Fifth National Family Health Survey : घर-जमीन, मोबाइल की मालिक सबसे ज्यादा महिलाएं लद्दाख में, यहां हैं सबसे ज्यादा घरों में कार
लद्दाखी महिलाएं जो मोबाइल फोन इस्तेमाल करती हैं, वो भी अधिकतर उनके अपने नाम पर है। पांचवें राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार 15-49 आयु वर्ग में लद्दाख की 71.9 फीसदी महिलाओं के पास या तो अकेले या संयुक्त रूप से घर पर मालिकाना हक है। इसी तरह से जमीन पर मालिकाना हक के मामले में भी लद्दाखी महिलाएं देशभर में आगे हैं।
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जमीन हो या घर की मिल्कीयत में हिस्सेदारी। लद्दाख की महिलाएं देशभर में सबसे बेहतर स्थिति में हैं। लद्दाखी महिलाएं जो मोबाइल फोन इस्तेमाल करती हैं, वो भी अधिकतर उनके अपने नाम पर है। पांचवें राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार 15-49 आयु वर्ग में लद्दाख की 71.9 फीसदी महिलाओं के पास या तो अकेले या संयुक्त रूप से घर पर मालिकाना हक है। इसी तरह से जमीन पर मालिकाना हक के मामले में भी लद्दाखी महिलाएं देशभर में आगे हैं। लद्दाख की 63.8 महिलाएं अकेले या संयुक्त रूप से जमीन का मालिकाना हक रखती हैं। लद्दाख की 81.2 फीसदी महिलाओं के पास अपने नाम पर मोबाइल फोन है।
जमीन, घर और मोबाइल फोन के मामले में अरुणाचल प्रदेश की महिलाएं देश में दूसरे स्थान पर हैं। उत्तर भारत की बात करें तो जमीन पर मालिकाना हक के मामले में चंडीगढ़ की महिलाएं 9 फीसदी के साथ सबसे पीछे हैं। हिमाचल प्रदेश की 22.4 फीसदी महिलाओं के पास घर और 20.3 फीसदी महिलाओं के पास जमीन पर मालिकाना हक है।
जम्मू-कश्मीर की आधी से ज्यादा महिलाओं के नाम घर और जमीन है। 56.6 फीसदी महिलाओं के पास अकेले या संयुक्त रूप से घर और 51.1 फीसदी महिलाओं के पास जमीन की मिल्कीयत है। जम्मू-कश्मीर की 75.2 फीसदी महिलाओं के पास अपने नाम से मोबाइल फोन है।
एसएमएस पढ़ने में मिजोरम की महिलाएं सबसे आगे
मोबाइल पर आने वाले एसएमएस पढ़ने के मामले में मिजोरम की महिलाएं सबसे आगे हैं। मिजोरम में ऐसी महिलाओं का प्रतिशत 95.6 फीसदी है, जो मोबाइल पर आने वाले एसएमएस पढ़ सकती हैं। जम्मू-कश्मीर में 70.1, लद्दाख में 76.3 और हिमाचल प्रदेश में 84.7 फीसदी महिलाएं एसएमएस पढ़ सकती हैं।
लद्दाख के 21 गांवों में हर घर जल
लद्दाख के 21 गांवों में हर घर जल पहुंच गया है। जलशक्ति विभाग ने इन गांवों में सभी घरों को पाइप से कनेक्शन देने का काम पूरा कर लिया है। वहीं थिकसे और सासपोल ब्लॉक में सौ फीसदी घरों को पानी कनेक्शन का लक्ष्य जल्द पूरा होने जा रहा है।
जलशक्ति विभाग के आयुक्त सचिव अजीत कुमार साहू की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी गई। बैठक में साहू ने कहा कि हर घर जल अभियान को सौ फीसदी पूरी करने वाले पहले 20 गांवों को पांच-पांच लाख और पहले दो ब्लॉकों को 25-25 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके लिए संबंधित गांवों को ग्राम सभा में सौ फीसदी लक्ष्य हासिल करने कर तस्दीक करनी होगी। बैठक में बताया गया कि थिकसे ब्लॉक ने 82 फीसदी, सासपोल ने 77, थाईसुरु ने 54.5 और द्रास ने 56 फीसदी लक्ष्य हासिल कर लिया है।
उत्तर भारत में सबसे ज्यादा जम्मू-कश्मीर के घरों में कार
नब्बे फीसदी पर्वतीय क्षेत्र होने के बावजूद जम्मू-कश्मीर में उत्तर भारत में सबसे ज्यादा घरों में कार (चौपहिया वाहन) है। राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के हिसाब से जम्मू-कश्मीर इस मामले में देश भर में गोवा और केरल के बाद तीसरे पायदान पर है। पांचवें राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (वर्ष 2019-21) में यह दिलचस्प आंकड़ा सामने आया है। अविभाजित जम्मू-कश्मीर (लद्दाख को मिलाकर) में 23.7 फीसदी घरों में कार है, जबकि यहां 90 फीसदी भूभाग पर्वतीय है।
सर्वेक्षण के मुताबिक गोवा में सबसे ज्यादा 45.2 फीसदी और केरल में 24.2 फीसदी घरों में कार है। उत्तर भारत में जम्मू-कश्मीर के बाद हिमाचल प्रदेश में 22.1 फीसदी, पंजाब में 21.9 फीसदी, हरियाणा में 15.3 फीसदी जबकि उत्तराखंड में 12.7 फीसदी घरों में कार है। कार के मामले में पूर्वोत्तर राज्य नगालैंड में 21.3 फीसदी, अरुणाचल प्रदेश में 19.3 फीसदी और मणिपुर में 17 फीसदी घरों में कम से कम एक कार है।