{"_id":"680021f66279a2e8550ee5d8","slug":"five-thousand-devotees-will-listen-to-ram-katha-on-the-banks-of-dal-lake-jammu-news-c-10-agr1010-590788-2025-04-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: डल झील किनारे पांच हजार श्रद्धालु सुनेंगे रामकथा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: डल झील किनारे पांच हजार श्रद्धालु सुनेंगे रामकथा
विज्ञापन
- शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में 19 से 27 अप्रैल तक मोरारी बापू सुनाएंगे रामकथा
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। भारत का मुकुट माने जाने वाले कश्मीर की डल झील के किनारे राम कथा का आयोजन किया जाएगा। शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में 19 से 27 अप्रैल तक संत मोरारी बापू रामकथा सुनाएंगे। शनिवार को शाम 4 बजे से रामकथा का शुभारंभ होगा। देश-विदेश से करीब पांच हजार श्रद्धालु कथा का रसपान करने उमड़ेंगे।
रामकथा आयाेजन समिति से जुड़े मनोज जोशी ने बताया कि कश्मीर में पहली बार इस तरह का अनूठा आयोजन होने जा रहा है। इससे पहले देश के जाने-माने संत मोरारी बापू ने दो बार जम्मू-कश्मीर में कथा अनुष्ठान किया है। 23 जून 2007 में पहले रामकथा का आयोजन अमरनाथ धाम में किया गया था।
इसके बाद 1 अक्तूबर 2016 में माता वैष्णो देवी के दरबार में मानस मातृ देवो भव विषय पर रामकथा का गान हुआ था। इसी कड़ी में अब तीसरा आयोजन धरती का स्वर्ग माने जाने वाले कश्मीर में डल झील के किनारे किया जा रहा है।
विज्ञापन
इस कथा के मनोरथी, कोलकाता के अरुण श्रॉफ है। विदुर गुप्ता, विकास कामानी, कमल चौधरी और ब्रीजेश पांडे व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में लगे हैं। उम्मीद है कि कश्मीर में यह रामकथा अवश्य दूरगामी परिणाम लाएगी।
सज रही व्यासपीठ, तैयारियां अंतिम दौर में
मनोज जोशी ने बताया कि तैयारियां अंतिम दौर में हैं। जहां बापू कथा सुनाएंगे वह व्यासपीठ लगभग तैयार है। बापू के अनुयायी देश में ही नहीं, पूरे विश्व में हैं। कथा का रसपान करने के लिए करीब पांच हजार श्रद्धालु यहां आएंगे। उनके बैठने की उचित व्यवस्था की जा रही है। कश्मीर में पहली बार किया जा रहा राम कथा का आयोजन भव्य और दिव्य होगा। यह ऐतिहासिक क्षण होगा जब डल झील के किनारे भगवान श्रीराम का स्तुतिगान होगा।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। भारत का मुकुट माने जाने वाले कश्मीर की डल झील के किनारे राम कथा का आयोजन किया जाएगा। शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में 19 से 27 अप्रैल तक संत मोरारी बापू रामकथा सुनाएंगे। शनिवार को शाम 4 बजे से रामकथा का शुभारंभ होगा। देश-विदेश से करीब पांच हजार श्रद्धालु कथा का रसपान करने उमड़ेंगे।
रामकथा आयाेजन समिति से जुड़े मनोज जोशी ने बताया कि कश्मीर में पहली बार इस तरह का अनूठा आयोजन होने जा रहा है। इससे पहले देश के जाने-माने संत मोरारी बापू ने दो बार जम्मू-कश्मीर में कथा अनुष्ठान किया है। 23 जून 2007 में पहले रामकथा का आयोजन अमरनाथ धाम में किया गया था।
विज्ञापन
इसके बाद 1 अक्तूबर 2016 में माता वैष्णो देवी के दरबार में मानस मातृ देवो भव विषय पर रामकथा का गान हुआ था। इसी कड़ी में अब तीसरा आयोजन धरती का स्वर्ग माने जाने वाले कश्मीर में डल झील के किनारे किया जा रहा है।
विज्ञापन
इस कथा के मनोरथी, कोलकाता के अरुण श्रॉफ है। विदुर गुप्ता, विकास कामानी, कमल चौधरी और ब्रीजेश पांडे व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में लगे हैं। उम्मीद है कि कश्मीर में यह रामकथा अवश्य दूरगामी परिणाम लाएगी।
सज रही व्यासपीठ, तैयारियां अंतिम दौर में
मनोज जोशी ने बताया कि तैयारियां अंतिम दौर में हैं। जहां बापू कथा सुनाएंगे वह व्यासपीठ लगभग तैयार है। बापू के अनुयायी देश में ही नहीं, पूरे विश्व में हैं। कथा का रसपान करने के लिए करीब पांच हजार श्रद्धालु यहां आएंगे। उनके बैठने की उचित व्यवस्था की जा रही है। कश्मीर में पहली बार किया जा रहा राम कथा का आयोजन भव्य और दिव्य होगा। यह ऐतिहासिक क्षण होगा जब डल झील के किनारे भगवान श्रीराम का स्तुतिगान होगा।