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श्री अमरनाथ गुफा में पूजन के बाद पहलगाम पहुंची पवित्र छड़ी मुबारक, आज लिद्दर नदी के किनारे पूजन और विसर्जन
Tue, 04 Aug 2020 12:25 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 04 Aug 2020 12:25 AM IST
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श्री अमरनाथ गुफा में पूजन के बाद पहलगाम पहुंची पवित्र छड़ी मुबारक
- फोटो : amar ujala
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पवित्र छड़ी मुबारक को सोमवार को हेलीकॉप्टर के जरिये श्री अमरनाथ गुफा में लाया गया और पूजा अर्चना की गई। इसके बाद वापस पहलगाम लाया गया जहां मंगलवार सुबह लिद्दर नदी के किनारे पूजन और विसर्जन के साथ श्री अमरनाथ यात्रा का समापन होगा। इस दौरान महंत दीपेंद्र गिरि और अन्य साधु संत मौजूद रहे। छड़ी मुबारक के संरक्षक महंत दीपेन्द्र गिरि ने बताया कि इससे पहले भी वर्ष 2019 और 1996 में पवित्र छड़ी को हेलिकॉप्टर के जरिये लाया जा चुका है।
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जानकारी के अनुसार सोमवार को श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर दशनामी अखाड़े के महंत और पवित्र छड़ी मुबारक के संरक्षक महंत दीपेन्द्र गिरि श्रीनगर के दशनामी अखाड़े में स्थित अमरेश्वर मंदिर से चंद साधु संतों के साथ सुबह करीब 6 बजे श्रीनगर के राज भवन स्थित नेहरू हेलीपैड पहुंचे, जहां से उन्हें हेलिकॉप्टर में पवित्र अमरनाथ गुफा के लिए ले जाया गया। महंत और साधु संतों की टोली सुबह करीब 8 बजे पवित्र गुफा में पहुंची। इसके बाद मुहूर्त के अनुसार सुबह 10 बजे स्वामी अमरनाथ जी और मां पार्वती की छड़ी मुबारक की पारंपरिक विधि अनुसार पूजा अर्चना की गई।
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इस बार गिने-चुने साधु संत पवित्र छड़ी लेकर पहुंचे
महंत दीपेंद्र गिरि ने बताया कि कोविड-19 के चलते गिने चुने साधु संत ही पवित्र छड़ी के साथ इस बार जा सके, नहीं तो हर वर्ष अच्छी खासी संख्या में साधु संतों के साथ छड़ी मुबारक को अमरेश्वर मंदिर दशनामी अखाड़ा श्रीनगर से नाग पंचमी पर पूजन कर रवाना किया जाता था। रास्ते में पांपोर, बिजबिहाड़ा, गौतम नाग, अनंतनाग, मट्टन, अशमुकाम, पहलगाम आदि स्थानों पर रात्रि पड़ाव के बाद फिर छड़ी मुबारक पवित्र गुफा के लिए रवाना हुआ करती थी। इस दौरान भी चंदनबाड़ी, शेषनाग, पंजतरणी में छड़ी का रात्रि पड़ाव हुआ करता था। इसके बाद पवित्र गुफा में छड़ी मुबारक का पूजन कर पहलगाम में विसर्जन के साथ वार्षिक यात्रा का समापन होता था।
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पूजा में कोरोना के खात्मे के लिए अरदास की गई
उन्होंने बताया कि पूजा अर्चना में कोरोना महामारी के खात्मे की अरदास की गई, ताकि सभी लोग फिर से सामान्य जीवन जी सकें। महंत दीपेंद्र गिरि ने बताया कि छड़ी मुबारक को लेकर वह पहलगाम पहुंच चुके हैं। मंगलवार सुबह लिद्दर नदी के किनारे पूजन और विसर्जन समारोह के साथ वार्षिक अमरनाथ यात्रा का समापन होगा।