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जम्मू की जेलों में बदला खान-पान: 8.5 करोड़ रुपये से सुधरेगी कैदियों की डाइट, मिलेगा मटन और कश्मीरी व्यंजन
Tue, 13 Oct 2026 02:43 AM IST
Digvijay Singh
अरुण कुमार, अमर उजाला, जम्मू
अरुण कुमार, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Digvijay Singh
Updated Tue, 13 Oct 2026 02:43 AM IST
सार
सलाखों के पीछे की जिंदगी और जेल के बेस्वाद खाने की पुरानी छवि अब जम्मू-कश्मीर में बदलने जा रही है। जम्मू की केंद्रीय जेल कोट भलवाल और जिला जेल जम्मू में बंद कैदियों को अब अधिक पोषक, जायकेदार और कश्मीरी पारंपरिक स्वाद वाला खाना परोसा जाएगा। इसके लिए जम्मू-कश्मीर जेल विभाग 8.50 करोड़ रुपये की उच्च गुणवत्ता वाली खाद्य सामग्री की खरीद कर रहा है।
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सुधरेगी कैदियों की डाइट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सलाखों के पीछे की जिंदगी और जेल के बेस्वाद खाने की पुरानी छवि अब जम्मू-कश्मीर में बदलने जा रही है। जम्मू की केंद्रीय जेल कोट भलवाल और जिला जेल जम्मू में बंद कैदियों को अब अधिक पोषक, जायकेदार और कश्मीरी पारंपरिक स्वाद वाला खाना परोसा जाएगा। इसके लिए जम्मू-कश्मीर जेल विभाग 8.50 करोड़ रुपये की उच्च गुणवत्ता वाली खाद्य सामग्री की खरीद कर रहा है।
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डीजी जेल ने जारी किया नया डाइट प्लान
डायरेक्टर जनरल जेल दीपक कुमार की ओर से जारी नए डाइट प्लान में कैदियों की सेहत और पोषण का विशेष ध्यान रखा गया है। कैदियों के शरीर में प्रोटीन की पूर्ति के लिए 10 अलग-अलग प्रकार की दालों की खरीद की जा रही है, जिनमें राजमा, चना, उड़द, मसूर, मूंग की दो किस्में और मटर दाल शामिल हैं। इसके अलावा भोजन तैयार करने के लिए ब्रांडेड देसी घी का ही इस्तेमाल किया जाएगा।
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नाश्ते में कश्मीरी चाय-रोटी और दोपहर में हाक साग-नादरू
नए मेन्यू के अनुसार, कैदियों की सुबह की शुरुआत दूध और चाय के साथ पारंपरिक कश्मीरी रोटी, चेचवरू और कचौड़ी से होगी। हरी सब्जियों में सामान्य सब्जियों के अलावा स्थानीय कश्मीरी पहचान वाले व्यंजन जैसे कडम, हाक साग और नादरू (कमलगट्टा) शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही मांसाहारी कैदियों के लिए हलाल और झटका मटन के अलावा अंडों की व्यवस्था की गई है। कैदियों को सूखे मेवे, ए-ग्रेड खजूर और सूखा नारियल भी दिया जाएगा।
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अति-संवेदनशील कोट भलवाल जेल में भी लागू होगी व्यवस्था
गौरतलब है कि केंद्रीय जेल कोट भलवाल राज्य की सबसे सुरक्षित और संवेदनशील जेलों में से एक है, जहाँ कई पाकिस्तानी व कश्मीरी आतंकवादी, नामी गैंगस्टर और नशा तस्कर बंद हैं। इसी जेल में जैश-ए-मोहम्मद का सरगना मसूद अजहर भी रिहा होने से पहले तक बंद रहा था।