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प्रदेश में खेती की अपार संभावनाएं : सीएस
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जम्मू। प्रदेश में अनुकूल जलवायु परिस्थितियों से खेती की अपार संभावनाएं हैं। किसानों की आय में इजाफा हुआ है। यह बातें मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता ने शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर साइंस एंड टेक्नोलाजी जम्मू के 24वें स्थापना दिवस पर बाबा जित्तो ऑडिटोरियम चट्ठा में हुए कार्यक्रम में कही।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की लगभग सत्तर प्रतिशत आबादी अपनी आजीविका के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है। किसान-घरेलू आय में अन्य राज्यों में शीर्ष पर है। उन्होंने कहा कि 2019 के बाद से यूटी में किए गए तेज गति के विकास के कारण प्रदेश पहले से ही विभिन्न क्षेत्रों में शीर्ष पांच राज्यों में शामिल हैं। नई पहलों पर विस्तार से बताते हुए सीएस ने कहा कि किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किए गए हैं। खेती के लिए विशेषज्ञ सलाह प्रदान की जा रही है। उन्होंने एग्रीस्टैक जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म और लागू किए जा रहे किसान आईडी के बारे में भी विस्तार से बताया। परवाज योजना किसानों को रियायती दरों पर विदेशों में कृषि उपज निर्यात करने में मदद कर रही है। उन्होंने बाजरा मिशन के तहत प्रदेश में तिलहन और दलहन के उत्पादन में वृद्धि हुई है। उन्होंने जम्मू क्षेत्र के कंडी बेल्ट में मनरेगा के तहत वर्षा जल संचयन परियोजनाओं को शुरू करने और वहां उपयुक्त फसलों को बढ़ावा देने का सुझाव दिया।
इस मौके पर वीसी प्रो. जेपी शर्मा ने कहा कि वार्षिक सर्वेक्षण के अनुसार प्रदेश ने एक वर्ष के भीतर कृषि और संबद्ध क्षेत्र की रैंकिंग में 22 से 5 वें स्थान पर पहुंच गया है। किसानों की पारिवारिक आय के मामले में अखिल भारतीय रैंकिंग में तीसरा स्थान हासिल किया है। 1999 के बाद से कृषि क्षेत्र में स्कास्ट जम्मू ने बेहतर काम किया है। विश्वविद्यालय ने विभिन्न फसलों की 21 नई किस्में जारी की हैं। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की प्रथम महिला डॉ. सुमति शर्मा भी मौजूद रहीं। इस मौके पर डॉ. सुशील शर्मा, महंत रोहित शास्त्री, प्रदीप कपूर, एसके शर्मा, प्रीति चौधरी, पुनीत महाजन को सेवाएं देने के लिए सम्मानित किया गया।
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जैव प्रौद्योगिकी को दिया जाए बढ़ावा
इस मौके पर पीएयू लुधियाना के पदमश्री एवं पूर्व वीसी बीएस ढिल्लों ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालयों को कृषि विकास में हाल के रुझानों को बढ़ावा देना चाहिए। इसके बाद तकनीकों और किसानों की उपज को दर्शाने वाली प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया।
युवा नशे से रहें दूर : मुख्य सचिव
स्कास्ट जम्मू की ओर से नशीली दवाओं के दुरुपयोग और युवा पर प्रदर्शनी का आयोजन किया। इस मौके पर वीसी प्रो. जेपी शर्मा ने नशे की लत के बढ़ते खतरे और नशे पदार्थों का सेहत पर विपरीत असर पड़ रहा है। वहीं, पोस्टरों के माध्यम से भी नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया। इस मौके पर मुख्य सचिव डॉ अरुण कुमार मेहता, संभागीय आयुक्त रमेश कुमार ने भी दौरा किया। मुख्य सचिव ने पोस्टर मेकिंग इवेंट के विजेताओं को सम्मानित किया। नाट्य मंच के कलाकारों द्वारा एक स्किट पेश किया। इसमें शिवांशु बलवाल, रविशु और रिया बंदराल ने क्रमश: पहला, दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया। वहीं, रुकमणि और अल्मा महजूर को सांत्वना पुरस्कार दिए गए।
