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Jammu News: नगर निगम का जनरल हाउस 14 को, बिल्डिंग बायलाॅज पर बहस के आसार
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- नियमों पर पार्षदों से लिए जाएंगे सुझाव, इसके बाद पास होंगे प्रस्ताव, एनओसी की शर्तें की जाएंगी सरल
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शहर को अब व्यवस्थित करने की तैयारी की जा रही। एनओसी लेने में आ रही दिक्कतें दूर करने के लिए शर्तों को आसान बनाया जा रहा है। बिल्डिंग बायलाॅज पास करने के लिए नगर निगम का जनरल हाउस 14 जुलाई को बुलाया गया है। इसमें बायलॉज पर बहस के आसार हैं। हाउस में पार्षदों से सुझाव लिए जाएंगे। इसके बाद प्रस्तावों को पास करने किया जाएगा, जो बाद में मंजूरी के लिए सचिवालय में भेजे जाएंगे।
23 जून को हुए जनरल हाउस में भी बायलाॅज पर चर्चा हो चुकी है। इसमें भी पार्षदों ने सुझाव दिए हैं। मौजूदा समय में शहर में एनओसी लेने के लिए दिक्कतें आ रही हैं। कहीं पर तंग गलियां हैं तो कहीं पर सड़कें 20 फुट से कम हैं। इस कारण भवन निर्माण की एनओसी नहीं मिल पा रही है। नालों के किनारे बनने वालों घरों को भी एनओसी नहीं मिल पा रही है। अब शर्तों को आसान किया जाएगा।
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यह है समस्या
पुराने शहर में घरों के नक्शे पास नहीं हो पा रहे। यहां पर दस फुट से कम गलियां हैं। लोग चाहकर भी एक या दो मंजिल के आगे काम नहीं करवा पा रहे। इसी तरह पॉश इलाकों गांधीनगर, शास्त्रीनगर, नरवाल आदि में सड़कों की चौढ़ाई 20 फुट से कम है। इस कारण नक्शे पास नहीं हो पा रहे। लोग एनओसी के लिए नगर निगम कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। वहीं खड्डों के किनारे लोगों ने जमीन ले रखी है। यहां पर घर भी बनाने के लिए नक्शे पास नहीं हो पा रहे हैं। शर्तों में फेरबदल के बाद इसे आवासीय स्थल में शामिल किया जाना है।
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-- -- -- -बिल्डिंग बायलाॅज पर विशेष हाउस 14 जुलाई को होने जा रहा है। इसमें एनओसी की शर्तों को आसान किया जाएगा। प्रस्ताव पास होने के बाद मंजूरी के लिए सचिवालय में भेजा जाएगा। इससे शहर में लोगों को घर बनाने के लिए आसानी से एनओसी मिल सकेगी।
- राजेंद्र शर्मा, मेयर
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नालों की शहर में हो पहचान, कितनी दूरी में घर बने, किया जाए अधिसूचित
जम्मू। मेयर राजेंद्र शर्मा ने प्रधान सचिव वित्त शालीन काबरा से मंगलवार को उनके कार्यालय में मुलाकात की। शहर में समस्याओं के हल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि शहर में नालों की पहचान की जाए। साथ ही कितनी दूरी पर मकान बने हैं- इस पर अधिसूचना जारी की जाए। इससे एक तो नालों किनारे अतिक्रमण नहीं होगा। दूसरा नालों का रखरखाव सही तरीके से हो सकेगा। काबरा ने समस्या का निदान करने का आश्वासन दिया है।
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जहां एनओसी नहीं मिल रही, उन
इलाकों कोड एरिया में रखा जाए
