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Jammu News: बर्खास्त जवान की याचिका पर हाई कोर्ट ने सीआरपीएफ से मांगा जवाब
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जम्मू। पाकिस्तानी युवती से निकाह करने पर सीआरपीएफ से बर्खास्त जवान मुनीर अहमद ने जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर बर्खास्तगी को चुनौती दी है। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति जावेद इकबाल वानी ने सीआरपीएफ के महानिदेशक और बटालियन 41 बांग्रासिया (भोपाल) व 72 बटालियन सुदरा (राजौरी) के कमांडेंट को नोटिस जारी कर 30 जून तक जवाब दाखिल करने को कहा है।
सीआरपीएफ जवान मुनीर अहमद ने 2017 में सीआरपीएफ में भर्ती होकर छत्तीसगढ़, बिहार, जम्मू-कश्मीर और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में सेवा दी। अपनी पाकिस्तानी रिश्तेदार मीनल खान से निकाह करने को लेकर जवान की बर्खास्तगी बीती दो मई को की गई थी। बर्खास्तगी के समय भारत-पाक संबंधों में तनाव चरम पर था।
अब जवान ने याचिका में शादी के अधिकार, सेवा नियमों की वैधता और निष्पक्ष प्रक्रिया जैसे संवैधानिक पहलुओं को उठाया गया है। याचिकाकर्ता की पत्नी उन पाक नागरिकों में शामिल थी, जिन्हें देश से निकाले जाने का निर्देश था। इसके खिलाफ जवान ने उच्च न्यायालय में गुहार लगाई थी। अदालत ने उनकी पत्नी की देश निकाला प्रक्रिया पर 14 मई तक रोक लगा दी, जिसके बाद उसे अटारी बॉर्डर से वापस बुला लिया गया था।
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सीआरपीएफ जवान मुनीर अहमद ने 2017 में सीआरपीएफ में भर्ती होकर छत्तीसगढ़, बिहार, जम्मू-कश्मीर और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में सेवा दी। अपनी पाकिस्तानी रिश्तेदार मीनल खान से निकाह करने को लेकर जवान की बर्खास्तगी बीती दो मई को की गई थी। बर्खास्तगी के समय भारत-पाक संबंधों में तनाव चरम पर था।
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अब जवान ने याचिका में शादी के अधिकार, सेवा नियमों की वैधता और निष्पक्ष प्रक्रिया जैसे संवैधानिक पहलुओं को उठाया गया है। याचिकाकर्ता की पत्नी उन पाक नागरिकों में शामिल थी, जिन्हें देश से निकाले जाने का निर्देश था। इसके खिलाफ जवान ने उच्च न्यायालय में गुहार लगाई थी। अदालत ने उनकी पत्नी की देश निकाला प्रक्रिया पर 14 मई तक रोक लगा दी, जिसके बाद उसे अटारी बॉर्डर से वापस बुला लिया गया था।
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