फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   festival,programme

नए साल के इस्तकबाल के लिए सजा शहर, कला केंद्र में उत्सव शुरू

विज्ञापन
festival,programme
कला उत्सव में पहुंचे भद्रवाह के कलाकार।
जम्मू। नववर्ष के इस्तकबाल के लिए शहर सज गया है। डोगरी व्यंजन, पारंपरिक संगीत, नृत्य और हस्तशिल्प उत्पाद के प्रेमियों के लिए कला केंद्र में उत्सव का आगाज हो गया है। बिक्रम चौक स्थित कला केंद्र में पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित दो दिवसीय उत्सव में प्रदेश की संस्कृति के रंग देखने को मिल रहे हैं। उत्सव में प्रदेश के जम्मू्, डोडा, उधमपुर, राजौरी सहित अन्य जिलों से आए लोक कलाकारों की सुंदर प्रस्तुतियां देखने को मिल रही हैं। लॉकडाउन के बाद पहली बार शहर में बड़े स्तर का कार्यक्रम करवाया जा रहा है।
विज्ञापन

शनिवार को पहले दिन भद्रवाह के कुड़, गोजरी संगीत और नृत्य, जम्मू का कैल सहित अन्य पारंपरिक लोक कलाओं की सुंदर प्रस्तुुतियां देखने को मिली। भद्रवाह के नागनी कल्चरल ट्रुप ने कुड नृत्य की प्रस्तुति दी। ट्रुप लीडर किशोर कुमार ने बताया कि लॉकडाउन के बाद अब लोक कलाकारों को काम मिलने लगा है। दो दिवसीय कार्यक्रम में हम अपने क्षेत्र की पारंपरिक संस्कृति को प्रस्तुत करेंगे।
विज्ञापन

राजोरी से आए ग्रुप के सदस्य फारूख ने कहा कि गोजरी नृत्य और संगीत को दर्शकों के समाने रखेंगे। इस वर्ष में पहली बार अकादमी को काम मिला है। सौहाजंना से आए कलाकार मोहन लाल एंड पार्टी ने कहा कि कार्यक्रम के आयोजन से हमने राहत की सांस ली है। उन्होंने कहा कि डोगरी में कैल एक पारंपरिक कला है, जो मुख्यता शादी और किसी मुख्य अतिथि के स्वागत में बजाया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

--------------
सोनाली और सानू ने डोगरी
व पंजाबी गानों से बांधा समां
कार्यक्रम में शनिवार को प्रसिद्ध गायिका सोनाली डोगरा और सतेंद्र सानू ने डोगरी, पंजाबी गानों से समां बांध दिया। कार्यक्रम में पर्यटन और सांस्कृतिक विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
--------------
बसोहली की पेंटिंग और बास
से बना सामान सबको भा रहा
कला केंद्र में हस्तशिल्प और कथकरघा से जुड़े सामान की प्रदर्शनी लगाई है। प्रदर्शनी में दस स्टॉल में जिनमें घर की सजावट से लेकर सर्दी में पहने के लिए शॉल, जैकेट आदि हैं। प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण बसोहली की पेंटिंग है, पशमीन से बना प्रोडक्ट, बैंबू से बना सामान लोगों को भी लुभा रहा है।
----------
आज ये कार्यक्रम होंगे
रविवार को भी पारंपरिक डोगरी नृत्य रुट राड़े, डोगरा, भद्रवाह की लोक संस्कृति, राजोरी-पुंछ के लोक संगीत और नृत्य, पेंटिंग-चित्र प्रदर्शनी, हस्तशिल्प और कथकरघा से जुड़े सामान की प्रदर्शनी और सेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। सोशल मीडिया पर अपनी आवाज का जादू दिखा चुके रूही और जुुही अपनी प्रस्तुतियां देंगे। डोगरी व्यंजनों का स्वाद भी दर्शक ले सकते हैं।

-----------
कार्यक्रम के पोस्टर से स्थानीय
भाषा की जगह लिखी है अंग्रेजी
पर्यटन विभाग की ओर से यह दो दिवसीय कार्यक्रम स्थानीय कला, संस्कृति, व्यंजन और कलाकारों को बढ़ावा देने के लिए करवाया जा रहा है, लेकिन इससे जुड़े पोस्टर पर प्रदेश की स्थानीय भाषा गायब है। सरकार ने डोगरी को आधिकारिक भाषा का दर्जा दिया है। बावजूद इसके डोगरी संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम के पोस्टर पर डोगरी की बजाय अंग्रेजी लिखी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed