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Jammu News: भारी बारिश से सांबा में जनजीवन अस्त-व्यस्त, बसंतर दरिया में बाढ़ से घरों को खतरा
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जिले में शनिवार की रात से हो रही भारी बारिश ने एक बार फिर से जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बारिश के कारण बसंतर दरिया का जलस्तर काफी बढ़ गया है, जिससे नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
बारिश के कारण मोतलियां गांव में तीन लोगों को स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित निकाला गया। बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोग अब भी सहमे हुए हैं। पंचायत घर में रह रहे विस्थापितों ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि उनके घरों में मलबा जमा हो गया है और उन्हें हर बारिश में अपने मकानों के नष्ट होने का डर लगा रहता है। तीरथ राम, मोहन लाल और अशोक कुमार सहित कई विस्थापितों ने बताया कि उनका सारा सामान पहले ही बर्बाद हो चुका है और अब वे पंचायत घर में रह रहे हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि उनके घरों से मलबा हटवाने और पानी की निकासी की उचित व्यवस्था कराई जाए।
मार्ग बंद और सुरक्षा चौकियों को नुकसान
बाबा शिवो विकास कमेटी के प्रधान महंत देस राज गिरी ने बताया कि भारी बारिश से सुंब-गोरन मार्ग भी बंद हो गया है, जिससे पूरे दिन यातायात बाधित रहा। उन्होंने यह भी बताया कि भूस्खलन के खतरे वाले घरों को फिलहाल तिरपाल से ढक दिया गया है।
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वहीं, रक्षा सूत्रों के अनुसार बसंतर और देविका नदियों में आई बाढ़ से सीमावर्ती क्षेत्रों में दो दर्जन से अधिक सुरक्षा बलों के बंकरों को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे सुरक्षा चुनौतियों बढ़ गई हैं। बीएसएफ के एक अधिकारी ने बताया कि जवान 24 घंटे अंतरराष्ट्रीय सीमा की निगरानी कर रहे हैं। पूर्व सरपंच राम पाल ने बताया कि बरोटा गांव में तटबंध कई जगहों से टूट गया है, जिससे धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है।
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बारिश के कारण मोतलियां गांव में तीन लोगों को स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित निकाला गया। बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोग अब भी सहमे हुए हैं। पंचायत घर में रह रहे विस्थापितों ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि उनके घरों में मलबा जमा हो गया है और उन्हें हर बारिश में अपने मकानों के नष्ट होने का डर लगा रहता है। तीरथ राम, मोहन लाल और अशोक कुमार सहित कई विस्थापितों ने बताया कि उनका सारा सामान पहले ही बर्बाद हो चुका है और अब वे पंचायत घर में रह रहे हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि उनके घरों से मलबा हटवाने और पानी की निकासी की उचित व्यवस्था कराई जाए।
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मार्ग बंद और सुरक्षा चौकियों को नुकसान
बाबा शिवो विकास कमेटी के प्रधान महंत देस राज गिरी ने बताया कि भारी बारिश से सुंब-गोरन मार्ग भी बंद हो गया है, जिससे पूरे दिन यातायात बाधित रहा। उन्होंने यह भी बताया कि भूस्खलन के खतरे वाले घरों को फिलहाल तिरपाल से ढक दिया गया है।
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वहीं, रक्षा सूत्रों के अनुसार बसंतर और देविका नदियों में आई बाढ़ से सीमावर्ती क्षेत्रों में दो दर्जन से अधिक सुरक्षा बलों के बंकरों को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे सुरक्षा चुनौतियों बढ़ गई हैं। बीएसएफ के एक अधिकारी ने बताया कि जवान 24 घंटे अंतरराष्ट्रीय सीमा की निगरानी कर रहे हैं। पूर्व सरपंच राम पाल ने बताया कि बरोटा गांव में तटबंध कई जगहों से टूट गया है, जिससे धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है।