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उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की लगभग सत्तर प्रतिशत आबादी अपनी आजीविका के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है। किसान-घरेलू आय में अन्य राज्यों में शीर्ष पर है। उन्होंने कहा कि 2019 के बाद से यूटी में किए गए तेज गति के विकास के कारण प्रदेश पहले से ही विभिन्न क्षेत्रों में शीर्ष पांच राज्यों में शामिल हैं। नई पहलों पर विस्तार से बताते हुए सीएस ने कहा कि किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किए गए हैं। खेती के लिए विशेषज्ञ सलाह प्रदान की जा रही है। उन्होंने एग्रीस्टैक जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म और लागू किए जा रहे किसान आईडी के बारे में भी विस्तार से बताया। परवाज योजना किसानों को रियायती दरों पर विदेशों में कृषि उपज निर्यात करने में मदद कर रही है। उन्होंने बाजरा मिशन के तहत प्रदेश में तिलहन और दलहन के उत्पादन में वृद्धि हुई है। उन्होंने जम्मू क्षेत्र के कंडी बेल्ट में मनरेगा के तहत वर्षा जल संचयन परियोजनाओं को शुरू करने और वहां उपयुक्त फसलों को बढ़ावा देने का सुझाव दिया।
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इस मौके पर वीसी प्रो. जेपी शर्मा ने कहा कि वार्षिक सर्वेक्षण के अनुसार प्रदेश ने एक वर्ष के भीतर कृषि और संबद्ध क्षेत्र की रैंकिंग में 22 से 5 वें स्थान पर पहुंच गया है। किसानों की पारिवारिक आय के मामले में अखिल भारतीय रैंकिंग में तीसरा स्थान हासिल किया है। 1999 के बाद से कृषि क्षेत्र में स्कास्ट जम्मू ने बेहतर काम किया है। विश्वविद्यालय ने विभिन्न फसलों की 21 नई किस्में जारी की हैं। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की प्रथम महिला डॉ. सुमति शर्मा भी मौजूद रहीं। इस मौके पर डॉ. सुशील शर्मा, महंत रोहित शास्त्री, प्रदीप कपूर, एसके शर्मा, प्रीति चौधरी, पुनीत महाजन को सेवाएं देने के लिए सम्मानित किया गया।
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इस मौके पर पीएयू लुधियाना के पदमश्री एवं पूर्व वीसी बीएस ढिल्लों ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालयों को कृषि विकास में हाल के रुझानों को बढ़ावा देना चाहिए। इसके बाद तकनीकों और किसानों की उपज को दर्शाने वाली प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया।
युवा नशे से रहें दूर : मुख्य सचिव
स्कास्ट जम्मू की ओर से नशीली दवाओं के दुरुपयोग और युवा पर प्रदर्शनी का आयोजन किया। इस मौके पर वीसी प्रो. जेपी शर्मा ने नशे की लत के बढ़ते खतरे और नशे पदार्थों का सेहत पर विपरीत असर पड़ रहा है। वहीं, पोस्टरों के माध्यम से भी नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया। इस मौके पर मुख्य सचिव डॉ अरुण कुमार मेहता, संभागीय आयुक्त रमेश कुमार ने भी दौरा किया। मुख्य सचिव ने पोस्टर मेकिंग इवेंट के विजेताओं को सम्मानित किया। नाट्य मंच के कलाकारों द्वारा एक स्किट पेश किया। इसमें शिवांशु बलवाल, रविशु और रिया बंदराल ने क्रमश: पहला, दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया। वहीं, रुकमणि और अल्मा महजूर को सांत्वना पुरस्कार दिए गए।