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Jammu News: सुमित की न तो किसी से थी रंजिश न ही वह किसी गैंग का हिस्सा था
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जम्मू जीएमसी के शवगृह के बाहर इकट्ठा हुए सुमित के परिजन व पुलिस।
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परिजनों ने पुलिस पर लगाया सुमित के गैंगस्टर होने की झूठी कहानी गढ़ने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। ज्यूल चौक इलाके में मंगलवार को हुई फायरिंग में मारा गया सुमित कुंभ मेले में जाने वाला था। यह दावा उसके परिवार के सदस्यों ने किया है। उनका कहना है कि सुमित विजयपुर की तरफ आ रहा था। उसकी किसी के साथ न तो कोई रंजिश थी और न ही कभी कोई धमकी मिली थी।
उन्होंने बताया कि शुन्नू की हत्या के बदला लेने की बात कही जा रही है, लेकिन उसकी मौत पुलिस मुठभेड़ में हुई थी। सुमित के शव का बुधवार को जीएमसी में पोस्टमार्टम हुआ। मौके पर मौजूद परिवार के सदस्यों ने पुलिस पर उसके खिलाफ गैंगस्टर होने की झूठी कहानी गढ़ने का आरोप लगाया। बताया कि सुमित किसी गैंग का सदस्य नहीं था और न ही उसकी किसी के साथ रंजिश थी। परिवार में पत्नी और पांच साल की बेटी है। परिजनों ने कहा कि पुलिस गटरू गैंग का सरगना बता रही है, लेकिन गटरू उसका बचपन का नाम है। पुलिस ने अपनी नाकामयाबी से बचने के लिए ऐसी कहानी गढ़ रही है।
खौफ गैंग ने इंस्टाग्राम पर इस वारदात में अपनी संलिप्तता को स्वीकारा है और पुलिस उन तक पहुंचने में नाकामयाब रही है। उस पर गैंगस्टर का टैग लगाया जा रहा है। उसके खिलाफ पीएसए लगा था, लेकिन कोर्ट ने उसे हटा दिया गया था। सुमित के घर पर भी हमला हुआ है। इसके बाद ही वह जम्मू में रहने लगा था। विजयपुर पुलिस को इसकी जानकारी थी। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस इसमें गंभीरता से जांच करे, ताकि लोगों में दहशत खत्म हो।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। ज्यूल चौक इलाके में मंगलवार को हुई फायरिंग में मारा गया सुमित कुंभ मेले में जाने वाला था। यह दावा उसके परिवार के सदस्यों ने किया है। उनका कहना है कि सुमित विजयपुर की तरफ आ रहा था। उसकी किसी के साथ न तो कोई रंजिश थी और न ही कभी कोई धमकी मिली थी।
उन्होंने बताया कि शुन्नू की हत्या के बदला लेने की बात कही जा रही है, लेकिन उसकी मौत पुलिस मुठभेड़ में हुई थी। सुमित के शव का बुधवार को जीएमसी में पोस्टमार्टम हुआ। मौके पर मौजूद परिवार के सदस्यों ने पुलिस पर उसके खिलाफ गैंगस्टर होने की झूठी कहानी गढ़ने का आरोप लगाया। बताया कि सुमित किसी गैंग का सदस्य नहीं था और न ही उसकी किसी के साथ रंजिश थी। परिवार में पत्नी और पांच साल की बेटी है। परिजनों ने कहा कि पुलिस गटरू गैंग का सरगना बता रही है, लेकिन गटरू उसका बचपन का नाम है। पुलिस ने अपनी नाकामयाबी से बचने के लिए ऐसी कहानी गढ़ रही है।
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खौफ गैंग ने इंस्टाग्राम पर इस वारदात में अपनी संलिप्तता को स्वीकारा है और पुलिस उन तक पहुंचने में नाकामयाब रही है। उस पर गैंगस्टर का टैग लगाया जा रहा है। उसके खिलाफ पीएसए लगा था, लेकिन कोर्ट ने उसे हटा दिया गया था। सुमित के घर पर भी हमला हुआ है। इसके बाद ही वह जम्मू में रहने लगा था। विजयपुर पुलिस को इसकी जानकारी थी। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस इसमें गंभीरता से जांच करे, ताकि लोगों में दहशत खत्म हो।
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