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उप चिकित्सा केंद्र की इमारत खस्ता
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पीएचसी की इमारत से झड़ता प्लास्टर।
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अरनिया। उप चिकित्सा केंद्र की इमारत की हालत खस्ता होने से यहां अस्पताल की सुंदरता पर फर्क पड़ने लगा है। वहीं मुख्य द्वार से सीमेंट गिरने से हादसा होने की अशंका बन चुकी है।
करीब 26 वर्ष पहले बनाई गई इस इमारत की छत से जगह-जगह सीमेंट (प्लास्टर) गिरना शुरू हो चुका है। सबसे खास बात यह मुख्य प्रवेश द्वार के ऊपर बनाई गई ममटी से भी सीमेंट गिरना शुरू हो चुका है। जो इलाज के लिए आने मरीज व तीमारदारों के लिए खतरे की घंटी है। विक्की भगत, पवन कुमार, बृजेश शर्मा, काका राम व रमेश कुमार आदि लोगों का कहना है कि अस्पताल के प्रवेश द्वार से इमारत का सीमेंट गिर रहा है, जिससे सुंदरता में फर्क तो पड़ रहा है। साथ ही हादसे की आशंका भी बन चुकी है। आज भी प्रवेश द्वार के ऊपर बनाई गई ममटी से सीमेंट गिरा है। अगर यही सीमेंट मरीज, तीमारदारों या स्टाफ के ऊपर गिरता तो काफी दिक्कत होती। हमारी मांग है कि इस पर जल्द ही ध्यान दिया जाए, ताकि हादसों की आशंका को रोका जा सके।
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मंगलवार या बुधवार को जाकर देखूंगा। उसके बाद उच्च अधिकारिओं को सूचित कर दिया जाएगा।
-शमीम अहमद, बीएमओ, बिश्नाह
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करीब 26 वर्ष पहले बनाई गई इस इमारत की छत से जगह-जगह सीमेंट (प्लास्टर) गिरना शुरू हो चुका है। सबसे खास बात यह मुख्य प्रवेश द्वार के ऊपर बनाई गई ममटी से भी सीमेंट गिरना शुरू हो चुका है। जो इलाज के लिए आने मरीज व तीमारदारों के लिए खतरे की घंटी है। विक्की भगत, पवन कुमार, बृजेश शर्मा, काका राम व रमेश कुमार आदि लोगों का कहना है कि अस्पताल के प्रवेश द्वार से इमारत का सीमेंट गिर रहा है, जिससे सुंदरता में फर्क तो पड़ रहा है। साथ ही हादसे की आशंका भी बन चुकी है। आज भी प्रवेश द्वार के ऊपर बनाई गई ममटी से सीमेंट गिरा है। अगर यही सीमेंट मरीज, तीमारदारों या स्टाफ के ऊपर गिरता तो काफी दिक्कत होती। हमारी मांग है कि इस पर जल्द ही ध्यान दिया जाए, ताकि हादसों की आशंका को रोका जा सके।
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मंगलवार या बुधवार को जाकर देखूंगा। उसके बाद उच्च अधिकारिओं को सूचित कर दिया जाएगा।
-शमीम अहमद, बीएमओ, बिश्नाह