वैश्विक मंदी पैदा कर सकती है भारत में समस्या: RBI
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रिजर्व बैंक आफ इंडिया के गवर्नर रघुराम राजन ने कहा है कि ‘मेक इन इंडिया’ अभियान एक सार्थक महत्वाकांक्षा के रूप में चलाया गया है, लेकिन उन्होंने आगाह किया कि अभियान के तहत विदेशी बाजार के लिए उत्पादन करने के प्रयास नहीं होने चाहिए।
क्योंकि वैश्विक मंदी समस्या पैदा कर सकती है। आरबीआई प्रमुख ने निर्माण और सेवा क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के लिए विनियामक वातावरण और बुनियादी सुविधाओं के निर्माण की जरूरतों को रेखांकित किया। दो दिवसीय दौरे पर श्रीनगर पहुंचे आरबीआई गवर्नर वीरवार को कश्मीर यूनिवर्सिटी में आयोजित कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं के सवालों का जवाब दे रहे थे।
राजन ने कहा, ‘भारत में उत्पादन के लिए ‘मेक इन इंडिया’ सार्थक महत्वाकांक्षा है। हम ज्यादा न सोचें कि हमें उत्पाद कहां बेचने हैं। हमें विनिर्माण और सेवा कार्यों में परिस्थितियां पैदा करनी होंगी। हम कुछ विश्व स्तरीय सेवा कंपनियों, विनिर्माण कंपनियों और कुछ असाधारण घरेलू कंपनियों को तैयार करें और वह घरेलू मार्केट पर केंद्रित हों।’
मुख्यमंत्री ने सीडीआर बढ़ाने की अपील की
आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन वीरवार को मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद से मिले। इस दौरान वित्त मंत्री हसीब द्राबू और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव बीबी व्यास भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने रियासत के बैंकों के क्रेडिट डिपोजिट रेशियो (सीडीआर) बढ़ाने की गवर्नर से अपील की।
उन्होंने कहा कि रियासत के प्रमुख क्षेत्रों में ऋण सुविधा बढ़ाने पर अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण के सरकारी प्रयासों को मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने गवर्नर से सेल्फ हेल्प योजना पर विस्तृत रूप से विचार किया, जिससे जमीनी स्तर के लोगों को योजना का लाभ मिल सके।
मुफ्ती ने कृषि, बागवानी, पर्यटन और उद्योग जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में लचीला ऋण देने पर बल दिया। साथ ही बाढ़ आपदा के प्रभावितों को भी समस्या रहित लचीला ऋण मुहैया करवाने की अपील की।