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Jammu News: उपजिला अस्पताल आरएस पुरा में सुविधाएं कम दिक्कतें ज्यादा
Thu, 13 Jul 2023 02:45 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Thu, 13 Jul 2023 02:45 AM IST
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तीन ब्लॉक की 64 पंचायत की तीन लाख आबादी प्रभावित, नए इमारत मिलने के बाद भी असुविधाओं ने नहीं छोड़ा साथ
लोग दवाइयां बाहर से खरीदने के लिए मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा। दो साल पहले उपजिला अस्पताल को नई इमारत में स्थानांतरित होने से ग्रामीणों को उचित स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद जगी थी। लेकिन आजतक स्थिति जस के तस है। तीन ब्लॉक की 64 पंचायतों की करीब तीन लाख आबादी प्रभावित हो रही है। जन औषधि केंद्र पांच-छह माह से बंद हैं, जिस कारण लोग बाहर से दवाइयां खरीदने के लिए मजबूर हैं। अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी सप्ताह में मात्र दो ही दिन मिल रही है। अस्पताल का जहां वाटर कूलर काफी समय से खराब है, वहीं कैंटीन की भी सुविधा नहीं है।
कस्बे के यशपाल और कृष्णा देवी आदि ने बताया कि उपचार के लिए यहां पहुंचने पर कई बार जीएमसी रेफर कर दिया जाता है। उपजिला अस्पताल का भवन तो बड़ा बन गया है, लेकिन रोगियों को वैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। जन औषधि केंद्र पांच-छह माह से बंद पड़ा है, जिस कारण लोग बाहर से महंगी दवाइयां खरीदने के लिए मजबूर हैं। डॉक्टरों की ओर से भी बाहर दवाइयां लेने के लिए लिख दिया जाता है। अल्ट्रासाउंड सुविधा भी सप्ताह में सिर्फ दो दिन मिलती है। ओपीडी शाम चार बजे बंद होती है, लेकिन कई बार डॉक्टर पहले ही चले जाते हैं। उपजिले की तीन लाख की आबादी के लिहाज से अस्पताल में सुविधाएं मिलनी चाहिए।
अस्पताल में इन सुविधाओं की भी है कमी
उपजिला अस्पताल के जच्चा बच्चा वार्ड के एसी बंद पड़े हैं। वाटर कूलर नहीं है, जिस कारण लोग दुकानों से खरीद कर पानी पीने के लिए मजबूर हैं। कैंटीन भी नहीं है। रात के समय पहुंचने वाले मरीजों और तीमारदारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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नया भवन बनने पर काफी बदलाव आया है। अल्ट्रासाउंड और जनऔषधि केंद्र के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा गया है। अस्पताल में बेहतर सुविधाएं मुहैया करवाने की प्रकिया जारी है। शीघ्र ही लोगों को सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
- डॉ. मोनिका सूरी, बीएमओ, उपजिला अस्पताल, सांबा
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लोग दवाइयां बाहर से खरीदने के लिए मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा। दो साल पहले उपजिला अस्पताल को नई इमारत में स्थानांतरित होने से ग्रामीणों को उचित स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद जगी थी। लेकिन आजतक स्थिति जस के तस है। तीन ब्लॉक की 64 पंचायतों की करीब तीन लाख आबादी प्रभावित हो रही है। जन औषधि केंद्र पांच-छह माह से बंद हैं, जिस कारण लोग बाहर से दवाइयां खरीदने के लिए मजबूर हैं। अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी सप्ताह में मात्र दो ही दिन मिल रही है। अस्पताल का जहां वाटर कूलर काफी समय से खराब है, वहीं कैंटीन की भी सुविधा नहीं है।
कस्बे के यशपाल और कृष्णा देवी आदि ने बताया कि उपचार के लिए यहां पहुंचने पर कई बार जीएमसी रेफर कर दिया जाता है। उपजिला अस्पताल का भवन तो बड़ा बन गया है, लेकिन रोगियों को वैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। जन औषधि केंद्र पांच-छह माह से बंद पड़ा है, जिस कारण लोग बाहर से महंगी दवाइयां खरीदने के लिए मजबूर हैं। डॉक्टरों की ओर से भी बाहर दवाइयां लेने के लिए लिख दिया जाता है। अल्ट्रासाउंड सुविधा भी सप्ताह में सिर्फ दो दिन मिलती है। ओपीडी शाम चार बजे बंद होती है, लेकिन कई बार डॉक्टर पहले ही चले जाते हैं। उपजिले की तीन लाख की आबादी के लिहाज से अस्पताल में सुविधाएं मिलनी चाहिए।
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अस्पताल में इन सुविधाओं की भी है कमी
उपजिला अस्पताल के जच्चा बच्चा वार्ड के एसी बंद पड़े हैं। वाटर कूलर नहीं है, जिस कारण लोग दुकानों से खरीद कर पानी पीने के लिए मजबूर हैं। कैंटीन भी नहीं है। रात के समय पहुंचने वाले मरीजों और तीमारदारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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नया भवन बनने पर काफी बदलाव आया है। अल्ट्रासाउंड और जनऔषधि केंद्र के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा गया है। अस्पताल में बेहतर सुविधाएं मुहैया करवाने की प्रकिया जारी है। शीघ्र ही लोगों को सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
- डॉ. मोनिका सूरी, बीएमओ, उपजिला अस्पताल, सांबा