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फूड सिक्योरिटी एक्ट से रियासत को नुकसान: मुफ्ती

Wed, 25 Mar 2015 07:37 PM IST
Updated Wed, 25 Mar 2015 07:37 PM IST
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food security act is hurting people of jammu and kashmir

मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने कहा कि रियासत जम्मू-कश्मीर में देश के अन्य भागों की तरह अगर फूड सिक्योरिटी एक्ट को लागू किया गया तो नुकसान होगा।

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इसलिए राज्य सरकार विशेष दर्जे के तहत इस एक्ट को पूरी तरह से लागू न करके केंद्र सरकार से नो प्रोफिट नो लॉस के आधार पर राशन लेने पर चर्चा कर रही है, ताकि रियासत के सभी लोगों को किफायती दाम पर राशन मिल सके।
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मुख्यमंत्री ने बुधवार को विधान परिषद में पीडीपी सदस्य यासिर रेशी और भाजपा एमएलसी विबोध गुप्ता, नेकां सदस्य अजय सडोत्रा, शौकत गनेई, कांग्रेस के जुगल किशोर शर्मा के सवालों के जवाब में कहा कि रियासत में 2001 की जनगणना के अनुसार मौजूदा समय में राशन मिल रहा है।
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लोगों को फूड सिक्योरिटी एक्ट का नुकसान

food security act is hurting people of jammu and kashmir

मुफ्ती ने कहा कि आबादी बढ़ने के चलते चार लाख से ज्यादा मकानों में सरकारी राशन नहीं मिल रहा है। मुफ्ती ने कहा कि फूड सिक्योरिटी बिल के तहत केवल गरीब परिवारों को ही राशन मिलता है।

ऐसे में रियासत के लोगों को फूड सिक्योरिटी एक्ट का नुकसान होगा। इसलिए उनकी सरकार ने नो प्रोफिट नो लॉस के आधार पर केंद्र से राशन लेने का फैसला लिया है और इसको पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार के न्यूनतम साझा कार्यक्रम में भी शामिल किया गया है।

इससे पूर्व उपभोक्ता एवं जन वितरण मंत्री चौधरी जुल्फिकार अली ने बताया कि 2001 की जनसंख्या के हिसाब से ही रियासत में राशन का वितरण हो रहा है। उन्होंने कहा कि 496873 मकानों में सरकारी राशन इस वजह से नहीं मिल पा रहा है।

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