वित्त मंत्री के 'ग्रीन चैनल' का वादा बना चुनावी दावा
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वित्त मंत्री डा. हसीब द्राबू ने इसी साल के आरंभ में जब अपना मेडन बजट विधानसभा में पेश किया था तो रियासत से उद्यमियों ने उसे काफी सराहा था और उम्मीद जताई थी।
नए वित्त मंत्री अर्थशास्त्री है और वह उद्योगों के उत्थान के लिए कुछ करेंगे, लेकिन लगभग नौ माह बीत जाने के बावजूद उनके बजट भाषण का वादा पूरा होने का रियासत के उद्यमी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
रियासत के प्रवेश द्वार लखनपुर में माल से भरे ट्रकों को जांच के लिए दो दिन तक इंतजार करना पड़ता है। इस समस्या को उद्यमियों ने पिछले वित्त मंत्री अब्दुल रहीम राथर के समक्ष भी रखा था, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
वित्त मंत्री ने बजट में किया था गोल्ड कार्ड देने का वादा
नए वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा था कि उद्यमियों को राहत देने के लिए लखनपुर में ग्रीन चैनल बनाया जाएगा। साथ ही उद्यमियों को तीन तरह के गोल्ड, सिल्वर और ब्रांज कार्ड दिए जाएंगे। इस कार्ड को दिखाने के बाद उनके ट्रक को लखनपुर में जांच के नाम पर नहीं रोका जाएगा।
बाड़ी ब्राह्मणा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पूर्व प्रेसीडेंट अनिल सूरी कहते हैं कि वित्त मंत्री की घोषणा के बाद उन्हें लगा कि कुछ परिवर्तन होगा, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। इसका मुख्य कारण रियासत की नई औद्योगिक नीति को लागू नहीं कर पाना है।
नई औद्योगिक नीति में इन कार्ड का जिक्र है, लेकिन वह नीति ही आज तक नहीं लागू हो पाई। पुरानी नीति को ही एक्सटेंड कर दिया गया है। अब यह नीति संभवत: अगले वित्त वर्ष में लागू होगी तो उद्यमियों को कार्ड जारी किए जाने की संभावना है।