जम्मू-कश्मीर: गृहमंत्री ने प्रदेश की सुरक्षा स्थिति जानी, कश्मीरी पंडित-अस्थायी कर्मियों के मुद्दे पर भी चर्चा
शाह के आवास स्थित कार्यालय में तीन घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक हालात पर मंथन करते हुए गृह मंत्री ने हिदायत दी कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच बनाएं। सरकारी योजनाओं का न केवल व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए बल्कि लोगों को इसका लाभ भी सुनिश्चित किया जाए।
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राजोरी में दोहरे आतंकी हमले के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को भाजपा कोर ग्रुप के साथ प्रदेश के सियासी हालात और हमले के बाद उत्पन्न स्थिति पर गहन मंथन किया। उन्होंने भाजपा नेताओं से स्थिति पर नजर रखने तथा किसी भी हालात में माहौल न बिगड़ने देने के लिए लोगों के बीच रहने की हिदायत दी।
शाह के आवास स्थित कार्यालय में तीन घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक हालात पर मंथन करते हुए गृह मंत्री ने हिदायत दी कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच बनाएं। सरकारी योजनाओं का न केवल व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए बल्कि लोगों को इसका लाभ भी सुनिश्चित किया जाए।
सूत्रों ने बताया कि शाह ने स्पष्ट हिदायत दी कि पार्टी के नेता तथा कार्यकर्ता बूथ तक पहुंचें क्योंकि विधानसभा चुनाव में तभी सफलता मिल सकती है जब जनता को यह लगे कि भाजपा उनके सुख दुख में खड़ी है। जम्मू और कश्मीर दोनों संभागों में सुरक्षा स्थिति पर मंथन किया गया।
राजोरी में हमले के बाद अल्पसंख्यकों के मन में समाए डर को लेकर भी गहन विचार-विमर्श किया। बताया गया कि हमले के बाद से राजोरी, पुंछ के साथ ही अन्य इलाकों में अल्पसंख्यकों पर हमले से लोगों के मन में डर है। कश्मीर के बाद जम्मू में टारगेट किलिंग को खतरनाक संकेत बताते हुए कहा गया कि इस पर लगाम जरूरी है।
अमित शाह ने चिंताओं पर कहा कि केंद्र प्रदेश से आतंकवाद के समूल नाश के लिए प्रतिबद्ध है। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया जाएगा। किसी को भी डरने की जरूरत नहीं है। सीआरपीएफ की अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं।
जरूरत पड़ने पर और अधिक सुरक्षा बलों को तैनात किया जाएगा। साथ ही ग्राम सुरक्षा समूहों को अत्याधुनिक हथियार सौंपे जाएंगे ताकि वे आत्म रक्षा के लिए तैयार रहें।
बीएल संतोष कोर ग्रुप के साथ जम्मू में कल करेंगे बैठक
प्रदेश भाजपा के नेताओं ने राष्ट्रीय नेताओं को राजोरी में आतंकवादी हमले के बाद उत्पन्न हालात व सुरक्षा परिदृश्य, प्रधानमंत्री रोजगार पैकेज के तहत कश्मीर घाटी में नौकरी कर रहे कश्मीरी पंडित कर्मचारियों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें अस्थायी तौर पर जम्मू में शिफ्ट करने पर भी बात हुई।
ग्रामीण सुुरक्षा समूहों को मजबूत करने, प्रदेश के अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने के मुद्दे के अलावा संगठनात्मक गतिविधियों मुद्दों पर चर्चा की। राष्ट्रीय महासचिव संगठन बी एल संतोष बुधवार को जम्मू पहुंचकर भाजपा की कोर कमेटी की बैठक में हिस्सा भी लेंगे।