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Jammu News: गद्दा फैक्टरी गंग्याल में शार्ट सर्किट से आग, 2 सिलेंडर फटे, पांच घंटे 60 फीट ऊंची उठती रहीं लपटें
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। औद्योगिक क्षेत्र गंग्याल में शनिवार को निद्रा गद्दा फैक्टरी के गोदाम में अचानक आग लग गई। दोपहर करीब डेढ़ बजे घटना के दौरान कर्मचारी काम कर रहे थे। कोई कुछ समझ पाता कि अचानक आग भड़क गई और पूरे गोदाम को चपेट में ले लिया। आग इतनी विकराल थी कि पांच घंटे तक 50 से 60 फुट ऊंची लपटें उठने लगी। दमकल विभाग की पांचों स्टेशनों से 15 से अधिक गाड़ियां पहुंचीं, लेकिन आग पर देर रात तक पूरी तरह से काबू नहीं पाया गया था।
कर्मचारियों के अनुसार शार्ट सर्किट के कारण आग लग गई। गद्दे और फोम होने के चलते आग ने रौद्र रूप धारण कर लिया। इसी बीच दो सिलेंडर फट गए, जिससे हालात बेकाबू हो गए। मौके पर भगदड़ मच गई। आग के बीच लगभग एक किमी दूर घरों की दीवारें भी जद में आ गईं। लोगों में हड़कंप मच गया और सभी सड़क पर आ गए। गांधी नगर मुख्यालय में सूचना पर तुरंत पहुंची दमकल विभाग की गाड़ी से हालात काबू में करने के प्रयास किए गए, लेकिन आग इतनी भयंकर थी कि दो गाड़ियां कम पड़ गईं। बारी-बारी 15 से अधिक गाड़ियां आईं। दमकल कर्मी देर रात तक आग बुझाने में जुटे रहे। घटना के कारण करोड़ों का सामान जल गया। गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ।
संकरा रास्ता बना चुनौती
फैक्टरी की तरफ जाने का रास्ता काफी संकरा था। एक समय पर एक ही दमकल वाहन जा सकता था। ऐसे में आग पर तुरंत काबू पाना चुनौतीपूर्ण और मुश्किल रहा। दमकल विभाग ने गंग्याल, गांधीनगर, बाड़ी ब्राह्मणा, पंजतीर्थी और रूप नगर फायर स्टेशन से गाड़ियां भेजीं। पहले गंग्याल स्टेशन से दो गाड़ियां भेजी गईं, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया गया। इसके बाद गांधीनगर स्टेशन से तीन गाड़ियां आईं, फिर बाड़ी ब्राह्मणा, रूपनगर और पंजतीर्थी स्टेशन से दो-दो गाड़ियां घटनास्थल पर गईं। निद्रा के गोदाम के साथ अन्य गोदाम भी हैं जहां इस तरह का काम होता है। अगर आग वहां तक पहुंच जाती तो बड़ा नुकसान हो सकता था। घटनास्थल पर गंग्याल पुलिस भी मौजूद रही।
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गोदाम से नहीं हटाए गए सिलेंडर
गद्दा फैक्टरी में केमिकल से फोम और अन्य सामान तैयार किया जाता है। बड़ी संख्या में फोम के बंडल थे। केमिकल ने आग को बढ़ाने का काम किया। साथ लगते अन्य गोदाम में भी गैस के बड़े सिलेंडर थे, जिन्हें आग लगने के बाद भी नहीं हटाया गया था। बाद में कर्मचारियों ने हटाया। ऐसी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती थी। जिस गोदाम में आग लगी थी उससे कुछ मीटर दूर पेंट की फैक्टरी भी है जहां बड़ी मात्रा में केमिकल का उपयोग होता है। अगर लपटें वहां तक पहुंच जाती तो आगे पूरे क्षेत्र में फैल जाती।
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जम्मू। औद्योगिक क्षेत्र गंग्याल में शनिवार को निद्रा गद्दा फैक्टरी के गोदाम में अचानक आग लग गई। दोपहर करीब डेढ़ बजे घटना के दौरान कर्मचारी काम कर रहे थे। कोई कुछ समझ पाता कि अचानक आग भड़क गई और पूरे गोदाम को चपेट में ले लिया। आग इतनी विकराल थी कि पांच घंटे तक 50 से 60 फुट ऊंची लपटें उठने लगी। दमकल विभाग की पांचों स्टेशनों से 15 से अधिक गाड़ियां पहुंचीं, लेकिन आग पर देर रात तक पूरी तरह से काबू नहीं पाया गया था।
कर्मचारियों के अनुसार शार्ट सर्किट के कारण आग लग गई। गद्दे और फोम होने के चलते आग ने रौद्र रूप धारण कर लिया। इसी बीच दो सिलेंडर फट गए, जिससे हालात बेकाबू हो गए। मौके पर भगदड़ मच गई। आग के बीच लगभग एक किमी दूर घरों की दीवारें भी जद में आ गईं। लोगों में हड़कंप मच गया और सभी सड़क पर आ गए। गांधी नगर मुख्यालय में सूचना पर तुरंत पहुंची दमकल विभाग की गाड़ी से हालात काबू में करने के प्रयास किए गए, लेकिन आग इतनी भयंकर थी कि दो गाड़ियां कम पड़ गईं। बारी-बारी 15 से अधिक गाड़ियां आईं। दमकल कर्मी देर रात तक आग बुझाने में जुटे रहे। घटना के कारण करोड़ों का सामान जल गया। गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ।
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संकरा रास्ता बना चुनौती
फैक्टरी की तरफ जाने का रास्ता काफी संकरा था। एक समय पर एक ही दमकल वाहन जा सकता था। ऐसे में आग पर तुरंत काबू पाना चुनौतीपूर्ण और मुश्किल रहा। दमकल विभाग ने गंग्याल, गांधीनगर, बाड़ी ब्राह्मणा, पंजतीर्थी और रूप नगर फायर स्टेशन से गाड़ियां भेजीं। पहले गंग्याल स्टेशन से दो गाड़ियां भेजी गईं, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया गया। इसके बाद गांधीनगर स्टेशन से तीन गाड़ियां आईं, फिर बाड़ी ब्राह्मणा, रूपनगर और पंजतीर्थी स्टेशन से दो-दो गाड़ियां घटनास्थल पर गईं। निद्रा के गोदाम के साथ अन्य गोदाम भी हैं जहां इस तरह का काम होता है। अगर आग वहां तक पहुंच जाती तो बड़ा नुकसान हो सकता था। घटनास्थल पर गंग्याल पुलिस भी मौजूद रही।
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गोदाम से नहीं हटाए गए सिलेंडर
गद्दा फैक्टरी में केमिकल से फोम और अन्य सामान तैयार किया जाता है। बड़ी संख्या में फोम के बंडल थे। केमिकल ने आग को बढ़ाने का काम किया। साथ लगते अन्य गोदाम में भी गैस के बड़े सिलेंडर थे, जिन्हें आग लगने के बाद भी नहीं हटाया गया था। बाद में कर्मचारियों ने हटाया। ऐसी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती थी। जिस गोदाम में आग लगी थी उससे कुछ मीटर दूर पेंट की फैक्टरी भी है जहां बड़ी मात्रा में केमिकल का उपयोग होता है। अगर लपटें वहां तक पहुंच जाती तो आगे पूरे क्षेत्र में फैल जाती।