जम्मू। ऐसे इलाके जहां पर एनओसी नहीं मिल रही है, उन इलाकों को कोड एरिया में रखा जाए और एनओसी की शर्त को सरल किया जाए। यह बात मेयर राजेंद्र शर्मा ने अधिकारियों के साथ मंगलवार को बैठक में कही। उन्होंने कहा कि तंग एरिया को मास्टर प्लान में भी कोड एरिया में रखा जाए। एनओसी लेने के लिए विशेष प्रावधान हो। इस पर अधिकारियों ने भी अपने सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि अब जनरल हाउस में नियमों पर बहस होगी और पास किया जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शहर को अब व्यवस्थित करने की तैयारी की जा रही। एनओसी लेने में आ रही दिक्कतें दूर करने के लिए शर्तों को आसान बनाया जा रहा है। बिल्डिंग बायलाॅज पास करने के लिए नगर निगम का जनरल हाउस 14 जुलाई को बुलाया गया है। इसमें बायलॉज पर बहस के आसार हैं। हाउस में पार्षदों से सुझाव लिए जाएंगे। इसके बाद प्रस्तावों को पास करने किया जाएगा, जो बाद में मंजूरी के लिए सचिवालय में भेजे जाएंगे।
23 जून को हुए जनरल हाउस में भी बायलाॅज पर चर्चा हो चुकी है। इसमें भी पार्षदों ने सुझाव दिए हैं। मौजूदा समय में शहर में एनओसी लेने के लिए दिक्कतें आ रही हैं। कहीं पर तंग गलियां हैं तो कहीं पर सड़कें 20 फुट से कम हैं। इस कारण भवन निर्माण की एनओसी नहीं मिल पा रही है। नालों के किनारे बनने वालों घरों को भी एनओसी नहीं मिल पा रही है। अब शर्तों को आसान किया जाएगा।
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यह है समस्या
पुराने शहर में घरों के नक्शे पास नहीं हो पा रहे। यहां पर दस फुट से कम गलियां हैं। लोग चाहकर भी एक या दो मंजिल के आगे काम नहीं करवा पा रहे। इसी तरह पॉश इलाकों गांधीनगर, शास्त्रीनगर, नरवाल आदि में सड़कों की चौढ़ाई 20 फुट से कम है। इस कारण नक्शे पास नहीं हो पा रहे। लोग एनओसी के लिए नगर निगम कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। वहीं खड्डों के किनारे लोगों ने जमीन ले रखी है। यहां पर घर भी बनाने के लिए नक्शे पास नहीं हो पा रहे हैं। शर्तों में फेरबदल के बाद इसे आवासीय स्थल में शामिल किया जाना है।
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- राजेंद्र शर्मा, मेयर
नालों की शहर में हो पहचान, कितनी दूरी में घर बने, किया जाए अधिसूचित
जम्मू। मेयर राजेंद्र शर्मा ने प्रधान सचिव वित्त शालीन काबरा से मंगलवार को उनके कार्यालय में मुलाकात की। शहर में समस्याओं के हल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि शहर में नालों की पहचान की जाए। साथ ही कितनी दूरी पर मकान बने हैं- इस पर अधिसूचना जारी की जाए। इससे एक तो नालों किनारे अतिक्रमण नहीं होगा। दूसरा नालों का रखरखाव सही तरीके से हो सकेगा। काबरा ने समस्या का निदान करने का आश्वासन दिया है।
जहां एनओसी नहीं मिल रही, उन
इलाकों कोड एरिया में रखा जाए
जम्मू। ऐसे इलाके जहां पर एनओसी नहीं मिल रही है, उन इलाकों को कोड एरिया में रखा जाए और एनओसी की शर्त को सरल किया जाए। यह बात मेयर राजेंद्र शर्मा ने अधिकारियों के साथ मंगलवार को बैठक में कही। उन्होंने कहा कि तंग एरिया को मास्टर प्लान में भी कोड एरिया में रखा जाए। एनओसी लेने के लिए विशेष प्रावधान हो। इस पर अधिकारियों ने भी अपने सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि अब जनरल हाउस में नियमों पर बहस होगी और पास किया जाएगा।