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जिला अस्पताल के पास एक ही क्त्रिस्टिकेयर एंबुलेंस, कैसे निपटेंगे ओमिक्त्रसॅन से
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सांबा। कोरोना की तीसरी लहर आने को लेकर केंद्र सरकार की ओर से भी जम्मू-कश्मीर को सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन की ओर से भी स्वास्थ्य विभाग को तैयार रहने को कहा गया है। जबकि जिला अस्पताल में एंबुलेंस तक का अभाव है।
सामाजिक कार्यकर्ता एवं कैली मंडी के सरंपच रवींद्र सिंह संबयाल ने बताया कि जिला अस्पताल में एंबुलेंस तक का अभाव है। अस्पताल के पास एक ही क्त्रिस्टिकेयर एंबुलेंस है, दो सामान्य हैं। क ई बार एंबुलेंस को लेकर जिला अस्पताल के डॉक्टरों व कर्मियों के साथ लोगों की तकरार भी होती है। यही नहीं किसी को आपातकाल के लिए 108 पर फोन करने पर भी देरी से एंबुलेंस पहुंचती है। क्योंकि वह अन्य रोगी को लेकर गई होती है। यही नहीं कस्बे की वार्ड-17 के विजय कुमार के परिजनों के अनुसार गत वर्ष विजय कुमार बीमार हो गए। उन्हें एंबुलेंस नहीं मिलने पर उनके परिजनों ने जिला अस्पताल के कर्मियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। बाद में स्वास्थ्य विभाग का सारा स्टाफ धरने पर बैठ गया।
स्वास्थ्य कर्मियों ने पुलिस में मामला दायर करा दिया। बाद में मरीज के परिजनों ने भी एंबुलेंस के देरी से मिलने पर थाने में मामला दायर करने का आवेदन कर दिया। तब के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट ने माना था कि एंबुलेंस जम्मू गई थी। आधा घंटा विलंब से पहुंची थी।
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वहीं मनोहर गोपाला में भी एक व्यक्ति तिरलोक चंद के बीमार होने पर एंबुलेंस को लेकर परेशानी बनी थी। पहाड़ी कस्बा सुंब की महिला के अनुसार उनकी रिश्तेदार महिला के प्रसव के दौरान एंबुलेंस नहीं मिली। महिला ने मार्ग पर ही बच्चे को जन्म दिया। इसको लेकर उपायुक्त ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर को निलंबित करने के आदेश दिए थे। स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। तब जाकर एंबुलेंस उपलब्ध हो सकी।
ऐसे में यदि तीसरी लहर के आ जाने से जिला अस्पताल कैसे निपटेगा, चिंता का विषय है। स्थानीय लोगों की मांग है कि पुरानी 102 एंबुलेंस को भी इमरजेंसी में चलाया जाए। उनके अनुसार जिला अस्पताल सारे जिले को देखता है, जिसमें सांबा, घगवाल, राजपुरा, सुंब, नड, विजयपुर और रामगढ़ शामिल है। सरपंच के अनुसार उनकी जानकारी में है कि आज भी जम्मू-कश्मीर प्रशासन के पास एंबुलेंस खड़ी है। जो धूल चाट रही है। उन्हें क्यों अस्पतालों को नहीं दी जा रही है।
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जिला अस्पताल के पास एक क्त्रिस्टिकेयर और दो सामान्य एंबुलेंस हैं। एक नई क्त्रिस्टिकेयर एंबुलेंस अस्पताल को मिली है। शीघ्र ही पहुंचने वाली है।
-डॉ. विनोद शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल, सांबा
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जिला सांबा में 5 क्त्रिस्टिकेयर और 7 सामान्य एंबुलेंस हैं। इमरजेंसी में सामान्य एंबुलेंस को भी काम में लाया जाता है।
-डॉ. संजे तुर्की, सीएमओ, जिला स्वास्थ्य विभाग सांबा।
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सामाजिक कार्यकर्ता एवं कैली मंडी के सरंपच रवींद्र सिंह संबयाल ने बताया कि जिला अस्पताल में एंबुलेंस तक का अभाव है। अस्पताल के पास एक ही क्त्रिस्टिकेयर एंबुलेंस है, दो सामान्य हैं। क ई बार एंबुलेंस को लेकर जिला अस्पताल के डॉक्टरों व कर्मियों के साथ लोगों की तकरार भी होती है। यही नहीं किसी को आपातकाल के लिए 108 पर फोन करने पर भी देरी से एंबुलेंस पहुंचती है। क्योंकि वह अन्य रोगी को लेकर गई होती है। यही नहीं कस्बे की वार्ड-17 के विजय कुमार के परिजनों के अनुसार गत वर्ष विजय कुमार बीमार हो गए। उन्हें एंबुलेंस नहीं मिलने पर उनके परिजनों ने जिला अस्पताल के कर्मियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। बाद में स्वास्थ्य विभाग का सारा स्टाफ धरने पर बैठ गया।
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स्वास्थ्य कर्मियों ने पुलिस में मामला दायर करा दिया। बाद में मरीज के परिजनों ने भी एंबुलेंस के देरी से मिलने पर थाने में मामला दायर करने का आवेदन कर दिया। तब के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट ने माना था कि एंबुलेंस जम्मू गई थी। आधा घंटा विलंब से पहुंची थी।
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वहीं मनोहर गोपाला में भी एक व्यक्ति तिरलोक चंद के बीमार होने पर एंबुलेंस को लेकर परेशानी बनी थी। पहाड़ी कस्बा सुंब की महिला के अनुसार उनकी रिश्तेदार महिला के प्रसव के दौरान एंबुलेंस नहीं मिली। महिला ने मार्ग पर ही बच्चे को जन्म दिया। इसको लेकर उपायुक्त ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर को निलंबित करने के आदेश दिए थे। स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। तब जाकर एंबुलेंस उपलब्ध हो सकी।
ऐसे में यदि तीसरी लहर के आ जाने से जिला अस्पताल कैसे निपटेगा, चिंता का विषय है। स्थानीय लोगों की मांग है कि पुरानी 102 एंबुलेंस को भी इमरजेंसी में चलाया जाए। उनके अनुसार जिला अस्पताल सारे जिले को देखता है, जिसमें सांबा, घगवाल, राजपुरा, सुंब, नड, विजयपुर और रामगढ़ शामिल है। सरपंच के अनुसार उनकी जानकारी में है कि आज भी जम्मू-कश्मीर प्रशासन के पास एंबुलेंस खड़ी है। जो धूल चाट रही है। उन्हें क्यों अस्पतालों को नहीं दी जा रही है।
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जिला अस्पताल के पास एक क्त्रिस्टिकेयर और दो सामान्य एंबुलेंस हैं। एक नई क्त्रिस्टिकेयर एंबुलेंस अस्पताल को मिली है। शीघ्र ही पहुंचने वाली है।
-डॉ. विनोद शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल, सांबा
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जिला सांबा में 5 क्त्रिस्टिकेयर और 7 सामान्य एंबुलेंस हैं। इमरजेंसी में सामान्य एंबुलेंस को भी काम में लाया जाता है।
-डॉ. संजे तुर्की, सीएमओ, जिला स्वास्थ्य विभाग सांबा।