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Jammu News: बारिश से डूबा अस्थायी पुल, 12 गांवों का शॉर्टकट रास्ता गुल
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बारिश ने रोका 12 गांवों का शॉर्टकट रास्ता, पानी में डूबा अस्थायी पुल
हर बार बरसात में यही हालात, अरनिया अब 1 किमी की बजाय 8 किमी दूर
अरनिया। हर बरसात की तरह इस बार भी 12 गांवों का दो महीने के लिए अरनिया से शॉर्टकट कनेक्शन कट गया है। दो दिन की बारिश से अरनिया नाले पर बना अस्थायी पुल पानी में डूब गया है। इस मार्ग से अब आवाजाही बंद है। अरनिया पहुंचने के लिए अब लोगों को 8 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा है। इसके लिए कम से कम आधा घंटा लग रहा है। जबकि, शॉर्टकट में एक किलोमीटर का रास्ता है। हर साल बरसात में यही हालात रहते हैं, पर सरकार ने लोगों की पक्का पुल बनाने की मांग को पूरा नहीं किया।
पक्के पुल की मांग को नजरअंदाज करती रहीं सरकारें
लोगों का कहना है कि अरनिया से 12 गांवों के लोगों को लोहे के अस्थायी पुल से होकर गुजरने में महज 5 मिनट लगते हैं। अब अरनिया पहुंचने का शॉर्टकट रास्ता बंद हो गया है। इससे लोगों का समय, पैसा और पेट्रोल खर्च बढ़ेगा। बर बरसात में अस्थायी पुल पानी में डूब जाता है, पर किसी भी सरकार ने आज तक पक्का पुल बनाने की मांग पूरी नहीं की।
12 गांवों का व्यापारिक केंद्र है अरनिया
लोगों का कहना है कि अरनिया 12 गांवों के लोगों का व्यापारिक केंद्र है। अरनिया में हर चीज उपलब्ध रहती है। इसलिए खरीदारी करने के लिए ज्यादातर लोग यहां आते हैं, परंतु बरसात में पक्के पुल के अभाव के चलते लोगों का करीब 2 महीने अरनिया से कटाव हो जाता है। इसलिए सरकार से मांग है कि अरनिया नाले पर जल्द पक्का पुल बनाकर लोगों की मांग को पूरा किया जाए।
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हर बार बरसात में यही हालात, अरनिया अब 1 किमी की बजाय 8 किमी दूर
अरनिया। हर बरसात की तरह इस बार भी 12 गांवों का दो महीने के लिए अरनिया से शॉर्टकट कनेक्शन कट गया है। दो दिन की बारिश से अरनिया नाले पर बना अस्थायी पुल पानी में डूब गया है। इस मार्ग से अब आवाजाही बंद है। अरनिया पहुंचने के लिए अब लोगों को 8 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा है। इसके लिए कम से कम आधा घंटा लग रहा है। जबकि, शॉर्टकट में एक किलोमीटर का रास्ता है। हर साल बरसात में यही हालात रहते हैं, पर सरकार ने लोगों की पक्का पुल बनाने की मांग को पूरा नहीं किया।
पक्के पुल की मांग को नजरअंदाज करती रहीं सरकारें
लोगों का कहना है कि अरनिया से 12 गांवों के लोगों को लोहे के अस्थायी पुल से होकर गुजरने में महज 5 मिनट लगते हैं। अब अरनिया पहुंचने का शॉर्टकट रास्ता बंद हो गया है। इससे लोगों का समय, पैसा और पेट्रोल खर्च बढ़ेगा। बर बरसात में अस्थायी पुल पानी में डूब जाता है, पर किसी भी सरकार ने आज तक पक्का पुल बनाने की मांग पूरी नहीं की।
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12 गांवों का व्यापारिक केंद्र है अरनिया
लोगों का कहना है कि अरनिया 12 गांवों के लोगों का व्यापारिक केंद्र है। अरनिया में हर चीज उपलब्ध रहती है। इसलिए खरीदारी करने के लिए ज्यादातर लोग यहां आते हैं, परंतु बरसात में पक्के पुल के अभाव के चलते लोगों का करीब 2 महीने अरनिया से कटाव हो जाता है। इसलिए सरकार से मांग है कि अरनिया नाले पर जल्द पक्का पुल बनाकर लोगों की मांग को पूरा किया जाए।
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