सांबा सड़क हादसाः घर से गए थे खुशियां लेकर, वापस आईं लाशें
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सांबा सड़क हादसे में जान गंवाने वाले पांच लोगों के शव जब जम्मू के डिग्याना पहुंचे तो हर आंख नम हो गई। पूरे डिग्याना इलाके में मातम का माहौल हो गया। किसी ने सोचा भी नहीं था कि जिस घर से एक दिन पहले ही खुशियां लेकर जो लोग निकले थे, उनकी लाशें घर पर आएंगी। जो सबको हमेशा के लिए गमगीन कर जाएंगे। सभी लोग अपने ही परिवार की बेटी का रोका लेकर अमृतसर गए थे।
हादसे में डिग्याना के रहने वाले अर्जुन सिंह, दर्शन सिंह और उनकी पत्नी दर्शन कौर, साहिब सिंह और मंजीत सिंह की मौत हो गई। दर्शन और अर्जुन दोनों सगे भाई थे। इनके ही एक अन्य भाई की बेटी का रोका लेकर यह लोग अमृतसर गए हुए थे। यहां से वापस लौटते वक्त यह हादसा हुआ। घर में इनके आने का इंतजार हो रहा था कि कब आएंगे और सब झूम कर नाचेंगे, लेकिन यह हादसा हो गया।
लोगों का उमड़ा हुजूम, शव पहुंचते ही मची चीख पुकार
हादसे में मृत लोगों के शव पहुंचने से पहले ही उनके रिश्तेदारों और आसपास के लोगों का हुजूम उमड़ गया। जैसे ही सभी के शव पहुंचे तो चीख पुकार मच गई। परिवार के लोग शवों से लिपट कर बिलख-बिलख कर रोने लगे। यहां मौजूद तमाम लोगों की आंखों में आंसू आ गए। हर कोई परिवार को ढांढस बंधाता हुआ नजर आया।
20 से 25 लोग गए थे रोका लेकर
दुघर्टना में मृत लोगों के परिजनों ने बताया कि 20 से 25 लोग रोका लेकर गए हुए थे। सभी तीन से चार कारों में थे। आते वक्त सब हंस खेल रहे थे। आते वक्त सबने एक साथ रास्ते में चाय नाश्ता भी किया। कुछ कारें आगे थीं और यह कार पीछे थी। पता ही नहीं चला कि कब क्या हो गया। सब लोग एक साथ चले गए।