जम्मू-कश्मीरः रुबिया सईद अपहरण और वायुसेना के जवानों की हत्या के मामले में फिर टली सुनवाई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहुचर्चित रुबिया सईद अपहरण और वायुसेना के जवानों की हत्या के मामले की सुनवाई फिर टल गई है। टाडा कोर्ट जम्मू में आरोपी शौकत बख्शी की पेशी नहीं हो पाई। कोर्ट ने आरोपी यासीन मलिक और शौकत बख्शी की अगली पेशी के साथ 3 फरवरी 2020 की तारीख दी है।
टाटा कोर्ट के प्रीसाइडिंग अफसर सुभाष गुप्ता ने पाया कि कारावास विभाग को दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने या वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी कराने के आदेश दिए थे। अगली तारीख को यदि पेशी नहीं हो पाती है तो कारावास विभाग को इसके कारण स्पष्ट करने होंगे।
तीस साल पुराने मामले में पुलिस ने मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी डॉ. रुबिया सईद के अपहरण की एफआईआर दर्ज की थी। केस के अनुसार डॉ. रुबिया मिनी बस में ललदेद अस्पताल श्रीनगर से नौगाम स्थित घर जा रही थीं। इसी दौरान डॉ. रुबिया का अपहरण कर लिया गया।
एक महिला समेत 40 वायुसैनिक घायल हो गए थे
मिनी बस में सवार आतंकियों ने डॉ. रुबिया समेत यात्रियों को मारने की धमकी देकर अपनी मांगें रखी थीं। सीबीआई ने 18 सितंबर 1990 को चार्जशीट दाखिल की थी। वहीं पुलिस स्टेशन सदर श्रीनगर में 25 जनवरी 1990 में दर्ज एफआईआर के मुताबिक इसी दिन की सुबह वायुसेना के जवान सनत नगर क्रासिंग पर वायुसेना के वाहन का इंतजार कर रहे थे।
इसी दौरान अज्ञात दहशतगर्दों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इसमें एक महिला समेत 40 वायुसैनिक घायल हो गए थे। दो की मौके पर मौत हो गई थी जबकि तीन अन्य की बाद में जान चली गई।