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Jammu News: आईएसपीडी की पहली भारतीय अध्यक्ष बनीं रियासी की डॉ. आरती नंदा
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- बाल चिकित्सा और त्वचा विज्ञान में शोधों का विस्तार होगा
संवाद न्यूज एजेंसी
रियासी/जम्मू। रियासी की रहने वालीं डॉ. आरती नंदा को बाल चिकित्सा त्वचा विज्ञान की 15वीं विश्व कांग्रेस में इंटरनेशनल सोसायटी ऑफ पीडियाट्रिक डर्मेटोलॉजी (आईएसपीडी) का अध्यक्ष चुना गया है। वह 2029 तक इस पद पर बनी रहेंगी। यह आयोजन आठ से 11 अप्रैल के बीच अर्जेंटीना के सेंट्रो डी कॉन्वेंसियोनेस ब्यूनस आयर्स में किया गया था। डॉ. नंदा इस पद पर पहुंचने वाली पहली भारतीय हैं।
उन्होंने इस उपलब्धि से जम्मू-कश्मीर ही नहीं समूचे देश का मान बढ़ाया है। डॉक्टर आरती नंदा वर्तमान में कुवैत में कार्यरत हैं, जहां वह कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजिस्ट और पीडियाट्रिक यूनिट की प्रमुख हैं। डॉ. नंदा की यह उपलब्धि भारतीय चिकित्सा समुदाय के लिए गौरव का विषय है। उनकी नियुक्ति से बाल चिकित्सा और त्वचा विज्ञान में हो रहे शोधों का विस्तार होगा, साथ ही अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा सहयोग को मजबूती मिलेगी।
प्रतिष्ठित डोगरा परिवार से ताल्लुक
रियासी की नई बस्ती में पली-बढ़ीं डॉ. आरती नंदा का ताल्लुक प्रतिष्ठित डोगरा परिवार से है। वह जाने-माने वकील रहे रूपचंद नंदा की पोती और प्रसिद्ध वकील व सामाजिक कार्यकर्ता स्वर्गीय माधव लाल नंदा की बेटी हैं। उनकी मां स्व. कैलाश नंदा भी प्रतिष्ठित शिक्षिका थीं। डॉ. आरती नंदा को शिक्षा और संस्कार की समृद्ध विरासत मिली है। उन्होंने रियासी में प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की। सरकारी मेडिकल कॉलेज जम्मू से चिकित्सा में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर से त्वचा विज्ञान में स्नातकोत्तर और सुपर-स्पेशियलिटी प्रशिक्षण प्राप्त किया।
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उपलब्धियां : पीडियाट्रिक डर्मेटोलॉजी में चार दशकों का अनुभव
डॉ. नंदा ने पीडियाट्रिक डर्मेटोलॉजी में चार दशकों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने 170 से अधिक शोध प्रकाशनों का लेखन किया है। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में आमंत्रित वक्ता और अध्यक्ष रही हैं। उन्हें 2022 में इंटरनेशनल लीग ऑफ डर्मेटोलॉजिस्ट्स की ओर से पीडियाट्रिक डर्मेटोलॉजी में एप्रीसिएशन अवाॅर्ड से सम्मानित किया गया था। डॉ. आरती नंदा के नेतृत्व में पीडियाट्रिक डर्मेटोलॉजी के क्षेत्र में नए अध्याय जुड़ेंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रियासी/जम्मू। रियासी की रहने वालीं डॉ. आरती नंदा को बाल चिकित्सा त्वचा विज्ञान की 15वीं विश्व कांग्रेस में इंटरनेशनल सोसायटी ऑफ पीडियाट्रिक डर्मेटोलॉजी (आईएसपीडी) का अध्यक्ष चुना गया है। वह 2029 तक इस पद पर बनी रहेंगी। यह आयोजन आठ से 11 अप्रैल के बीच अर्जेंटीना के सेंट्रो डी कॉन्वेंसियोनेस ब्यूनस आयर्स में किया गया था। डॉ. नंदा इस पद पर पहुंचने वाली पहली भारतीय हैं।
उन्होंने इस उपलब्धि से जम्मू-कश्मीर ही नहीं समूचे देश का मान बढ़ाया है। डॉक्टर आरती नंदा वर्तमान में कुवैत में कार्यरत हैं, जहां वह कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजिस्ट और पीडियाट्रिक यूनिट की प्रमुख हैं। डॉ. नंदा की यह उपलब्धि भारतीय चिकित्सा समुदाय के लिए गौरव का विषय है। उनकी नियुक्ति से बाल चिकित्सा और त्वचा विज्ञान में हो रहे शोधों का विस्तार होगा, साथ ही अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा सहयोग को मजबूती मिलेगी।
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प्रतिष्ठित डोगरा परिवार से ताल्लुक
रियासी की नई बस्ती में पली-बढ़ीं डॉ. आरती नंदा का ताल्लुक प्रतिष्ठित डोगरा परिवार से है। वह जाने-माने वकील रहे रूपचंद नंदा की पोती और प्रसिद्ध वकील व सामाजिक कार्यकर्ता स्वर्गीय माधव लाल नंदा की बेटी हैं। उनकी मां स्व. कैलाश नंदा भी प्रतिष्ठित शिक्षिका थीं। डॉ. आरती नंदा को शिक्षा और संस्कार की समृद्ध विरासत मिली है। उन्होंने रियासी में प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की। सरकारी मेडिकल कॉलेज जम्मू से चिकित्सा में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर से त्वचा विज्ञान में स्नातकोत्तर और सुपर-स्पेशियलिटी प्रशिक्षण प्राप्त किया।
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उपलब्धियां : पीडियाट्रिक डर्मेटोलॉजी में चार दशकों का अनुभव
डॉ. नंदा ने पीडियाट्रिक डर्मेटोलॉजी में चार दशकों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने 170 से अधिक शोध प्रकाशनों का लेखन किया है। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में आमंत्रित वक्ता और अध्यक्ष रही हैं। उन्हें 2022 में इंटरनेशनल लीग ऑफ डर्मेटोलॉजिस्ट्स की ओर से पीडियाट्रिक डर्मेटोलॉजी में एप्रीसिएशन अवाॅर्ड से सम्मानित किया गया था। डॉ. आरती नंदा के नेतृत्व में पीडियाट्रिक डर्मेटोलॉजी के क्षेत्र में नए अध्याय जुड़ेंगे।