलों के सामने अपने कार्यकर्ताओं की सुरक्षा की चुनौती भी खड़ी हुई है। विपक्षी दल नेशनल कांफ्रेंस ने मौजूदा हालात में पत्थरबाजों और अलगाववादियों के सुर में सुर मिलाकर अपनी जमीन बचाने का रास्ता चुन लिया है।

विपक्ष में रहते हुए पीडीपी भी इसी रणनीति पर चलती रही थी। अफजल गुरु की फांसी के बाद हुए हिंसक प्रदर्शनों के दौरान पीडीपी का रुख अलगाववादियों और उपद्रवियों के प्रति नरम रहा था। अब सत्तासीन पीडीपी उन्हीं तत्वों का ही विरोध झेल रही है और इस बार नेकां रणनीति के तहत पत्थरबाजों के साथ खड़ी नजर आती है। 

सियासी कार्यकर्ताओं से उपद्रवी ले रहे इस्तीफे 

Home Ministry seeks report on situation from Jammu and Kashmir
KASHMIR - फोटो : File Photo
रियासत सरकार ने पंचायत चुनाव को एक साल तक टालने का मन बना लिया है। दरअसल आतंकी और उपद्रवी तत्व सियासी दलों के कार्यकर्ताओं से जबरन इस्तीफे ले रहे हैं। अब तक ऐसी 40 से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं। मस्जिद कमेटियां अलगाववादियों के साथ हैं। सियासी दलों के कार्यकर्ताओं से मस्जिद में माफी मंगवाई जा रही है और इसका वीडियो बनाकर अब आफ लाइन दिखाया जा रहा है। 

उपद्रवियों से सख्ती से निपटेंगे : डिप्टी सीएम 
उप मुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह ने कहा कि सरकार हालात पर नजर रख रही है। स्थिति की समीक्षा की गई है। केंद्र सरकार ने कश्मीर के लिए दीर्घकालिक नीति तय की है। केंद्र सरकार की नीतियों का पालन हो रहा है। उपद्रवी तत्वों के प्रति सख्ती बरती जाएगी। आम लोगों को विकास की मुख्य धारा में शामिल किया जाएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed