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जम्मू-कश्मीर: हिरासत में रखे गए नेताओं को बांड भरवाकर रिहा करेगी सरकार

Sat, 21 Sep 2019 12:18 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, श्रीनगर
अमर उजाला ब्यूरो, श्रीनगर Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 21 Sep 2019 12:18 AM IST
सार

  • अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारूक समेत सात नेताओं ने रिहाई के लिए बांड पर हस्ताक्षर किए हैं
  • पिछले 47 दिनों से अलगाववादियों तथा विभिन्न पार्टियों के नेताओं को हिरासत में रखा गया है 
  • हिरासत में रखे गए नेताओं को प्रशासन ने बांड पर हस्ताक्षर करने की शर्त पर रिहाई की पेशकश की है

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Government will release the detained leaders on bond
Mehbooba Mufti - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राज्य के विशेष दर्जे की समाप्ति के बाद हिरासत में लिए गए अलगाववादियों तथा नेताओं को सरकार ने बांड पर रिहा करने का फैसला किया है। इसके लिए उनसे बांड पर हस्ताक्षर कराए जा रहे हैं। 

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अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारूक समेत सात नेताओं ने रिहाई के लिए बांड पर हस्ताक्षर किए हैं। पिछले 47 दिनों से अलगाववादियों तथा विभिन्न पार्टियों के नेताओं को हिरासत में रखा गया है। हिरासत में रखे गए नेताओं को प्रशासन ने बांड पर हस्ताक्षर करने की शर्त पर रिहाई की पेशकश की है। 
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सूत्रों के अनुसार मीरवाइज उमर फारूक के अलावा नेशनल कांफ्रें स के दो, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी और पीपुल्स कांफ्रें स के एक-एक नेता और दो अन्य ने बांड पर हस्ताक्षर किए हैं। वे हिरासत में लिए गए उन 36 लोगों में शामिल हैं जिन्हें सेंटूर होटल में रखा गया है। 
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पीपुल्स कांफ्रें स के अध्यक्ष सज्जाद गनी लोन, पीडीपी युवा विंग के नेता वाहिद पारा और नौकरशाह से नेता बने शाह फैसल ने बांड पर हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया है। सूत्रों ने बताया कि बांड पर रिहाई उनके किसी राजनीतिक गतिविधि में शामिल होने पर रोक लगाता है। 
प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि बांड पर हस्ताक्षर करने के बाद रिहा हुए लोगों को ऐसी किसी भी गतिविधि में शामिल होने की इजाजत नहीं होगी जो दस्तावेज में निषिद्ध बताए गए हैं। जो भी प्रावधान का उल्लंघन करेगा उसे फिर से हिरासत में ले लिया जाएगा।

एक हजार से अधिक लोग हिरासत में
अनुमान के मुताबिक पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला व महबूबा मुफ्ती समेत एक हजार से अधिक नेताओं, अलगाववादियों, कार्यकर्ताओं और वकीलों को हिरासत में रखा गया है। नेकां नेता अली मोहम्मद सागर समेत लगभग 100 लोगों को राज्य के बाहर की जेलों में भेजा गया है। 

फारूक पीएसए में हैं गिरफ्तार
पूर्व मुख्यमंत्री तथा श्रीनगर से नेकां सांसद डा. फारूक अब्दुल्ला को पीएसए के तहत गिरफ्तार रखा गया है। सोमवार को गिरफ्तार के बाद उनके गुपकार रोड स्थित आवास को अस्थायी जेल घोषित कर दिया गया है। 

देश के खिलाफ लोगों को लामबंद करने और घाटी में सार्वजनिक रूप से अव्यवस्था पैदा करने की ‘जबरदस्त क्षमता’ वाले बयान सूचीबद्ध आरोपों में शामिल हैं। उन पर अपने भाषणों में आतंकियों और अलगाववादियों की महिमा मंडन का भी आरोप लगाया गया है। वह पांच अगस्त से अपने घर में ही नजरबंद थे। पीएसए के प्रावधानों के तहत तीन से छह महीने तक जेल में रखा जा सकता है।



इमरान अंसारी समेत तीन नेता रिहा
पीडीपी के पूर्व मंत्री तथा पीपुल्स कांफ्रेंस के नेता इमरान अंसारी, पीडीपी नेता खुर्शीद आलम और नेशनल कांफ्रेंस के सैयद आखून को शुक्रवार को रिहा किया गया। इन नेताओं को राज्य के अन्य राजनीतिक बंदियों के साथ सेंटूर होटल में रखा गया था। आखून को स्वास्थ्य आधार पर छोड़ा गया, जबकि आलम को  उनके भाई के निधन के कारण अस्थायी तौर पर रिहा किया गया। अंसारी को उपचार कराने के लिए छोड़ा गया, जो इस सिलसिले में नई दिल्ली रवाना हो गए। उन्हें मोहर्रम के पहले उनके आवास से सेंटूर होटल में स्थानांतरित किया गया था। अंसारी राज्य में महबूबा मुफ्ती की सरकार गिरने के बाद उनके नेतृत्व के खिलाफ  बगावत करने वाले पहले पीडीपी नेता थे। 2014 के चुनाव में पट्टन विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुए थे।

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