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Jammu News: नवरात्र में मरीजों को समर्पित होगा बोन एंड ज्वाइंट अस्पताल
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। कई डेडलाइन के बाद नवरात्र में मरीजों को बोन एंड ज्वाइंट अस्पताल समर्पित किया जाएगा। पहले चरण में ओपीडी सेवा शुरू होगी, फिर इंडोर वार्ड शुरू किया जाएगा। ओपीडी ट्रामा और स्पाइनल वार्ड को फिलहाल जीएमसी जम्मू में रखा जाएगा। स्टाफ के अभाव में नए स्वास्थ्य भवन को शुरू करने में कई चुनौतियां भी हैं। अस्पताल में सात आपरेशन थियेटर स्थापित हैं, लेकिन स्टाफ न होने के कारण पहले चरण में दो थियेटर शुरू किए जाएंगे।
अस्पताल को गति देने के लिए जीएमसी प्रशासन की ओर से ढाई करोड़ के नई एक्सरे यूनिट और अल्ट्रासाउंड के लिए ऑर्डर किया है। 45 करोड़ के अस्पताल में 180 बिस्तर स्थापित करने की क्षमता है। पांच सामान्य और दो डे केयर थियेटर स्थापित किए जाने हैं। डे केयर में एक ही दिन में ऑपरेशन की सुविधा मिलेगी, जबकि सामान्य में योजना वाली सर्जरी की जाएंगी।
जीएमसी के आर्थो विभाग में चार ऑपरेशन थियेटर हैं, जिसमें तीन कार्यरत हैं। सीमित थियेटर होने से खासतौर पर रूटीन मामलों में मरीजों को इंतजार करना पड़ता है। अस्पताल का निर्माण फरवरी 2029 में शुरू किया था। दो साल में पूरा करने का लक्ष्य था। पिछले साल सितंबर में शुरू करने का दावा था, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। वहीं. साढ़े तीन सौ से अधिक पदों को सरकार के पास भेजा गया है, जिनकी मंजूरी नहीं मिली।
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बोन एंड ज्वाइंट अस्पताल शुरू होने से आर्थो क्षेत्र मजबूत होगा। पर्याप्त स्टाफ के बाद सर्जरी की क्षमता बढ़ेगी, जिससे खासतौर पर दूरदराज के मरीजों को राहत मिलेगी। नवरात्र में सुविधा मिल जाएगी।
-डॉ. आशुतोष गुप्ता, प्रिंसिपल, जीएमसी
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जम्मू। कई डेडलाइन के बाद नवरात्र में मरीजों को बोन एंड ज्वाइंट अस्पताल समर्पित किया जाएगा। पहले चरण में ओपीडी सेवा शुरू होगी, फिर इंडोर वार्ड शुरू किया जाएगा। ओपीडी ट्रामा और स्पाइनल वार्ड को फिलहाल जीएमसी जम्मू में रखा जाएगा। स्टाफ के अभाव में नए स्वास्थ्य भवन को शुरू करने में कई चुनौतियां भी हैं। अस्पताल में सात आपरेशन थियेटर स्थापित हैं, लेकिन स्टाफ न होने के कारण पहले चरण में दो थियेटर शुरू किए जाएंगे।
अस्पताल को गति देने के लिए जीएमसी प्रशासन की ओर से ढाई करोड़ के नई एक्सरे यूनिट और अल्ट्रासाउंड के लिए ऑर्डर किया है। 45 करोड़ के अस्पताल में 180 बिस्तर स्थापित करने की क्षमता है। पांच सामान्य और दो डे केयर थियेटर स्थापित किए जाने हैं। डे केयर में एक ही दिन में ऑपरेशन की सुविधा मिलेगी, जबकि सामान्य में योजना वाली सर्जरी की जाएंगी।
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जीएमसी के आर्थो विभाग में चार ऑपरेशन थियेटर हैं, जिसमें तीन कार्यरत हैं। सीमित थियेटर होने से खासतौर पर रूटीन मामलों में मरीजों को इंतजार करना पड़ता है। अस्पताल का निर्माण फरवरी 2029 में शुरू किया था। दो साल में पूरा करने का लक्ष्य था। पिछले साल सितंबर में शुरू करने का दावा था, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। वहीं. साढ़े तीन सौ से अधिक पदों को सरकार के पास भेजा गया है, जिनकी मंजूरी नहीं मिली।
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बोन एंड ज्वाइंट अस्पताल शुरू होने से आर्थो क्षेत्र मजबूत होगा। पर्याप्त स्टाफ के बाद सर्जरी की क्षमता बढ़ेगी, जिससे खासतौर पर दूरदराज के मरीजों को राहत मिलेगी। नवरात्र में सुविधा मिल जाएगी।
-डॉ. आशुतोष गुप्ता, प्रिंसिपल, जीएमसी