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Jammu News: सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल मुबारक मंडी में छात्राओं ने पटाखे न चलाने का संकल्प लिया
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल (लड़कियों) मुबारक मंडी में वीरवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से शिविर लगाया गया। छात्राओं को ग्रीन दीपावली के लिए जागरूक किया गया। उन्हें बताया गया कि पारंपरिक और ग्रीन दीपावली मनाकर प्रदूषण से छुटकारा पाने के साथ त्योहार का अधिक आनंद ले सकते हैं। इससे ध्वनि और वायु प्रदूषण नहीं फैलता है।
मुख्य वक्ता पूर्व चिकित्सा अधीक्षक आयुर्वेदिक अस्पताल जम्मू डॉ. तरण सिंह ने कहा कि कुछ दशक में दीपावली पर दीपमाला के बजाय पटाखों का प्रचलन बढ़ा है, जबकि भगवान श्रीराम जब अयोध्या लौटे थे तब ऐसा कुछ नहीं था। समाज में धीरे-धीरे पटाखों को फोड़ने की बुराई फैलती चली गई और आज खासतौर पर दीपावली और उसके कई दिन बाद तक देश के कई राज्य और केंद्र शासित प्रदेश प्रदूषण से घिरे रहते हैं। जिससे मानव शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ने के साथ जानवरों को नुकसान पहुंचता है। ग्रीन दीपावली से ध्वनि और वायु प्रदूषण को फैलने से रोक सकते हैं। कोरोना के समय अधिकांश गतिविधियां बंद रहने से प्रदूषण का प्रभाव काफी कम रहा, जिससे वातावरण में स्वच्छता अधिक रही। औद्योगिक इकाइयों और वाहनों से पहले ही प्रदूषण बढ़ रहा है और आतिशबाजी इसे और अधिक बढ़ा देते हैं। ध्वनि और वायु प्रदूषण कम करने के लिए दीपावली पर पटाखे नहीं चलाने चाहिए। इस दौरान छात्राओं ने पटाखे नहीं चलाने का संकल्प लिया।
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जम्मू। सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल (लड़कियों) मुबारक मंडी में वीरवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से शिविर लगाया गया। छात्राओं को ग्रीन दीपावली के लिए जागरूक किया गया। उन्हें बताया गया कि पारंपरिक और ग्रीन दीपावली मनाकर प्रदूषण से छुटकारा पाने के साथ त्योहार का अधिक आनंद ले सकते हैं। इससे ध्वनि और वायु प्रदूषण नहीं फैलता है।
मुख्य वक्ता पूर्व चिकित्सा अधीक्षक आयुर्वेदिक अस्पताल जम्मू डॉ. तरण सिंह ने कहा कि कुछ दशक में दीपावली पर दीपमाला के बजाय पटाखों का प्रचलन बढ़ा है, जबकि भगवान श्रीराम जब अयोध्या लौटे थे तब ऐसा कुछ नहीं था। समाज में धीरे-धीरे पटाखों को फोड़ने की बुराई फैलती चली गई और आज खासतौर पर दीपावली और उसके कई दिन बाद तक देश के कई राज्य और केंद्र शासित प्रदेश प्रदूषण से घिरे रहते हैं। जिससे मानव शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ने के साथ जानवरों को नुकसान पहुंचता है। ग्रीन दीपावली से ध्वनि और वायु प्रदूषण को फैलने से रोक सकते हैं। कोरोना के समय अधिकांश गतिविधियां बंद रहने से प्रदूषण का प्रभाव काफी कम रहा, जिससे वातावरण में स्वच्छता अधिक रही। औद्योगिक इकाइयों और वाहनों से पहले ही प्रदूषण बढ़ रहा है और आतिशबाजी इसे और अधिक बढ़ा देते हैं। ध्वनि और वायु प्रदूषण कम करने के लिए दीपावली पर पटाखे नहीं चलाने चाहिए। इस दौरान छात्राओं ने पटाखे नहीं चलाने का संकल्प लिया।
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