Digital Arrest: डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड का चौंकाने वाला खुलासा, शिक्षक को बनाया निशाना, महिला बैंक कर्मी गिरफ्तार
एमपी साइबर पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड मामले में अखनूर की एक महिला बैंककर्मी को गिरफ्तार किया है, आरोपी के पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए गए हैं और उसे रिमांड पर मध्य प्रदेश ले जाया गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
देशभर में फैले बड़े डिजिटल अरेस्ट साइबर फ्रॉड में मध्य प्रदेश (एमपी) पुलिस ने अखनूर की एक बैंककर्मी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एमपी साइबर पुलिस की विशेष टीम ने अखनूर पुलिस के सहयोग
से की है। गिरफ्तार बैंककर्मी पर एमपी के एक शिक्षक से 1.35 करोड़ रुपये की साइबर ठगी में सक्रिय भूमिका निभाने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार युवती की पहचान अखनूर के आर्य समाज की रहने वाली सिमरन शर्मा के रूप में हुई है। सिमरन वर्तमान में अखनूर में एक निजी बैंक में कार्यरत है। बीते वीरवार को एमपी साइबर पुलिस की टीम ने इंस्पेक्टर लिलियन मालवीय के नेतृत्व में अखनूर में दबिश देकर सिमरन शर्मा को गिरफ्तार किया। टीम में एसआई परवीन वास्कल्याण, दो महिला कांस्टेबल और एक कांस्टेबल शामिल थे। अखनूर पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान आरोपी युवती के कब्जे से एक लैपटॉप, तीन मोबाइल फोन और चार सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।
पुलिस का दावा है कि इन्हीं डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल कर साइबर ठगी को अंजाम दिया जा रहा था। इसके अलावा फर्जी दस्तावेज भी बरामद होने की बात सामने आई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार यह पूरा मामला डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड से जुड़ा है। इसमें मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के एक शिक्षक रमेश को निशाना बनाया गया।
आरोप है कि पीड़ित शिक्षक को डिजिटल गिरफ्तारी का भय दिखाकर मानसिक दबाव बनाया गया। इस पर उन्होंने अपना मकान बेचकर करीब 1.35 करोड़ रुपये ठगों के खातों में ट्रांसफर कर दिए। शिकायत दर्ज होने के बाद एमपी साइबर पुलिस ने जांच शुरू की।
इसमें देश के विभिन्न राज्यों से जुड़े 13 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में यह बात सामने आई है कि इस पूरे नेटवर्क में सिमरन शर्मा की भूमिका अहम थी। पुलिस का दावा है कि डिजिटल अरेस्ट से जुड़े ज्यादातर कॉल्स उसी के जरिए किए जाते थे। हालांकि गिरफ्तार की गई युवती ने अपने बचाव में दावा किया है कि उसे मामले की जानकारी नहीं थी। उसने पुलिस को बताया कि उसका एक दोस्त अभिषेक उसके फोन का इस्तेमाल करता था। संभव है कि उसी ने यह ठगी की हो।
गिरफ्तारी के बाद सिमरन शर्मा को अखनूर अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया। इसके बाद उसे अखनूर मुंसिफ कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने मध्य प्रदेश पुलिस की रिमांड मंजूर कर ली। इसके बाद आरोपी युवती को आगे की जांच के लिए मध्य प्रदेश ले जाया गया है।
हो सकती हैं और भी गिरफ्तारियां
यह मामला एफआईआर थाना रतलामपुरी मध्य प्रदेश में दर्ज है। आरोपियों पर धारा 318(4), 319(2), 308 बीएनएस और आईटी एक्ट की धारा 66(सी) व 66(डी) के तहत कार्रवाई की जा रही है। एमपी साइबर पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े बैंक खातों, कॉल डिटेल्स और डिजिटल ट्रांजेक्शन की गहनता से जांच कर रही है।