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Jammu News: मुबारक मंडी में दिखी डुग्गर संस्कृति की झलक, डोगरी गांव बना आकर्षण
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संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। जिले भर में बैसाखी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। मंदिरों के शहर में भी जगह-जगह कार्यक्रम हुए। मुबारक मंडी में पर्यटन विभाग के तीन दिवसीय बैसाखी महोत्सव के दूसरे दिन डुग्गर संस्कृति की झलक देखने को मिली। लोग डोरी कला, परिधान और खान-पान के डोगरी गांव से रूबरू हुए। स्थानीय कलाकारों ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां देकर महोत्सव को रंगीन बना दिया। लोक गायिका उपमा शर्मा ने डोगरी गीतों से समां बांध दिया। तीन बड़े-बड़े एलईडी स्क्रीन लगाए गए थे, जिनपर कार्यक्रम दिखाया गया।
मुबारक मंडी को दुल्हन की तरह सजाया गया है, जो रात के रंग-बिरंगी लाइटों से अपनी छटा बिखेर रही है। डुग्गर गांव में कुआं, मिट्टी के बर्तन बनाने वाले चाक, बैलगाड़ी और अन्य कई प्रकार चीजों को दर्शाया गया। दर्शकों ने कुएं से पानी निकालना, चाक पर मिट्टी के दिए बनाने का भी लुत्फ लिया। महोत्सव में डुग्गर प्रदेश की खाने-पीने की चीजें भी थीं, जिसके भी लोगों ने खूब चटकारे लगाए। इस दौरान हस्तशिल्प उत्पाद, खिलौने, आर्टिफिशियल आभूषण के भी स्टाल लगाए गए थे।
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जम्मू। जिले भर में बैसाखी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। मंदिरों के शहर में भी जगह-जगह कार्यक्रम हुए। मुबारक मंडी में पर्यटन विभाग के तीन दिवसीय बैसाखी महोत्सव के दूसरे दिन डुग्गर संस्कृति की झलक देखने को मिली। लोग डोरी कला, परिधान और खान-पान के डोगरी गांव से रूबरू हुए। स्थानीय कलाकारों ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां देकर महोत्सव को रंगीन बना दिया। लोक गायिका उपमा शर्मा ने डोगरी गीतों से समां बांध दिया। तीन बड़े-बड़े एलईडी स्क्रीन लगाए गए थे, जिनपर कार्यक्रम दिखाया गया।
मुबारक मंडी को दुल्हन की तरह सजाया गया है, जो रात के रंग-बिरंगी लाइटों से अपनी छटा बिखेर रही है। डुग्गर गांव में कुआं, मिट्टी के बर्तन बनाने वाले चाक, बैलगाड़ी और अन्य कई प्रकार चीजों को दर्शाया गया। दर्शकों ने कुएं से पानी निकालना, चाक पर मिट्टी के दिए बनाने का भी लुत्फ लिया। महोत्सव में डुग्गर प्रदेश की खाने-पीने की चीजें भी थीं, जिसके भी लोगों ने खूब चटकारे लगाए। इस दौरान हस्तशिल्प उत्पाद, खिलौने, आर्टिफिशियल आभूषण के भी स्टाल लगाए गए थे।
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