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Jammu News: जम्मू कश्मीर में सुशासन के लिए सेंटर फॉर न्यू एज गवर्नेंस होगा स्थापित
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सुशासन महोत्सव में बोले एलजी, भविष्य के सुशासन के लिए एआई और बिग डेटा आधारित वैज्ञानिक उपकरणो पर भी विचार किया जा रहा
जम्मू। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि सुशासन राष्ट्र की प्रगति की कुंजी है। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नागरिक-प्रथम के मंत्र और मार्गदर्शक सिद्धांत ने जम्मू-कश्मीर के सुशासन के नए मॉडल को विकसित करने के लिए प्रेरित और मदद की है, जिसे फ्यूचर रेडी गवर्नेंस''कहा जाता है। यह भविष्य-संचालित, तकनीकी सहायता प्राप्त और मानव केंद्रित है। प्रशासन साक्ष्य और डेटा-आधारित भविष्य के परिदृश्यों की कल्पना करने में सक्षम होने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बिग डेटा आधारित रणनीतिक दूरदर्शिता जैसे वैज्ञानिक उपकरणों पर विचार कर रहा है। हम आवश्यक ज्ञान इनपुट और क्षमता निर्माण सहायता प्रदान करने के लिए सेंटर फॉर न्यू एज गवर्नेंस (सीएनएजी) की स्थापना पर विचार कर रहे हैं।
नई दिल्ली में रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी की ओर से आयोजित सुशासन महोत्सव 2024 में उप राज्यपाल ने अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद कुशासन से सुशासन तक जम्मू-कश्मीर की परिवर्तनकारी यात्रा पर प्रकाश डाला। कहा कि हमने एक शक्तिशाली वैचारिक ढांचा विकसित किया है, जो स्पष्ट रूप से निर्दिष्ट करता है कि इन 3 शब्दों में से प्रत्येक का क्या अर्थ है, और वे सुशासन के लिए एक समग्र और भविष्यवादी मॉडल बनाने के लिए आंतरिक रूप से कैसे एकीकृत हैं। यूटी प्रशासन ने अवधारणा के प्रमाण के साथ-साथ ढांचे में अंतर्निहित नए और नवीन विचारों को संप्रेषित करने और मॉडल के रूप में काम करने के लिए पहले ही पायलट परियोजनाएं शुरू कर दी हैं।उपराज्यपाल ने कि हम प्रत्येक नागरिक को सटीक और प्रभावी ढंग से संबोधित करने के लिए संगठनात्मक क्षमता विकसित करने के लिए नई अनुकूली और लचीली प्रणालियां स्थापित कर रहे हैं। भविष्य के लिए तैयार शासन के मानव-केंद्रित तत्व के दो घटक होंगे। पहला सभी सरकारी कर्मचारियों पर ध्यान केंद्रित करेगा, ताकि परिवर्तन के प्रमुख साधन के रूप में उन्हें सशक्त और ऊर्जावान बनाया जा सके। दूसरा नागरिकों को उनकी जरूरतों और आकांक्षाओं के अनुरूप हमारी प्राथमिकताओं और कामकाजी तौर-तरीकों को विकसित करने में भागीदार के रूप में केंद्रित करेगा।
उन्होंने नीति प्रदर्शन में सुधार और भविष्य की चुनौतियों का समाधान करने के लिए सुधारों और प्रशासन के दृष्टिकोण को साझा करते हुए कहा कि भविष्य के लिए तैयार शासन कोई सैद्धांतिक अवधारणा या मॉडल नहीं है। हमारे लिए यह जम्मू-कश्मीर में प्रत्येक व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करने और बेहतर बनाने की यात्रा की शुरुआत है। हम भविष्य-प्रेरित रणनीतियों को विकसित करने के लिए खुद को पूरी तरह से तैयार करने का इरादा रखते हैं और इस यात्रा के लिए नए रास्ते बनाना जारी रखेंगे। उन्होंने पंडित दीन दयाल उपाध्याय, अटल बिहारी वाजपेयी और रामभाऊ म्हालगी को भी श्रद्धांजलि दी और राष्ट्र निर्माण में उनके महत्वपूर्ण योगदान को याद किया। कार्यक्रम में प्रबोधिनी के उपाध्यक्ष डॉ. विनय सहस्रबुद्धे उपस्थित थे।
