{"_id":"5cfe394ebdec2207881290bd","slug":"general-bipin-rawat-on-reports-about-islamabad-shutting-terror-camps-in-pakistan-occupied-kashmir","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारत के डर से पाकिस्तान ने पीओके में बंद किए आतंकी कैंप? सेना प्रमुख ने दिया ये जवाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भारत के डर से पाकिस्तान ने पीओके में बंद किए आतंकी कैंप? सेना प्रमुख ने दिया ये जवाब
Mon, 10 Jun 2019 04:50 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Mon, 10 Jun 2019 04:50 PM IST
विज्ञापन
सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत
- फोटो : फाइल, अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में इस्लामाबाद के आतंकी कैंपों को बंद करने की खबरों पर सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा कि यह सत्यापित नहीं किया जा सकता है कि पाकिस्तान ने आतंकवादी शिविरों को बंद कर दिया है या नहीं। लेकिन हम अपनी सीमाओं पर कड़ी निगरानी रखना जारी रखेंगे।
बता दें कि पाकिस्तान के इस कदम को न सिर्फ भारत के डर से जोड़ा जा रहा है बल्कि कुछ ही दिनों बाद होने वाली पाकिस्तान फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएएफटी ) के बैठक से भी जोड़ा जा रहा है। अगले एक हफ्ते में एफएएफटी की बैठक होनी है, इससे पहले पाकिस्तान आतंकी संगठनों पर कार्रवाई का ढोंग कर रहा है। ये संगठन पहले ही पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डाल चुका है।
जिन आतंकी कैंपों को बंद किए जाने की बात कही जा रही है, उनमें कोटली और निकियाल क्षेत्र में चलने वाले कैंप लश्कर-ए-तैयबा के थे, जो भारत के सुंदरबनी और राजौरी क्षेत्र के सामने हैं। वहीं बाघ और पाला क्षेत्र में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कैंप थे तो वहीं कोटली में हिज्बुल मुजाहिद्दीन का आतंकी कैंप था।
विज्ञापन
इतना ही नहीं, इंटेलिजेंस रिपोर्ट की मानें तो मुजफ्फराबाद-मीरपुर के अड्डों को भी बंद कर दिया गया है। जो कि लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिज्बुल मुजाहिद्दीन द्वारा संचालित थे।
आपको बता दें कि बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद भारत की ओर से लगातार पाकिस्तान पर दबाव बनाया जा रहा था। ये सभी आतंकी अड्डे एलओसी के पास मौजूद थे। गौरतलब है कि भारतीय सेना की लगातार कार्रवाई के बाद पाकिस्तान की हालत खस्ता थी, यही कारण था कि उनकी तरफ से पाकिस्तान ने भारतीय सेना से बॉर्डर पर फायरिंग रोकने की अपील की थी।
विज्ञापन
बता दें कि पाकिस्तान के इस कदम को न सिर्फ भारत के डर से जोड़ा जा रहा है बल्कि कुछ ही दिनों बाद होने वाली पाकिस्तान फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएएफटी ) के बैठक से भी जोड़ा जा रहा है। अगले एक हफ्ते में एफएएफटी की बैठक होनी है, इससे पहले पाकिस्तान आतंकी संगठनों पर कार्रवाई का ढोंग कर रहा है। ये संगठन पहले ही पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डाल चुका है।
विज्ञापन
जिन आतंकी कैंपों को बंद किए जाने की बात कही जा रही है, उनमें कोटली और निकियाल क्षेत्र में चलने वाले कैंप लश्कर-ए-तैयबा के थे, जो भारत के सुंदरबनी और राजौरी क्षेत्र के सामने हैं। वहीं बाघ और पाला क्षेत्र में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कैंप थे तो वहीं कोटली में हिज्बुल मुजाहिद्दीन का आतंकी कैंप था।
विज्ञापन
इतना ही नहीं, इंटेलिजेंस रिपोर्ट की मानें तो मुजफ्फराबाद-मीरपुर के अड्डों को भी बंद कर दिया गया है। जो कि लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिज्बुल मुजाहिद्दीन द्वारा संचालित थे।
आपको बता दें कि बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद भारत की ओर से लगातार पाकिस्तान पर दबाव बनाया जा रहा था। ये सभी आतंकी अड्डे एलओसी के पास मौजूद थे। गौरतलब है कि भारतीय सेना की लगातार कार्रवाई के बाद पाकिस्तान की हालत खस्ता थी, यही कारण था कि उनकी तरफ से पाकिस्तान ने भारतीय सेना से बॉर्डर पर फायरिंग रोकने की अपील की थी।