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जम्मू-कश्मीर में मौसम का कहर: 6 अक्तूबर को भारी बारिश का अलर्ट, बाढ़-भूस्खलन का खतरा, कई दर्रे हो सकते हैं बंद

Sat, 04 Oct 2025 11:49 AM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: निकिता गुप्ता Updated Sat, 04 Oct 2025 11:49 AM IST
सार

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में पांच से सात अक्तूबर तक भारी बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे बाढ़, भूस्खलन और यातायात बाधित होने की आशंका है। प्रशासन ने किसानों, यात्रियों और आम जनता से सतर्क रहने और आवश्यक एहतियात बरतने की अपील की है।

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Heavy rains lash Jammu and Kashmir, heavy rain alert issued for 6th day, risk of floods and landslides
कश्मीर के ऊंचे इलाकों में पहली बर्फबारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जम्मू-कश्मीर के मौसम में बदलाव हो रहा है। शुक्रवार को जम्मू समेत अन्य कई जिलों में तड़के बारिश हुई। इससे सुबह ठंडक का अहसास हुआ लेकिन मौसम खुलने पर तपिश हो गई। मौसम विभाग श्रीनगर के अनुसार 5 से 7 अक्तूबर के बीच प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश और बर्फबारी होगी।\

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छह अक्तूबर को कुछ जिलों में भारी बारिश के साथ बर्फबारी के आसार हैं। बाढ़, भूस्खलन और पहाड़ों से पत्थर गिरने का खतरा रहेगा। आठ अक्तूबर को मौसम खुल सकता है। वहीं, बर्फबारी के बाद से गुलमर्ग के पहाड़ सफेद चादर से चमकने लगे हैं। यहां बर्फबारी के साथ ठंड का अहसास बढ़ा है। रात के पारे में भी गिरावट आई है। यहां दिन का पारा सामान्य से 2.5 डिग्री गिरकर 14.0 और न्यूनतम तापमान 5.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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जम्मू में तड़के 4 बजे से सात बजे तक पानी बरसा। बाद में मौसम साफ हो गया और धूप खिली रही। यहां दिन का पारा सामान्य से थोड़ा गिरकर 31.5 और न्यूनतम तापमान 18.6 डिग्री दर्ज किया गया। बनिहाल में अधिकतम पारा 22.6, बटोत में 22.7, कटड़ा में 28.4 और भद्रवाह में 23.3 डिग्री दर्ज किया गया। श्रीनगर में हल्की बारिश हुई। यहां दिन का पारा सामान्य से 1.8 डिग्री गिरकर 23.7 व न्यूनतम 13.0 डिग्री दर्ज किया गया।
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पहलगाम में अधिकतम तापमान सामान्य से 3.4 डिग्री गिरकर 19.0 और न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री दर्ज किया गया। किसानों को 5-7 अक्तूबर के बीच कृषि संबंधी गतिविधियां स्थगित करने की सलाह दी गई है। जम्मू संभाग के कुछ हिस्सों में भारी से भारी बारिश हो सकती है। इसका प्रभाव कश्मीर में भी दिखेगा। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग भी प्रभावित हो सकता है। चिनाब वैली और पीर पंजाल की रेंज में बर्फबारी होगी।

40 से 70 किमी प्रति घंटे की गति से चलेंगी हवाएं
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अनंतनाग-पहलगाम, कुलगाम, सिंथन दर्रा, शोपियां, पीर की गली, सोनमर्ग-जोजिला, बांदीपोरा-राजधान दर्रा, गुलमर्ग और कुपवाड़ा-साधना दर्रा सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मध्यम से भारी बर्फबारी हो सकती है। जम्मू संभाग में भारी वर्षा, गरज के साथ छींटे, बिजली, ओलावृष्टि और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। इस दौरान 40 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

लद्दाख में भी पांच से आठ तक भारी बर्फबारी का अलर्ट
लद्दाख में 5 से 8 अक्तूबर तक मध्यम से भारी बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। इसे लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार 3 अक्तूबर तक मौसम साफ रहेगा। चार को बादल छाएंगे। 5 अक्तूबर की रात से वर्षा की संभावना है। एडवाइजरी के अनुसार लेह और कारगिल दोनों जिलों में भारी बर्फबारी की संभावना है।

जोजिला, शिंकुला, बारालाचला, खारदोंगला और चांगला जैसे कई महत्वपूर्ण पर्वतीय दर्रे बर्फबारी के कारण अस्थायी रूप से बंद हो सकते हैं। अधिकारियों ने आगाह किया है कि बर्फीले तूफान से दूरदराज के इलाकों से संपर्क टूट सकता है। किसानों को फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है। ट्रांसपोर्टरों और यात्रियों से अनावश्यक यात्रा से बचने का आग्रह किया गया है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने व सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की हिदायत दी है।

अलर्ट पर रहेंं अधिकारी, हाईवे बाधित नहीं होना चाहिए : सीएम
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि मौसम में बदलाव के चलते अधिकारी अलर्ट पर रहेंं। हाईवे बाधित नहीं होना चाहिए। कृषि और बागवानी विभाग किसानों को सही समय पर सटीक जानकारी दें। फलों को सुरक्षित तरीके से बाजार पहुंचाया जाए।

सीएम ने शुक्रवार को सिविल सचिवालय में विभिन्न विभागों की तैयारियों की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक की। इसमें सड़क मार्ग से जुड़ी एजेंसियों को संवेदनशील स्थानों से बर्फ और मलबा हटाने के लिए मशीनरी तैयार रखने के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री उमर ने कहा कि बिजली, जल शक्ति और आपदा प्रबंधन विभाग को चौबीस सक्रिय रखा जाए। जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर रखे। स्वास्थ्य विभाग को संवेदनशील जगहों पर एंबुलेंस उपलब्ध रखने को कहा। बता दें कि मौसम विभाग के अनुसार चार अक्तूबर से प्रदेश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से कई क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी हो सकती है।

सीएम ने विभागों को फलों की फसलों को होने वाले संभावित नुकसान को कम करने, आवश्यक सेवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने और खराब मौसम में भी मुख्य सड़कों व राजमार्गों को चालू रखने को तैयार रखने को कहा।

सीएम ने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता संभावित खराब मौसम की स्थिति से उत्पन्न किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहना है। लोगों की सुरक्षा, फसलों के नुकसान को रोकना और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की रक्षा के लिए सभी विभागों को मिलकर काम
करना होगा।

बैठक में कृषि मंत्री जावेद अहमद डार, खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले तथा परिवहन मंत्री सतपाल शर्मा, मुख्य सचिव अटल डुलू, जल शक्ति के अतिरिक्त मुख्य सचिव शलीन काबरा, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरज गुप्ता आदि लोग मौजूद रहे।

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