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जम्मू। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि सुशासन राष्ट्र की प्रगति की कुंजी है। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नागरिक-प्रथम के मंत्र और मार्गदर्शक सिद्धांत ने जम्मू-कश्मीर के सुशासन के नए मॉडल को विकसित करने के लिए प्रेरित और मदद की है, जिसे फ्यूचर रेडी गवर्नेंस''कहा जाता है। यह भविष्य-संचालित, तकनीकी सहायता प्राप्त और मानव केंद्रित है। प्रशासन साक्ष्य और डेटा-आधारित भविष्य के परिदृश्यों की कल्पना करने में सक्षम होने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बिग डेटा आधारित रणनीतिक दूरदर्शिता जैसे वैज्ञानिक उपकरणों पर विचार कर रहा है। हम आवश्यक ज्ञान इनपुट और क्षमता निर्माण सहायता प्रदान करने के लिए सेंटर फॉर न्यू एज गवर्नेंस (सीएनएजी) की स्थापना पर विचार कर रहे हैं।
नई दिल्ली में रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी की ओर से आयोजित सुशासन महोत्सव 2024 में उप राज्यपाल ने अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद कुशासन से सुशासन तक जम्मू-कश्मीर की परिवर्तनकारी यात्रा पर प्रकाश डाला। कहा कि हमने एक शक्तिशाली वैचारिक ढांचा विकसित किया है, जो स्पष्ट रूप से निर्दिष्ट करता है कि इन 3 शब्दों में से प्रत्येक का क्या अर्थ है, और वे सुशासन के लिए एक समग्र और भविष्यवादी मॉडल बनाने के लिए आंतरिक रूप से कैसे एकीकृत हैं। यूटी प्रशासन ने अवधारणा के प्रमाण के साथ-साथ ढांचे में अंतर्निहित नए और नवीन विचारों को संप्रेषित करने और मॉडल के रूप में काम करने के लिए पहले ही पायलट परियोजनाएं शुरू कर दी हैं।उपराज्यपाल ने कि हम प्रत्येक नागरिक को सटीक और प्रभावी ढंग से संबोधित करने के लिए संगठनात्मक क्षमता विकसित करने के लिए नई अनुकूली और लचीली प्रणालियां स्थापित कर रहे हैं। भविष्य के लिए तैयार शासन के मानव-केंद्रित तत्व के दो घटक होंगे। पहला सभी सरकारी कर्मचारियों पर ध्यान केंद्रित करेगा, ताकि परिवर्तन के प्रमुख साधन के रूप में उन्हें सशक्त और ऊर्जावान बनाया जा सके। दूसरा नागरिकों को उनकी जरूरतों और आकांक्षाओं के अनुरूप हमारी प्राथमिकताओं और कामकाजी तौर-तरीकों को विकसित करने में भागीदार के रूप में केंद्रित करेगा।
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उन्होंने नीति प्रदर्शन में सुधार और भविष्य की चुनौतियों का समाधान करने के लिए सुधारों और प्रशासन के दृष्टिकोण को साझा करते हुए कहा कि भविष्य के लिए तैयार शासन कोई सैद्धांतिक अवधारणा या मॉडल नहीं है। हमारे लिए यह जम्मू-कश्मीर में प्रत्येक व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करने और बेहतर बनाने की यात्रा की शुरुआत है। हम भविष्य-प्रेरित रणनीतियों को विकसित करने के लिए खुद को पूरी तरह से तैयार करने का इरादा रखते हैं और इस यात्रा के लिए नए रास्ते बनाना जारी रखेंगे। उन्होंने पंडित दीन दयाल उपाध्याय, अटल बिहारी वाजपेयी और रामभाऊ म्हालगी को भी श्रद्धांजलि दी और राष्ट्र निर्माण में उनके महत्वपूर्ण योगदान को याद किया। कार्यक्रम में प्रबोधिनी के उपाध्यक्ष डॉ. विनय सहस्रबुद्धे उपस्थित थे।
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