जम्मू-कश्मीर: दो पूर्व मंत्रियों-डीडीसी अध्यक्ष कठुआ से खाली कराई सरकारी भूमि, वित्तमंत्री रहे द्राबू भी शामिल
हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटवा रहा है। इसी के तहत पहले पूर्व मंत्री अली मोहम्मद सागर व पूर्व समाज कल्याण मंत्री हुसैन के ढांचे भी गिराए जा चुके हैं। अब शोपियां जिले में पूर्व वित्त मंत्री डॉ. हसीब द्राबू की ओर से अवैध रूप से कब्जाई गई 15 कनाल भूमि को मुक्त कराया गया है।
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सरकारी, रोशनी एक्ट तथा काचराई भूमि पर अवैध कब्जे के खिलाफ प्रशासन ने जम्मू व कश्मीर दोनों संभाग में कार्रवाई तेज कर दी है। पीडीपी-भाजपा सरकार में वित्त मंत्री रहे डॉ. हसीब द्राबू की ओर से शोपियां में हाई डेंसिटी बागान के लिए 15 कनाल जमीन पर कब्जे को हटाया। कठुआ में जिला विकास परिषद अध्यक्ष महान सिंह तथा पूर्व मंत्री प्रेम सागर अजीज के कब्जे वाली जमीन को भी खाली कराया।
इसके अलावा रोशनी एक्ट के तहत जमीनों पर कब्जा करने वालों में एक सेवानिवृत्त राजस्व अधिकारी, एक महिला व्यवसायी, सेवानिवृत्त नायब तहसीलदार का बेटा और एक किसान भी शामिल हैं। कठुआ में 2.41 करोड़ रुपये मूल्य की 35 कनाल जमीन से कब्जा हटाया गया है। सरकार ने 31 जनवरी तक कब्जा हटाने की डेटलाइन तय की है।
ज्ञात हो कि इससे पहले पूर्व मंत्री अली मोहम्मद सागर व पूर्व समाज कल्याण मंत्री हुसैन के ढांचे भी गिराए जा चुके हैं। दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में पूर्व वित्त मंत्री डॉ. हसीब द्राबू की ओर से अवैध रूप से कब्जाई गई 15 कनाल भूमि को मुक्त कराया गया है।
अधिकारियों के अनुसार लगभग 100 कनाल राज्य भूमि पर अवैध रूप से कब्जा किया गया था, जिसे वापस लिया गया है। इसमें 15 कनाल पर पूर्व वित्त मंत्री ने अवैध रूप से कब्जा कर किया था। शनिवार को यह कार्रवाई की गई है। सरकार ने राजनीतिक पार्टियों के कुछ बड़े नेताओं के खिलाफ सरकारी जमीन पर कब्जा करने के मामले में कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं।
कठुआ में जिला विकास परिषद के अध्यक्ष महान सिंह से नौ कनाल 15 मरले जमीन को भी मुक्त करवाया गया है। इसके अलावा पूर्व मंत्री प्रेम सागर अजीज से तीन कनाल 14 मरले जमीन को भी पलाही में मुक्त करवाया गया है।
जिला प्रशासन की ओर से सार्वजनिक की गई जानकारी के अनुसार अतिक्रमणकारियों से कुल 35 कनाल छह मरले जमीन अतिक्रमणमुक्त करवाई गई है। कुल 2.41 करोड़ की जमीन को प्रशासन ने अतिक्रमण मुक्त करवाने का दावा किया है। हालांकि प्रशासन नाम को सार्वजनिक करने से परहेज कर रहा है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार जिला विकास परिषद अध्यक्ष महान सिंह पुत्र केसरू की पलाख स्थित खसरा नंबर 120 में तीन कनाल 11 मरले और खसरा नंबर 915 में छह कनाल चार मरले जमीन को अतिक्रमण मुक्त करवाया है।
पूर्व मंत्री प्रेम सागर अजीज पुत्र तुला राम निवासी बसोहली से खसरा नंबर 1805/1532/1144 में दो कनाल, 1449/1148 खसरा नंबर के तहत पलाही में दस मरले, 1450/1148 खसरा नंबर के तहत पलाही में 14 मरले जमीन को भी खाली करवाया गया है।
इसके अलावा सेवानिवृत्त राजस्व अधिकारी शफीक उल रहमान पुत्र अबीद उल रहीम से 1217 खसरा नंबर के तहत पलाही में छह मरले, हैंडलूम का व्यवसाय चलाने वाली नीलम रानी पत्नी कोमल किशोर से खसरा नंबर 1451/1445/1198 के तहत पलाही गांव में पांच कनाल जमीन से अतिक्रमण हटाया गया है।
इसी कार्रवाई में सेवानिवृत्त नायब तहसीलदार के बेटे शफ ीक उल रहमान पुत्र अब्दुल सत्तार के कब्जे से प्रेहता गांव में खसरा नंबर 836 के तहत छह कनाल आठ मरले जमीन को भी अतिक्रमण मुक्त करवाया गया। किसान कश्मीरी और अनंतु से पलाही गांव में खसरा नंबर 1373 और 1222 में 10 कनाल 3 मरला जमीन भी खाली करवाई गई है।
जिला उपायुक्त राहुल पांडेय की देखरेख में हुई इस कार्रवाई को बसोहली के अतिरिक्त जिला उपायुक्त अजीत सिंह और स्थानीय तहसीलदार की टीम ने अंजाम दिया है।
पुंछ में निजी स्कूल सील, सात करोड़ की जमीन से हटाया कब्जा
पुंछ जिले की सुरनकोट तहसील के गांव पोठा में सरकारी जमीन पर बने एक निजी स्कूल दस्तगीर अकादमी की इमारत को सील किया गया। साथ ही स्कूल के बाहर बने शौचालय को ध्वस्त किया गया। अभियान के दौरान नगरपालिका के अंतर्गत करीब सात कनाल सरकारी जमीन पर से अवैध कब्जा हटाया गया।
इस जमीन की कीमत सात करोड़ रुपये है। वहीं, सुरनकोट कस्बे में अस्पताल के करीब स्थित मुख्य नाले के साथ बनाए गए करीब आधा दर्जन ढांचे भी ध्वस्त किए गए। नाले में बने अवरोध भी जेसीबी मशीन की मदद से हटाए गए।
शनिवार को दोपहर बाद नायब तहसीलदार सुरनकोट मोहम्मद अफ जल की अगुवाई में नगरपालिका के अधिकारी व कर्मचारी और एसएचओ राजबीर सिंह के साथ अभियान शुरू किया गया। नायब तहसीलदार ने बताया कि एक सप्ताह पहले ही अतिक्रमणकारियों को नोटिस दिए थे।