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जानिए क्यों, मैदान की तरफ बढ़ रहे पीर पंजाल के पहाड़ी
ब्यूरो/अमर उजाला, राजोरी
Updated Mon, 22 Sep 2014 11:28 PM IST
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जिले की पीर पंजाल की पहाडि़यों और कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले गुर्जर बक्रवाल समुदाय के लोगों ने मैदानों की ओर रुख करना शुरू कर दिया है। पिछले दिनों हुई मूसलाधार बारिश में मवेशियों का चारा बर्बाद हो गया है। इसके चलते गुज्जर बक्करवालों के सामने मवेशियों का पेट भरने का संकट पैदा हो गया है।
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बारिश के बाद तापमान में भी तेजी से गिरावट हुई है, इसलिए गुज्जर बक्करवाल अपने माल मवेशियों के साथ मैदानों का रुख करने लगे हैं। मुगल रोड खुल जाने से इनके आने का सिलसिला शुरू हो गया है। अगले छह महीने तक ये लोग जम्मू, कठुआ, राजोरी, सहित अन्य इलाकों में रहेंगे।
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जानकारी के अनुसार समुदाय के लोग छह माह तक मैदानों में रहते हैं, जबकि छह महीने ऊंचे पहाड़ी इलाकों में। आमतौर पर सर्दियों में ये लोग अक्तूबर के अंत में ही मैदानों की तरफ रुख करते हैं, लेकिन इस वर्ष सितंबर में ही इनका आना शुरू हो गया है।
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गुज्जर समुदाय से ताल्लुक रखने वाले अब्दुल खालिद का कहना है कि पहाड़ों पर अब ठंड शुरू हो गई है, वहीं तेज बारिश के बाद अब उनके मवेशियों के लिए चारे का संकट भी खड़ा हो गया है। इसलिए वह पहाड़ों से मैदानों की तरफ आ रहे हैं।
गुर्जर बक्करवाल समुदाय के अन्य लोगों ने बताया कि बाढ़ में उनके कई मवेशी बह गए। इससे उनकी कमर टूट गई है। जो मवेशी बचे हैं, वे अब उनको लेकर मैदानों का रुख कर रहे हैं, ताकि अपना गुजारा कर सकें। समुदाय के लोगों का गुजारा भेड़ बकरियों और मवेशियों से ही होता है।